रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 41 - श्री कृष्ण और बलराम से ली नंद बाबा ने विदाई

Ramanand Sagar's Shree Krishna Episode 41 - Nandrai Baba bids farewell to Shri Krishna and Balaram श्रीकृष्ण कंस वध के बाद अपने नाना उग्रसेन को पुनः मथुरा का राजा बना देते हैं। पूरी मथुरा में उत्सव मनाया जाता है। मथुरावासी अभय हैं। वह अपने राजा और तारणहार के लिये अभिनन्दन गीत गाते हैं। अप्सराएं भी स्वर्ग में नृत्य करती हैं। उत्सव उपरान्त श्रीकृष्ण और बलराम अपने कक्ष में हैं। श्रीकृष्ण परेशान हैं। वह कहते हैं कि नन्दबाबा को विदा करने की घड़ी आ रही है। बलराम पूछते हैं कि इसमें मुश्किल क्या है। श्रीकृष्ण कहते हैं कि बाबा को विदा करना इतना सहज नहीं है। यदि हम उनके साथ गोकुल वापस जाते हैं तो जिस कार्य के लिये हम लोग पृथ्वी पर आये हैं, वो निष्फल हो जायेगा। इस मुश्किल घड़ी में उपाय खोजने के लिये कृष्ण महामाया को स्मरण करते हैं। महामाया के प्रकट होने पर कृष्ण उनसे कहते हैं कि नन्दबाबा के हृदय से ममता और मोह कुछ कम करके वहाँ ज्ञान के लिये स्थान बना दो ताकि उनके मन की उद्ग्निता शान्त हो जाय। तभी नन्दराय कृष्ण के कक्ष में आ जाते हैं। वह कृष्ण को गले लगाकर भावुक होते हैं और फफक कर रोने लगते हैं। नन्दराय कहते हैं कि पराये पुत्र से मोह लगाने के लिये मैं अन्दर से लज्जा महसूस कर रहा हूँ। किन्तु मैं अपने कान्हा से बिछड़ कर कैसे जिऊँगा। कृष्ण भी भावुक होकर प्रश्न करते हैं कि कौन कहता है कि मैं आपका पुत्र नहीं हूँ। मैंने अपनी जन्म देने वाले माता पिता को पहले कभी नहीं देखा था। आपने और यशोदा मैया ने ही लालन पालन करके मुझे बड़ा किया है। आप दोनों ही मेरे वास्तविक माता पिता हैं। कृष्ण सांत्वना देते हुए नन्द बाबा को बिस्तर पर बैठाते हैं, उन्हें अपने सीने से लगाते हैं और समझाते हैं कि हर माता पिता अपने पुत्र को बड़ा होने पर व्यापार अथवा देश सेवा के लिये दूर भेजते हैं। मैं भी अपनी मैया से बोलकर आया हूँ कि मैं अपने कर्तव्य पूरे करने के लिये निकला हूँ। मेरा रास्ता मत रोकिये। अपने कर्तव्य पूरे कर मैं वापस आऊँगा। नन्दराय को अपने श्रीकृष्ण की बातें कठोर किन्तु सच्ची लगती हैं। श्रीकृष्ण ज्ञान देते हैं कि इस संसार में सभी रिश्ते नाते मिथ्या हैं। सच है तो केवल नारायण। इसीलिये उन्हें सत्य नारायण कहा जाता है। नन्द बाबा श्रीकृष्ण से पूछते हैं कि लोग कहते हैं कि तुम भगवान हो, क्या तुम भगवान हो। इस पर श्रीकृष्ण कहते हैं कि हर जीव में भगवान है किन्तु भगवान के साक्षात दर्शन करने के लिये माया के जाल से बाहर निकल कर ज्ञान चक्षु से देखना होगा। श्रीकृष्ण से ज्ञान मिलने के बाद नन्दराय अपने आसू पोंछ लेते हैं और श्रीकृष्ण से कहते हैं कि मैं ईश्वर से प्रार्थना करूँगा कि तुम्हारा कर्तव्य पथ ही तुम्हारा कीर्ति पथ हो जाये। श्रीकृष्ण और बलराम नन्दबाबा के चरणों में दण्डवत प्रणाम करके आशीर्वाद लेते हैं। नन्दबाबा के विदा होने के बाद वसुदेव दोनों पुत्रों श्रीकृष्ण और बलराम को साथ लेकर ऋषि गर्ग के आश्रम जाते हैं। अपने अराध्यदेव को सम्मुख पाकर ऋषि परम आनन्दित होते हैं। भगवान स्वयं चलकर भक्त को दर्शन देने आये हैं। किन्तु इस समय वह मानव रूप में हैं सो वह ऋषि चरणों में पुष्प समर्पित कर प्रणाम करते हैं। ऋषि गर्ग उन्हें उठाकर अपने गले लगाते हैं। यह अनूठा दृश्य है। देखने वालों के लिये यह समझना कठिन है कि इस समय दोनों में कौन भक्त है और कौन भगवान। ऋषि गर्ग भगवान श्रीकृष्ण को जगत कल्याण करने का आशीर्वचन देते हैं। वसुदेव ऋषि गर्ग से कहते हैं कि परिस्थितियों वश दोनों बालकों का यज्ञोपवीत संस्कार नहीं हो सका था अतएव ऋषिवर शुभ मुहूर्त में कृष्ण व बलराम का यज्ञोपवीत संस्कार करके अपना शिष्य बना लें। ऋषि गर्ग कहते हैं कि श्रीकृष्ण व बलराम ऐसी परम आत्माएं हैं जिनके लिये शुभ अशुभ मुहूर्त का विचार करने के लिये आवश्यकता नहीं होती है। तथापि दो दिन बाद का दिन यज्ञोपवीत के लिये शुभ है। ऋषि परामानन्दित होते हैं कि उन्हें भगवान नारायण का गुरु बनने का अवसर प्राप्त हो रहा है। Produced - Ramanand Sagar / Subhash Sagar / Pren Sagar निर्माता - रामानन्द सागर / सुभाष सागर / प्रेम सागर Directed - Ramanand Sagar / Aanand Sagar / Moti Sagar निर्देशक - रामानन्द सागर / आनंद सागर / मोती सागर Chief Asst. Director - Yogee Yogindar मुख्य सहायक निर्देशक - योगी योगिंदर Asst. Directors - Rajendra Shukla / Sridhar Jetty / Jyoti Sagar सहायक निर्देशक - राजेंद्र शुक्ला / सरिधर जेटी / ज्योति सागर Screenplay & Dialogues - Ramanand Sagar पटकथा और संवाद - संगीत - रामानन्द सागर Camera - Avinash Satoskar कैमरा - अविनाश सतोसकर Music - Ravindra Jain संगीत - रविंद्र जैन Lyrics - Ravindra Jain गीत - रविंद्र जैन Playback Singers - Suresh Wadkar / Hemlata / Ravindra Jain / Arvinder Singh / Sushil पार्श्व गायक - सुरेश वाडकर / हेमलता / रविंद्र जैन / अरविन्दर सिंह / सुशील Editor - Girish Daada / Moreshwar / R. Mishra / Sahdev संपादक - गिरीश दादा / मोरेश्वर / आर॰ मिश्रा / सहदेव Cast / पात्र Sarvadaman D. Banerjee सर्वदमन डी. बनर्जी Swapnil Joshi स्वप्निल जोशी Ashok Kumar अशोक कुमार बालकृष्णन Deepak Deulkar दीपक डेओलकर Sanjeev Sharma संजीव शर्मा Pinky Parikh पिंकी पारिख Reshma Modi रेशमा मोदी Shweta Rastogi श्वेता रस्तोगी Paulomi Mukherjee पौलोमी मुखर्जी Sunil Pandey सुनील पांडेय Damini Kanwal दामिनी कँवल Sulakshana Khatri सूलक्षणा खत्री Shahnawaz Pradhan शाहनवाज़ प्रधान Vilas Raj विकास राज Sandeep Mohan संदीप मोहन Mona Parekh मोना पारेख़ Shashi Sharma शशि शर्मा Deepak Dave दीपक दवे Sagar Saini सागर सैनी Vijay Kavish विजय कविश Amit Pachori अमित पचोरि Pramod Kapoor प्रमोद कपूर Girish Pardeshi गिरीश परदेशी In association with Divo - our YouTube Partner #shreekrishna #shreekrishnakatha #krishna

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