sada sochti rehti hu mai । सदा सोचती रहती हूं मैं। पद रत्नाकर

सदा सोचती रहती हूं मैं--क्या दूं तुमको, जीवन धन!। जो धन देना तुम्हे चाहती, तुम ही हो वह मेरा धन।। तुम ही मेरे प्राणप्रिय हो, प्रियतम!सदा तुम्हारी मैं। वस्तु तुम्हारी तुमको देते पल-पल हूं बलिहारी मैं।। प्यारे!तुम्हे सुनाऊं कैसे अपने मन की सहित विवेक। अन्यों के अनेक, पर मेरे तो तुम ही हो, प्रियतम!एक।। मेरे सभी साधनों की बस, एकमात्र हो तुम ही सिद्धि। तुम ही प्राणनाथ हो बस, तुम ही हो मेरी नित्य समृद्धि।। तन-धन-जन का बंधन टूटा, छूटा, भोग-मोक्ष का रोग। धन्य हुई मैं, प्रियतम!पाकर एक तुम्हारा प्रिय संयोग।। परम पूज्य भाई श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार जी द्वारा रचित ग्रंथ श्री पद रत्नाकर, पद संख्या-611 #radhamadhav #shrikrishna #radhakrishna #vrindavan #barsana #geetavatika #gorakhpur #bhajanmarg #sadhanpath #premras #bhajandhara #padratnakar #jaijaipriyatam #prachi #shrinareshbhaiyajisnbn #gopigeet #venugeet #bhramargeet #krishnaleela #कृष्णजीकेसुंदरभजन #premanand #bhajankirtan #gurukripakevalam #bhaktisangeet #devotionalsongs #spiritualawakening #bhaiji #radhababa #shrihanumanprasadpoddarji #newleela #पदावली #vrindavanrasmahima #classicaldevotional #bhagwatgeeta #bhaktmaal #bhajanras #madhavkimadhuri

श्याम नहीं छिन आए सखी री। विरह भाव| पद संख्या-32
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श्याम नहीं छिन आए सखी री। विरह भाव| पद संख्या-32

Padratnakar-613, पद-रत्नाकर पदसंख्या-६१३, तुमसे सदा लिया ही मैनें
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Padratnakar-613, पद-रत्नाकर पदसंख्या-६१३, तुमसे सदा लिया ही मैनें

हंस कर लोट पोट हो जाओगे 🤣 इस कथा को सुन कर | Indresh Upadhyay ji
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हंस कर लोट पोट हो जाओगे 🤣 इस कथा को सुन कर | Indresh Upadhyay ji

JAGANNATH: श्री जगन्नाथ की संपूर्ण कथा | Bhagwan Jagannath Ki Katha | श्री जगन्नाथ और हनुमान
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Srila Prabhupada disciples panel discussion - Day 7 of 8  - ISKCON 60th Anniversary Week
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Srila Prabhupada disciples panel discussion - Day 7 of 8 - ISKCON 60th Anniversary Week

क्या हुआ जब द्वारिकाधीश Shri Krishna मिलने पहुंचे राधा जी से? सुनिए Dr Kumar Vishwas के अंदाज में!
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क्या हुआ जब द्वारिकाधीश Shri Krishna मिलने पहुंचे राधा जी से? सुनिए Dr Kumar Vishwas के अंदाज में!

भ्रमर गीत पूजय इंद्रेश उपाध्याय द्वारा श्री राधे
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भ्रमर गीत पूजय इंद्रेश उपाध्याय द्वारा श्री राधे

## पदरत्नाकर ##  केवल तुम्हें पुकारूं प्रियतम, देखूँ एक तुम्हारी ओर
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## पदरत्नाकर ## केवल तुम्हें पुकारूं प्रियतम, देखूँ एक तुम्हारी ओर

शरणागति -  Sharanagati - Pravachan by Shri Dnyanraj Manik Prabhu Maharaj
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शरणागति - Sharanagati - Pravachan by Shri Dnyanraj Manik Prabhu Maharaj

पद रत्नाकर || मेरी इस विनीत विनती को सुन लो || Meri is Vinit Vinti Ko Sun Lo || Padratnakar
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पद रत्नाकर || मेरी इस विनीत विनती को सुन लो || Meri is Vinit Vinti Ko Sun Lo || Padratnakar

अवगुन चित्त न धरो =सूरदास Avgun chit na dharo-Ayodhyadas
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अवगुन चित्त न धरो =सूरदास Avgun chit na dharo-Ayodhyadas

सौंप दिए मन प्राण तुम ही को l पद संख्या 454 l पद रत्नाकर l स्वर राखी तैलंग
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सौंप दिए मन प्राण तुम ही को l पद संख्या 454 l पद रत्नाकर l स्वर राखी तैलंग

इस लड़की  ने बहुत सुन्दर भजन  गाया आप  लोग  जरूर  सुने ।।#जय श्रीकृष्ण#जय श्रीराम #जय श्री राधा#
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इस लड़की ने बहुत सुन्दर भजन गाया आप लोग जरूर सुने ।।#जय श्रीकृष्ण#जय श्रीराम #जय श्री राधा#

First kirtans by Srila Prabhupada in Tompkins Square Park, New York 1966
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First kirtans by Srila Prabhupada in Tompkins Square Park, New York 1966

एक साल में इस मंत्र से भगवान के दर्शन होंगे। पूज्य श्री भाई जी। hanuman prasad poddar pravachan
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एक साल में इस मंत्र से भगवान के दर्शन होंगे। पूज्य श्री भाई जी। hanuman prasad poddar pravachan

मोर मुकुट झुकि शोभित कुंडल|Vrindavan Ras| Rasik Padavali
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मोर मुकुट झुकि शोभित कुंडल|Vrindavan Ras| Rasik Padavali

Maine Kabhi Na Chaha Tumko | Hanuman Prasadji Poddar | Padratnakar 114
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Maine Kabhi Na Chaha Tumko | Hanuman Prasadji Poddar | Padratnakar 114

Hey Prabhu Mujhe Bta Do Charnon Mein Kaise Aaun I स्वर पूज्य इंद्रेश महाराज जी
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Hey Prabhu Mujhe Bta Do Charnon Mein Kaise Aaun I स्वर पूज्य इंद्रेश महाराज जी

चलो चलो री किशोरी वृन्दावन में| रास आवाहन
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चलो चलो री किशोरी वृन्दावन में| रास आवाहन

पद रत्नाकर । पद संख्या 1121। छण भर नही छोड़ते मोहन।
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पद रत्नाकर । पद संख्या 1121। छण भर नही छोड़ते मोहन।