किस्सा भगत पूर्णमल कवि लेखराज चौहान गायक सत्ते फरमाना 4 पियाजी बात तेरी या नही हो समझ में आई
राजा की बात सुणकर राणी इंछरा दे सन्न रह जाती है । क्योंकि उसे मुश्किल से संतान पैदा हुई थी और वह उसे अपना दूध भी नहीं पिला सकती और उसके लाड प्यार भी नहीं कर सकती । राणी को अपने पुत्र की ज्यान भी खतरे में दिखाई पड़ती है और राजा को क्या कहती है । गाणा न. 4 राणी इंछरादे राजा को पियाजी बात तेरी या कति हो समझ में ना आई (टेक) इतने ज्यादा जतन करे ईब बुढ़ापे में जन्मा लाल कद की मन में सोच रही थी चूमूंगी मैं इसका भाल पैदा होते ही बता क्यूकर तूँ इसनै देगा भोंरे में डाल मात पिता बिन मनै बतादे कौण करैगा इसका ख्याल माँ का दूध जै नहीं मिला तै होज्यागा बुरा इसका हाल माँ और बेटा न्यारे रहंगे बणज्यागी या अज़ब मिशाल यू क्यूकर जिंदा रहज़्यागा जब पास नहीं रह माई (1) डूब गए वो पंडित सारे उन्हैं बता दिया यू अद्भुत दोष ऐसी भी नौबत आज्यागी मन में ना थी सौ सौ कोस यू बेटा मुझसे दूर रहैगा न्यूं सुणते ही मेरे उडगे होश जान बचाणी बेटे की न्यूं करदी मैं बिल्कुल खामोश मेरी बोलती बंद करदी बणा बहाना बिल्कुल ठोस बदल गई खुशी सारी गम में चीज लई हांगे तै खोश के बेरा म्हारे पुत्र की हो या इस में लिखी भलाई (2) घटी बधी जो बणैगी उसकी दोषी खुद को कह लूँगी जितने कष्ट मेरे पै आवैं खुशी खुशी सब गह लूँगी बेटे की जिंदगी की खातिर इसतै दूरी भी सह लूँगी ईश्वर जिस तरियाँ राखैगा मैं तै उसै ढाळाँ रह लूँगी जै मुझपै कोए दोष धरैगा मैं उसकी गेलाँ फह लूँगी जिस धारा में तूं बहगा मैं भी तेरी ए गेलां बह लूँगी और दूसरा रस्ता ईब मनै यू देता नहीं दिखाई (3) मेरे कर्म में खोट बणा मैं उसका फळ खुद भर लूँगी और किसे का दोष नहीं मैं आपै डूब और तर लूँगी सुख तै दिन इसके बीतैं मैं भजन हरी का कर लूँगी बारह साल तक बेटे खातर मन में धीरज धर लूँगी घूमण जा रहा मेरा बेटा मैं तै मन में धार सबर लूँगी जब मनै यू मिलै दोबारा मैं सारी काढ़ कसर लूँगी लेखराज तूँ तज चिंता नै, न्यूए करता रह कविताई (4)

सत्ते फ़रमानियाँ ने गाया गजब सम्पूर्ण किस्सा राजा हरीशचंद्र की रागनियां /लेखक - कवि लेख राज चौहान

किस्सा भगत पूर्णमल कवि लेखराज चौहान, गायक सत्ते फरमाना , 2 इसी घड़ी में पुत्र जन्मा या पड़गी बात बताणी

जीवते जी का मेल मरे पै किसका दावा हो सै - गायक - राजकिशन अगवानपुरिया

एक ईट सोने की भगत रामनिवास सुनारिया वाले

किस्सा भगत पूर्णमल कवि लेखराज चौहान गायक सत्ते फरमाना 1 हाथ जोड़ कै अर्ज़ करूं सूँ कर मुझ पै अहसान दिए

किस्सा राजा गोपीचंद (कवि लेखराज चौहान) गायक सत्ते फरमाना,18.मेरै भीख घाल दे माई, तेरे दर पै अलख जगाई

किस्सा भगत पूर्णमल, कवि लेखराज चौहान, गायक सत्ते फरमाना , 5 मेरी सेवा में लाग रहे तुम इतने नर नारी

Ek Yogi Jagavai || This bhajan by Kanchan Yadav has become popular all over India || If you hear ...

लिखण में लेख विधाता रे | LIKHAN MEIN LEKH VIDHATA RE || BHAGAT RAMNIWAS

किस्सा भगत पूर्णमल कवि लेखराज चौहान गायक सत्ते फरमाना 14 बेशक फांसी तुड़ा दिए तूँ मौत से नही डरूं मां

एक योगी अलख जगावे , माई भिक्षा दे घाल || sumit kalanaur || Guru Gorakhnath ka Super Hit Bhajan 2023

तेरी शान प कूरबान बाबा जी सुनील दुजानिया घरा विक्रमा बडगया दयानंद खेड़ी आसरा धुआंधार रागनी

किस्सा राजा गोपीचंद (लेखराज चौहान) गायक सत्ते फरमाना 27 मन में नहीं जरै थी बिल्कुल तूं भाई न्यू भी

तीन वचन पहलम ले राखे. गायक राजकिशन जी. कवि दादा मांगेराम जी. किस्सा ध्रुव भगत

सरल तोसाम कंपिटीशन।चोरी का धन ओस का पानी।गायक रमेश कलावड़िया chori ka dhan uska Pani#starmusicdatta

मत ना नंगी करो सभा में | Mat Na Nangi Karo Sabha Main | किस्सा – महाभारत | Ombati Dosa

सुनील दुजानिया हिट रागनी -Sunil dujaniya || Haryanvi ragni 2026.

Maharana Pratap।। महाराणा प्रताप।।Singer:-Ramniwas arya।। आर्य समाज भजन।। Arya samaj bhajan ।।

ये रागनी आजतक कोई कलाकार पूरी नहीं गा पाया !! दादा लख्मीचंद की 16 कली की रागनी !! @PureDesiRagni

