मंगल विहार | श्रद्धेय ब्र. रवींद्र जी ‘आत्मन्’ | Mangal Vihar
मंगल विहार मंगल विहार, मंगल विहार, श्री जिनवर का मंगल विहार। आनंद अपार, आनंद अपार, सबके ह्रदय में आनंद अपार ।।टेक।। जिनवर का दर्शन सब ही करेंगे, जन्म-जन्म के पाप हरेंगे। घर-घर में मंगलाचार ।।1।। जिनवर की भक्ति सब ही करेंगे, भाव विशुद्ध सहज ही रहेंगे। समझें समय का सार ।।2।। जिनवर की वाणी सब ही सुनेंगे,तत्त्वों का सम्यक् निर्णय करेंगे। रत्नत्रय का हो प्रसार ।।3।। जिनवर का संदेश सब जग में व्यापे, सम्यग्ज्ञान कला परकाशे। नाशेंगे पापाचार ।।4।। सभी आत्मा सिद्ध समान, द्रव्यदृष्टि से हैं भगवान। गूँजेगी जय-जयकार ।।5।। जिनराज मुनिराज जयवंत वर्तो, जिनवाणी जिनधर्म जयवंत वर्तो। वंदन अगणितबार ।।6।। • श्रद्धेय ब्र. रवीन्द्रजी 'आत्मन्' __________________________________________ Lyrics - Baal Br. Shree Ravindra Ji 'Aatman' Singer - Vandana Parakh, Rajnandgaon Studio - Vilas Digital Recording Studio, Rajnandgaon

पार्श्व प्रभु तव दर्शन से | ब्र. रवींद्र जी ‘आत्मन्’ | Parsva Prabhu Tav Darshan Se

#594. Don't Worry About Samyaktva (Right Belief), Types of Pratikraman/ 07/16 Afternoon/ Tyagi Vi...

नगरी हो सिद्धों सी...., अन्तर्ध्वनि षष्ठम पुष्प, पंडित संजीव जैन

मंगलमय निर्वाण की बेला | श्रद्धेय ब्र. रवींद्र जी ‘आत्मन्’ | MangalMay Nirvaan ki bela

सुखी जीवन जीने का उपाय : सुखी जीवन पुस्तक से : परिचर्चा

मुझे है स्वामी, उस बल की दरकरार | पं. नाथुरामजी | Mujhe Hai Swami Us Bal Ki Darkaar | Jain Bhajan

आनंद का दिन आयेगा आयेगा | ब्र. रवींद्र जी ‘आत्मन्’ | Aanand ka din aayega aayega| दीक्षा कल्याणक भजन

मंगल श्रृंगार - बा.ब्र. रविन्द्रजी ’आत्मन्’ Mangal Shringaar - B.B.RavindraJi Aatman

अन्तर्ध्वनि "षष्टम् पुष्प", रचना एवं स्वर — पंडित संजीव जैन

ऐ मेरे चेतन संभल | ae mere Chetan Sambhal | By Netal Jain

जीवन सूत्र - 57 | जीतें अपनी बुराइयों को | 17 JULY 2026 | Motivation |Aadityasagar ji | Pravachan |

अब जिनदीक्षा लेना चाहिए - लौकांतिक देव | ब्र. रवींद्र जी ‘आत्मन्’ | Ab jin diksha lena chahiye

SAMTA SODASHI || समता षोडशी || B.B.Ravindra Aatman || SINGER ANUBHAV JAIN INDORE || 2025 || #song

मंगल प्रवचन | Mangal Pravachan | 17 July 2026 | श्री सुधासागर जी महाराज | SSUDHAKALASH

दुनिया के सारे विघ्न खत्म ! जानिए परमात्मा से जुड़ने का वो परम सत्य | BK Sachin Bhaiji |

नंदीश्वर भक्ति | देवों जैसी सम्पदा की प्राप्ति होगी ,प्रतिदिन भक्ति भाव से सुने | जिनधर्म प्रभावना

“गुरु ही ब्रह्म — भय का अंत” | #guru #gurukripa #krishna #krishnabhakti

Bhavo Me Saralta Rahti Hai || भावो में सरलता रहती है || सौभाग्यमल जी कृत भजन

दो तरह के भगवान || डॉ. हुकमचंद जी भारिल्ल || डॉ. गौरव जैन सौगानी एवं श्रीमती दीपशिखा जैन सौगानी

