रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 33 - अक्रूर द्वारा यशोदा व नन्द को कृष्ण जन्म के रहस्य बताना

भक्त को भगवान से और जिज्ञासु को ज्ञान से जोड़ने वाला एक अनोखा अनुभव। तिलक प्रस्तुत करते हैं दिव्य भूमि भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थानों के अलौकिक दर्शन। दिव्य स्थलों की तीर्थ यात्रा और संपूर्ण भागवत दर्शन का आनंद। Watch the video song of ''Darshan Do Bhagwaan'' here -    • दर्शन दो भगवान | Darshan Do Bhagwaan | Sur...   Ramanand Sagar's Shree Krishna Episode 33 - Yashoda of Akrur seeking permission to take Nandarai with Krishna अक्रूर गोकुल जाकर नन्दराय से कहते हैं कि महाराज कंस ने कृष्ण को बुलाया है और यह राजाज्ञा है। नन्दराय ऐसा करने से इनकार कर देते हैं तब अक्रूर उन्हें कलेजा चीर देने वाला सत्य बताते हैं कि कृष्ण उनका और यशोदा का पुत्र नहीं है और कंस ने कृष्ण के वास्तविक माता पिता की सहमति लेकर उसे मथुरा बुलाया है। अक्रूर की बातों पर नन्द को विश्वास नहीं है। वे अक्रूर से चले जाने को कहते हैं। तभी यशोदा भी नन्द की तेज आवाज सुनकर वहाँ पहुँचती हैं। नन्द प्रभु की प्रतिमा के सामने अपने मन की व्यथा कहते हैं और यशोदा को भी अक्रूर द्वारा कृष्ण के बारे मे कही बात बताते हैं। यशोदा विचलित भी हो उठती हैं। रोहणी अक्रूर से उनकी बात का प्रमाण माँगती हैं। अक्रूर पूछते हैं कि क्या उन्होंने कृष्ण का जन्म होते देखा था। रोहणी स्वीकार करती हैं कि जब वे यशोदा के कक्ष में गयी थीं, तब कृष्ण का जन्म हो चुका था और यशोदा प्रसव पीड़ा से बेहोश पड़ी थीं। नन्द भी स्वीकार करते हैं कि उस समय वे सोये हुए थे। तब अक्रूर कहते हैं कि यशोदा ने एक बालिका को जन्म दिया था जिसे चुपके से वसुदेव ने अपने पुत्र कृष्ण से बदल दिया था और वो बालिका कंस को सौंप दी गयी थी। जब कंस ने उस बालिका का वध करना चाहा तो वह उसके हाथों से छूटकर आकाश में चली गयी थी और उसने अष्टभुजा देवी का रूप धारण कर कंस से कहा था कि उसे मारने वाला कोई और है जो इस धरती पर जन्म ले चुका है। यह कहकर देवी अदृश्य हो गयी थी। अक्रूर को विश्वास नहीं होता कि वसुदेव अपनी बेड़ियाँ तोड़कर कारागार से कैसे बाहर निकले होंगे। तब अक्रूर कहते हैं कि उन्हें इस बात पर उसी तरह विश्वास कर लेना चाहिये, जिस प्रकार महामाया ने देवकी के गर्भ का संघर्षण करके बलराम को रोहणी के गर्भ में स्थापित कर दिया था। नन्द अक्रूर की प्रतिरोध करते हुए कहते हैं कि इस बारे में यशोदा ने स्वप्न देखा था और उनके गुरु शाण्डिल्य ने इस स्वप्न को सच बताया था। इस पर अक्रूर कहते हैं कि उनकी इस बात को भी सच माना जाय क्योंकि इसे स्वयं वसुदेव ने उन्हें बताया है जो कभी झूठ नहीं बोलते हैं। अक्रूर बताते हैं कि कृष्ण को कंस के हवाले कर देने के पीछे देवकी की बहुत बड़ी विवशता है। उन्होंने यशोदा को सन्देशा भेजा है कि वह अपने पति के प्राणों की रक्षा के लिये उनसे अपना पुत्र वापस माँग रही हैं। कृष्ण जन्म का यह सच यशोदा पर वज्रपात करता है। वह अचेत होकर नन्द के बाहों में झूल जाती हैं। यह रात बहुत भारी है। अक्रूर अपने इस दायित्व को निर्वाह करते हैं लेकिन उनके मन पर बोझ है। नन्द और यशोदा का जीवन उजड़ा सा दिखने लगता है। कंस के कारागार में बैठी देवकी मानो पत्थर सी जड़ चुकी हैं। कृष्ण की दोनों माताओं का हाल बेहाल है। एक को पुत्र विरह की पीड़ा हो रही है तो दूसरी के मन में तमाम आशंकाए घिर रही हैं क्योंकि वह जानती है कि कंस उसके पुत्र के साथ क्या व्यवहार करने वाला है। कंस भी अपने महल में बेचैन जाग रहा है। वह सशंकित है कि अक्रूर कृष्ण को ला भी पायेगा अथवा नहीं। उधर गोकुल में नन्दराय के घर अक्रूर का गुप्तचर आकर आगे की योजना अमल में लाने के बारे में पूछता है। गोकुलवासियों में चर्चा फैलती है कि अक्रूर गोकुल में क्या करने आये हैं। मथुरा में धनुर्यज्ञ की तैयारियाँ प्रारम्भ होती है। कंस के महल के गुप्त तहखाने में छिपाकर रखा गया शिव धनुष ढूँढ निकाला जाता है। कंस शिव धनुष को प्रणाम करता है। उसे धनुष के टूटने से होने वाले अपशगुन का स्मरण आता है। वह अपने चुने हुए सैनिकों को धनुष की रक्षा में तैनात करने का आदेश देता है। गोकुल में रोहणी अक्रूर से राजविद्रोह करने को कहती है किन्तु अक्रूर कहते हैं कि कृष्ण और बलराम को युद्ध कौशल में पारंगत करने के बाद राजविद्रोह की योजना पहले ही बना चुके थे किन्तु कंस ने उसके पहले ही कृष्ण को मथुरा बुला लिया है। अक्रूर बलराम की माता रोहिणी से कहते हैं कि महाराज कंस के सैनिक और गुप्तचर गोकुल में फैले हुए हैं। उन सबकी दृष्टि केवल कृष्ण पर है। अक्रूर कहते हैं कि रात के अन्धेरे में बलराम को किसी सुरक्षित स्थान पर भेज दिया जाय और कृष्ण को गोकुल में रहने दिया जाय। अगले दिन वो कृष्ण को अपने साथ मथुरा ले जायेंगे। इस पर यशोदा प्रतिवाद करती हैं कि उनके पुत्र कृष्ण की बलि ही क्यों चढ़ाई जा रही है। तब यशोदा भी वेश बदलकर रात के अंधेरे में कृष्ण को यमुना पार ले जाने की योजना बनाती है। किन्तु अक्रूर कहते हैं कि यशोदा ऐसा नहीं कर सकती हैं क्योंकि कृष्ण को मथुरा लाने की आज्ञा उनकी जननी देवकी दी है। तब यशोदा कहती हैं कि नौ माह गर्भ में धारण करने मात्र से देवकी कृष्ण की माता नहीं हो सकती। उन्होंने कृष्ण का लालन पालन किया है तो वे ही उसकी माँ हैं। और माँ होने के नाते पुत्र की रक्षा करना उनका धर्म है। अक्रूर कहते हैं कि यशोदा पूरे गोकुल की माता है। यदि वो कृष्ण की बलि नहीं चढ़ाती हैं तो वह अपने गोकुल के हर बच्चे के प्राण संकट में डाल देंगी। अक्रू कहते हैं कि कंस के सैनिक गोकुल को घेरे हुए हैं। यदि कृष्ण को मथुरा नहीं भेजा गया तो कंस के सैनिक गोकुल पर टूट पड़ेंगे। अक्रूर कहते हैं कि कंस के सैनिकों को धोखे में रखने के लिये पूरे गोकुल में सब कुछ सामान्य दिखना चाहिये। अक्रूर यशोदा को वचन देते हैं कि वह अपने प्राण दाँव पर लगाकर भी कृष्ण की रक्षा करेंगे। In association with Divo - our YouTube Partner #SriKrishna #SriKrishnaonYouTube

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 34 - बलराम और श्री कृष्ण का एक साथ मथुरा जाने का हठ
▶︎

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 34 - बलराम और श्री कृष्ण का एक साथ मथुरा जाने का हठ

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 35 - राधा ने श्री कृष्ण को मथुरा जाने से रोका
▶︎

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 35 - राधा ने श्री कृष्ण को मथुरा जाने से रोका

Sri Krishna EP 34 - बलराम और श्री कृष्ण की तैयारी | HQ WIDE SCREEN | English Subtitles
▶︎

Sri Krishna EP 34 - बलराम और श्री कृष्ण की तैयारी | HQ WIDE SCREEN | English Subtitles

खेत में काम छोड़ कीचड़ में खेलने लगे बाल कान्हा-राधा, मैया हुईं गुस्सा! || YMKN || Krishan leela
▶︎

खेत में काम छोड़ कीचड़ में खेलने लगे बाल कान्हा-राधा, मैया हुईं गुस्सा! || YMKN || Krishan leela

Jethalal Ne Fek Ke Mara Iyer Ko Nimbu ! |TMKOC Movies| Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah |
▶︎

Jethalal Ne Fek Ke Mara Iyer Ko Nimbu ! |TMKOC Movies| Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah |

Surya Dev को फल समझ कर उन्हें निगलने पहुँचे Maruti | Mahabali Hanuman |महाबली हनुमान | Hanuman Katha
▶︎

Surya Dev को फल समझ कर उन्हें निगलने पहुँचे Maruti | Mahabali Hanuman |महाबली हनुमान | Hanuman Katha

Garun Puran: मनुष्य का भाग्य कब लिखा जाता है❓| जैसा कर्म वैसा जन्म | Part 2 | Complete Garun Puran
▶︎

Garun Puran: मनुष्य का भाग्य कब लिखा जाता है❓| जैसा कर्म वैसा जन्म | Part 2 | Complete Garun Puran

दरबार में तेनाली ने किस सिख पर की चर्चा || तेनाली रामा - Tenali Rama ||
▶︎

दरबार में तेनाली ने किस सिख पर की चर्चा || तेनाली रामा - Tenali Rama ||

OMG – Oh My God! (2012) Full Movie | Akshay Kumar | Paresh Rawal | Comedy Drama | HD
▶︎

OMG – Oh My God! (2012) Full Movie | Akshay Kumar | Paresh Rawal | Comedy Drama | HD

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 33 - अक्रूर द्वारा यशोदा व नन्द को कृष्ण जन्म के रहस्य बताना
▶︎

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 33 - अक्रूर द्वारा यशोदा व नन्द को कृष्ण जन्म के रहस्य बताना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 36 - श्री कृष्ण ने दिये अक्रूर को अपने वास्तविक रूप के दर्शन
▶︎

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 36 - श्री कृष्ण ने दिये अक्रूर को अपने वास्तविक रूप के दर्शन

मइया यशोदा ने कर दिया कान्हा को गंजा, बलराम हँस-हँस कर हुए लोटपोट|| Yashomati Maiya K Nandlala
▶︎

मइया यशोदा ने कर दिया कान्हा को गंजा, बलराम हँस-हँस कर हुए लोटपोट|| Yashomati Maiya K Nandlala

भरे दरबार में गुरुवर Tathacharya क्यों पहनकर आए हैं नौलखा हार ? Tenali Rama - तेनाली रामा |
▶︎

भरे दरबार में गुरुवर Tathacharya क्यों पहनकर आए हैं नौलखा हार ? Tenali Rama - तेनाली रामा |

श्री कृष्ण बने गोवर्धन भगवान | श्री कृष्ण लीला
▶︎

श्री कृष्ण बने गोवर्धन भगवान | श्री कृष्ण लीला

रोज़ रात भगवद्गीता सुनें | Geeta Saar | Shree Krishna motivational speech |#krishnamotivation #geeta
▶︎

रोज़ रात भगवद्गीता सुनें | Geeta Saar | Shree Krishna motivational speech |#krishnamotivation #geeta

जब गणेश-कार्तिकेय ने लिया स्त्री रूप 😱 महादेव भी नहीं रोक पाए अपनी हंसी! | Vighnaharta Ganesh
▶︎

जब गणेश-कार्तिकेय ने लिया स्त्री रूप 😱 महादेव भी नहीं रोक पाए अपनी हंसी! | Vighnaharta Ganesh

कौरवों ने मत्स्यदेश पर हमला क्यों किया था? | Mahabharat Stories | B. R. Chopra | EP – 59
▶︎

कौरवों ने मत्स्यदेश पर हमला क्यों किया था? | Mahabharat Stories | B. R. Chopra | EP – 59

देखिए कैसे बाल कान्हा और मैया हवाई जहाज में मैगी खा रहे हैं || यशोमती मईया के नंदलाला |Krishan leela
▶︎

देखिए कैसे बाल कान्हा और मैया हवाई जहाज में मैगी खा रहे हैं || यशोमती मईया के नंदलाला |Krishan leela

श्रीमद भगवद गीता  5 विचार | गीता संस्कार संग्रह | पाप पुण्य आणि मृत्यु
▶︎

श्रीमद भगवद गीता 5 विचार | गीता संस्कार संग्रह | पाप पुण्य आणि मृत्यु

जब माता सती का हुआ अपमान: शिव का तांडव | Dharm Yoddha | Faisal Khan | Full EP 181 - 185
▶︎

जब माता सती का हुआ अपमान: शिव का तांडव | Dharm Yoddha | Faisal Khan | Full EP 181 - 185