Padratnakar-613, पद-रत्नाकर पदसंख्या-६१३, तुमसे सदा लिया ही मैनें

#bhaiji #padratnakar #gitavatika #hanumanprashad #poddar #pujya #radhababa #gita #geetapress #geetapressgorakhpur #sethji #भाईजी #bhajan #marvadi #ratangarh #marvadibhajan श्रीराधाके प्रेमोद्गार श्रीकृष्णके प्रति हे प्राणेश्वर ! तुमसे मैंने सदा लिया- ही-लिया है, लेती-लेती मैं किसी क्षण थकी (अधायी) नहीं। तुमसे मुझको अपार प्रेम और सौभाग्य मिला, परंतु मैं तुमको कुछ भी नहीं दे सकी॥ १ ॥ मेरी त्रुटि अथवा दोष तुमने कभी नहीं देखे; तुम सदा ही देते रहे, देते-देते कभी थके-(अघाये) नहीं, अपना समस्त प्यार मुझपर उँडे़ल दिया॥ २॥ इसपर भी तुम कहते हो' हे प्यारी! मैं तुझको कुछ भी नहीं दे सका। तुम्हारे जैसी शील-स्वभाव और गुणोंसे युक्त नागरी एक तुम्हीं हो; मैं तुमपर बलिहारी न्योछावर हूँ ' ॥ ३ ॥ मैं अपने प्राण -प्रियतम तुमसे क्या कहूँ; मैं अपनी ओर जब देखती हूँ तो लाजके मारे गड़ जाती हूँ । प्यारे नन्दकिशोर! (मैं क्या कहूँ) मेरी प्रत्येक करनीमें तुमको प्रेमके ही दर्शन होते हैं। (यह तुम्हारी प्रेममयी दृष्टिका चमत्कार है !) ॥ ४ ॥

पदरत्नाकर पदसंख्या-418 Ab to kuch bhi nahi suhaave,
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पदरत्नाकर पदसंख्या-418 Ab to kuch bhi nahi suhaave,

पद रत्नाकर।पद संख्या 86।माधव मो सम कौन अभागी।
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पद रत्नाकर।पद संख्या 86।माधव मो सम कौन अभागी।

दुर्योधन राजा लगे धर्म को जेठ बहुत ही सुंदर भजन एक बार जरूर सुने
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दुर्योधन राजा लगे धर्म को जेठ बहुत ही सुंदर भजन एक बार जरूर सुने

पदरत्नाकर पद संख्या -४५४ सौंप दिये मन प्राण  padratnakar -454 की व्याख्या
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पदरत्नाकर पद संख्या -४५४ सौंप दिये मन प्राण padratnakar -454 की व्याख्या

🍁 Tumse Sada Liya Hi Maine तुमसे सदा लिया ही मैंने 🍁 Shodash Geet 12 | Pad Ratnakar 613 | पद रत्नाकर
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🍁 Tumse Sada Liya Hi Maine तुमसे सदा लिया ही मैंने 🍁 Shodash Geet 12 | Pad Ratnakar 613 | पद रत्नाकर

##पद रत्नाकर## केवल तुम्हें पुकारू प्रियतम, देखूँ एक तुम्हारी ओर
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##पद रत्नाकर## केवल तुम्हें पुकारू प्रियतम, देखूँ एक तुम्हारी ओर

पद रत्नाकर || मेरी इस विनीत विनती को सुन लो || Meri is Vinit Vinti Ko Sun Lo || Padratnakar
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पद रत्नाकर || मेरी इस विनीत विनती को सुन लो || Meri is Vinit Vinti Ko Sun Lo || Padratnakar

Pad-456 Sajani chalua piye पदरत्नाकर पद संख्या 456 चलुवा पिय के देस
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Pad-456 Sajani chalua piye पदरत्नाकर पद संख्या 456 चलुवा पिय के देस

स्वामिनी हे वृषभानु दुलारि ।श्रीराधा स्तुति।राग मालकोस। स्वर:राखी तैलंग।  पद रत्नाकर।
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स्वामिनी हे वृषभानु दुलारि ।श्रीराधा स्तुति।राग मालकोस। स्वर:राखी तैलंग। पद रत्नाकर।

पदरत्नाकर| पूज्य श्री भाई जी|परम पूज्य श्री हनुमान प्रसाद जी पोद्दार|जीवन मरण दुख सुख|
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पदरत्नाकर| पूज्य श्री भाई जी|परम पूज्य श्री हनुमान प्रसाद जी पोद्दार|जीवन मरण दुख सुख|

पदरत्नाकर पद- ६२ padratnakar - 62 आते हो तुम बार-बार
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पदरत्नाकर पद- ६२ padratnakar - 62 आते हो तुम बार-बार

Padratnakar -613 tumse sada liya hi mene, पदरत्नाकर पदसंख्या-६१३ षोडश गीत -12
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Padratnakar -613 tumse sada liya hi mene, पदरत्नाकर पदसंख्या-६१३ षोडश गीत -12

पद रत्नाकर-716|पूज्यश्रीभाईजी| पूज्य श्री हनुमान प्रसाद जी पोद्दार 🌼🙏🏻
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पद रत्नाकर-716|पूज्यश्रीभाईजी| पूज्य श्री हनुमान प्रसाद जी पोद्दार 🌼🙏🏻

षोडश गीत की साधना का वर्णन । पूज्य श्री राधा बाबा l
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षोडश गीत की साधना का वर्णन । पूज्य श्री राधा बाबा l

प्रियतम मीठी नित याद तुम्हारी आती
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प्रियतम मीठी नित याद तुम्हारी आती

जब गांधारी ने कृष्ण से पूछा— तुम चाहते तो महाभारत युद्ध रोक सकते थे! | 99% लोग नहीं जानते इसका उत्तर
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जब गांधारी ने कृष्ण से पूछा— तुम चाहते तो महाभारत युद्ध रोक सकते थे! | 99% लोग नहीं जानते इसका उत्तर

Maine Kabhi Na Chaha Tumko | Hanuman Prasadji Poddar | Padratnakar 114
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Maine Kabhi Na Chaha Tumko | Hanuman Prasadji Poddar | Padratnakar 114

अवगुन चित्त न धरो =सूरदास Avgun chit na dharo-Ayodhyadas
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अवगुन चित्त न धरो =सूरदास Avgun chit na dharo-Ayodhyadas

Meri is veenit vinati ko sun lo, मेरी इस विनीत विनती को  पदरत्नाकर पद संख्या-६०९
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Meri is veenit vinati ko sun lo, मेरी इस विनीत विनती को पदरत्नाकर पद संख्या-६०९

कैंची धाम आश्रम द्वारा प्रस्तुत अनुपम सुंदरकाण्ड
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कैंची धाम आश्रम द्वारा प्रस्तुत अनुपम सुंदरकाण्ड