किस्सा राजा गोपीचंद(लेखराज चौहान) गायक सत्ते फरमाना 21 पिताजी तूं मतना जावै,करले कुछ ख्याल हमारा
ड्योढ़ी पर हुये शोर को सुणकर गोपीचन्द की कई लड़कियां वहां पर पहुंच जाती हैं और अपने पिता की कोळी भर लेती है लेकिन गोपीचन्द उन्हें दूर रहने को कहता है और डेरे में वापिस जाने की कहता हुआ बाहर निकलने लगता है तो उसकी बड़ी बेटी वेदवती उससे महल में रहने की गुहार लगाती है और उसे पति व पिता की जिम्मेवारियाँ निम्भाने को कहती हुई उसे बिना पति की पत्नियों और बिना पिता की पुत्रियों को होने वाली कठिनाइयाँ बताती हुई क्या कहती है। गाणा न 21 गोपीचन्द की बड़ी बेटी वेदवती पिता को (तर्ज़:साधारण दौड़) पिताजी तूं मतना जावै,करले कुछ ख्याल हमारा (टेक) राज छोड़ कै जोग ले लिया कर रहा मोटा चाळा सै घर में कोए पुरुष नहीं बता राज का कौण रूखाळा सै ख्याल छोड़ दे डेरे का ईब जावण का कति टाळा सै तेरे बिना तेरी राणी रोवैं यू तै होरा ब्योंत कुढाळा सै बात सुणी इन्हे चक्र आगे ना ईब तक होश संभाळा सै देख लिए पिता थोड़े दिन में इनकी ज्यान का गाळा सै तूं ही बता पिता तेरे बिना,इन्हैं ईब देवै कौन सहारा (1) क्यों लिया तनै जोग पिताजी बात समझ में आई ना तेरे मन में बहम बाड़ दिया कुछ भी दिया दिखाई ना तूँ सारे जग में घूम लिए तनै बहम की मिलै दवाई ना कौण बणैगा राज का मालिक म्हारा एक भी भाई ना जब तक ना हो म्हारा भाई के करणी ठीक समाई ना खामैखा तनै पैदा करदी के मिटणी चाहिए खाई ना अपणा फर्ज़ निम्भादे पिताजी तूं मतना करै किनारा (2) बेशक हम राजा की बेटी यहां रहैं सदा महमान नहीं सदा एक से दिन रहंगे हमें मिल रहा कोई वरदान नहीं दुनियादारी भरी सै छळ की जीणा भी आसान नहीं अबला नारी जात हमारी हम पुरुषों से बलवान नहीं कौण सही और कौण गलत सै इसका भी हमें ज्ञान नहीं याणी उम्र हमें भले बुरे की होती सही पहचान नहीं बिना बाप की बेटी नै तै यू होज्या सै संकट भारा (3) राजमहल में रहणा सै तनै अपणा मन समझाईए तूं जोग लेण का फायदा कोन्या उसतै ध्यान हटाईए तूं बणकै जिम्मेदार पति पिता अपणा फर्ज़ निंभाईए तूं राणी और बेटी दुख पावैं यू इनका मन बहलाईए तूं फिर भी पेटा नहीं भरै तै छोटी मकड़ौली में जाइए तूं अपने गुरु हरदेवासिंह जी का जाकै ध्यान लगाईए तूं लेखराज सुण बचा नहीं सै बाकी और कोए चारा (4)

एक दूधवाला पति गली में अपमानित हुआ, 10 साल बाद कलेक्टर बनकर लौटा तो सच खुल गया

किस्सा राजा गोपीचन्द(लेखराज चौहान )गायक सत्ते फरमाना 05 देखकै तेरा शरीर पूत मेरे वा याद पुराणी आई थी

किस्सा राजा गोपीचंद (लेखराज चौहान) गायक सत्ते फरमाना 27 मन में नहीं जरै थी बिल्कुल तूं भाई न्यू भी

गोगा जी के पिछले जन्म की कथा| raja parikshit ki kahani | navalde ki katha |मास्टर तेरसेम नाथ पार्टी

किस्सा राजा गोपीचंद (कवि लेखराज चौहान) गायक सत्ते फरमाना,18.मेरै भीख घाल दे माई, तेरे दर पै अलख जगाई

किस्सा भगत पूर्णमल , कवि लेखराज चौहान गायक सत्ते फरमाना 12 डूब गई कती मात री ,बेटे पै नीत डिगावै

किस्सा भगत पूर्णमल कवि लेखराज चौहान, गायक सत्ते फरमाना , 2 इसी घड़ी में पुत्र जन्मा या पड़गी बात बताणी

एक जमाने में इस जोड़ी #और इस रागनी ने भी धुम्मा ठाया # बीनू चौधरी+रणबीर बड़वासनी #आरी प्रची मील की

🚩 भोले की बारात आगी हिमाचल के बाग में | सुपरहिट रागनी 🎤🙏 ##smtemple #countrysideveer

जंगल में के काम शहर की छोरी का दिल्ली के गुंडो से डर गया रमेश कलावड़िया#bawanikhera #starmus#rangkat

Billu Sharma Ruined It/An Absolute Showstopper Competition/Suresh Hadoli and Deepak Chidiya/UP Co...

किस्सा राजा गोपीचंद कवि लेखराज चौहान गायक सत्ते फरमाना 23 तनै कोन्या झूठ भकाऊँ मैं,

ताबड़तोड़ असली रंगकाट | किसने तोडा दम कौन रहा कम | नरेंद्र दांगी & सुरेश निंदाणा | Mokhra Ragni 2026

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जाहरवीर गोगाजी महाराज की अमर जन्म कथा भाग 01 || Gogaji ki amar janm ktha || गायक पवन बेनीवाल

किस्सा राजा गोपीचंद (लेखराज चौहान) गायक सत्ते फरमाना, 19 जोगी का बाणा करकै तनै खटकाया सै द्वार मेरा

रमेश कलावड़िया व विकास पासोरिया फिर से जबरदस्त चुटकुलो के साथ आर पार के रँगकाट के साथ । मोहमदपुर जाट

पहली बार डुएट रागनी | कृष्ण शर्मा और रोशनी खान | आजाद नगर | #duet #ragni2026 @asmusicharyanvi25

गोगाजी लाइव जागरण | खिराज दादा का उमावा | Gogaji umava | बलवीर रणवीर जौड़ा भाई

