AMRITHA SHENOY SINGING RAGAS MIYA MALHAR, PARAJ AND RAMDASI MALHAR CURATED BY MIHIR THAKORE

ACCOMPANISTS: TABLA- SWAPNIL BHISE HARMONIUM-DNYANESHWAR SONAWANE LYRICS: राग मियां की मल्हार १) बंदिश - विलम्बित तिलवाड़ा रचनाकार - 'अदारंग' फ़िरोज़ खान स्थायी करीम नाम तेरो तू साहेब सतार। अंतरा दुःख दलिद्र दूर कीजे, सुःख देहो सबन को, अदारंग बिनती करत, सुन लेहो सतार।। २) बंदिश - द्रुत एकताल रचनाकार - 'दिनरंग' पंडित दिनकर कैकिणी स्थायी कारी रे बदरिया दामिनी दमकत चमकत दधक उठत जिया मोरा अंग थर-थर कांपे। अंतरा घन गरजे मेहा बरसे, पी मिलन नैना तरसे, जाऊँ अब कैसे दिनरंग कहो मोरा मन धीरज धर-धर तापे।। ३) तराना - द्रुत तीनताल रचनाकार - 'दिनरंग' पंडित दिनकर कैकिणी ----------------------------------- राग परज १) पारम्परिक बंदिश ताल - विलम्बित झूमरा स्थायी घूंघट डो म्हाने खोलो ओ राजा हाथ न घालो में कई शाल ओढ़ावो। अंतरा दिन दिन रैन तुम बरसन लागो पिया हमसन रूसे, प्यार करत हुम्हे झिझकन लागे डार।। २) बंदिश - द्रुत तीनताल रचनाकार - 'सुजनदास' पंडित यशवंत महाले स्थायी सब आवोरी सहेलिया मोरा साजन आज घर आईला मंगल गावो हरवा गूँद लावोरी। अंतरा फूलन से आंगना सजावो मोतियन चौक पुरावो गावो बजावो रिझावोरी।। ----------------------------------- ३) राग रामदासी मल्हार रचनाकार - पंडित गोविन्द नारायण नातू ताल तीनताल स्थायी नन्ही नन्ही बूँद लगत सुखदायी आयी सावन की रुत नई सुहानी। अंतरा पपीहा की टेर कोयल की कूक सियरी बहेरी चले मन लुभानी।।