०११७८ है जिनेन्द्र ! मैं जहाँ रहूँ मैं कहीं भी रहूँ लेकिन आपके चरणों की भक्ति सदा मुजे प्राप्त रहे!

BV78/128.2/Bol 342

०११८३  दृष्टि का विषय तो ध्रुव ज्ञायक ही है फिर भी ज्ञान विवेकवान है ! वो सब जानता है !
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०११८३ दृष्टि का विषय तो ध्रुव ज्ञायक ही है फिर भी ज्ञान विवेकवान है ! वो सब जानता है !

०११८२  सम्यक् दर्शन प्रगट करने से मुक्ति तक की विधि : पुरुषार्थ.. पुरुषार्थ.. पुरुषार्थ..
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०११८२ सम्यक् दर्शन प्रगट करने से मुक्ति तक की विधि : पुरुषार्थ.. पुरुषार्थ.. पुरुषार्थ..

०११७९  सुख कहाँ है ? जितनी स्वाधीनता उतना सुख ! स्वभाव में सुख है क्योंकि स्वभाव में थकान नहीं !
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०११७९ सुख कहाँ है ? जितनी स्वाधीनता उतना सुख ! स्वभाव में सुख है क्योंकि स्वभाव में थकान नहीं !

Shrut Parampara | Celebrating the Glorious Tradition of Jain Scriptures
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Shrut Parampara | Celebrating the Glorious Tradition of Jain Scriptures

हर पल रखना याद ,कि मैं ज्ञायक हूँ Lyricis - Br.Abhilasha ben,,,
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हर पल रखना याद ,कि मैं ज्ञायक हूँ Lyricis - Br.Abhilasha ben,,,

Stanislav Krapivnik: Russlands Wut kocht über – Steht ein EU-Russland-Krieg bevor?
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Stanislav Krapivnik: Russlands Wut kocht über – Steht ein EU-Russland-Krieg bevor?

सिंधी फिल्म_ "युग पुरुष सदगुरु साईं टेऊँराम" "YUG PURUSH SADGURU SAI TEOONRAM"  (Language Sindhi )
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सिंधी फिल्म_ "युग पुरुष सदगुरु साईं टेऊँराम" "YUG PURUSH SADGURU SAI TEOONRAM" (Language Sindhi )

०११३६ पर की विरक्तता,विभाव की तुज्झता लगे और आत्मा प्राप्ति की उत्कंठा जगे  तब अन्दर जाने प्रयास करे
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०११३६ पर की विरक्तता,विभाव की तुज्झता लगे और आत्मा प्राप्ति की उत्कंठा जगे तब अन्दर जाने प्रयास करे

श्री निहालचन्द जी सोगानी (कलकत्ता) का श्रीमति लक्ष्मीबेन द्वारा गुणानुवाद
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श्री निहालचन्द जी सोगानी (कलकत्ता) का श्रीमति लक्ष्मीबेन द्वारा गुणानुवाद

०११८१  ध्यान की पर्याय भी तेरे में नहीं फिर अब करना क्या है और किसका करना है ??
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०११८१ ध्यान की पर्याय भी तेरे में नहीं फिर अब करना क्या है और किसका करना है ??

०११७४  आत्मार्थी के जीवन में सम्यक्त्व में निमित्त ऐसे सद्गुरु की महिमा ! “मैं तो सेवक हूँ” !
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०११७४ आत्मार्थी के जीवन में सम्यक्त्व में निमित्त ऐसे सद्गुरु की महिमा ! “मैं तो सेवक हूँ” !

भव रोग रचनाकार - आ. बाल ब्रह्मचारी श्री रवीन्द्रजी 'आत्मन्'
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भव रोग रचनाकार - आ. बाल ब्रह्मचारी श्री रवीन्द्रजी 'आत्मन्'

Pujya Gurudevshri about Nihalchand Ji Sogani - Video 4
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Pujya Gurudevshri about Nihalchand Ji Sogani - Video 4

मोही मुनि की अपेक्षा निर्मोही ग्रहस्थ श्रेष्ठ । मुनि क्षमासागर जी महाराज । @aagamkeparipekshme
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मोही मुनि की अपेक्षा निर्मोही ग्रहस्थ श्रेष्ठ । मुनि क्षमासागर जी महाराज । @aagamkeparipekshme

०१०३३  आत्मा तो ज्ञाता है । ज्ञाता की ज्ञाताधारा को कोई रोक नहीं सकता !
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०१०३३ आत्मा तो ज्ञाता है । ज्ञाता की ज्ञाताधारा को कोई रोक नहीं सकता !

मृत्यु के समय क्या होता है? | What Happens at the Moment of Death? | Anandmurti Gurumaa
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मृत्यु के समय क्या होता है? | What Happens at the Moment of Death? | Anandmurti Gurumaa

०११३९ दुःख दूर करने का उपाय 👍🏻क्या वास्तव में आनंद की रुचि है 🤔
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०११३९ दुःख दूर करने का उपाय 👍🏻क्या वास्तव में आनंद की रुचि है 🤔

जीवन सूत्र - 40 कैसे बने अनुभवी || 19 JUNE  2026 || Motivation | Aaditya sagar ji | Pravachan ||
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जीवन सूत्र - 40 कैसे बने अनुभवी || 19 JUNE 2026 || Motivation | Aaditya sagar ji | Pravachan ||

०१०२६  बाहर से जितनी निवृत्ति लोगे उतना निवृत्त स्वरूप आत्मा के अंदर जा पाओगे ???🤔
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०१०२६ बाहर से जितनी निवृत्ति लोगे उतना निवृत्त स्वरूप आत्मा के अंदर जा पाओगे ???🤔

०११८०  अनादि काल से राग और आत्मा की उलझी गुत्थी को आख़िर सुलझानी कैसे ??
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०११८० अनादि काल से राग और आत्मा की उलझी गुत्थी को आख़िर सुलझानी कैसे ??