परदोष दर्शन से बचो | Pardosh Darshan Se Bacho

Shri Maharaj Ji informally explaining about 'kusang' and avoiding finding faults within others. (Mussoorie, 1990)

सबसे बड़ी सेवा क्या है | What Is The Greatest Seva
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सबसे बड़ी सेवा क्या है | What Is The Greatest Seva

Power of Devotional Sentiment (भावना के अनुसार फल मिलेगा) - (Mangarh, 1990s) || Shri Maharaj Ji
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Power of Devotional Sentiment (भावना के अनुसार फल मिलेगा) - (Mangarh, 1990s) || Shri Maharaj Ji

परनिंदा, परदोष-दर्शन से बचो
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परनिंदा, परदोष-दर्शन से बचो

प्रचारक/साधक प्रश्नोत्तरी: अंतःकरण शुद्धि एवं माया निवृत्ति के विषय में || Shri Maharaj Ji
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प्रचारक/साधक प्रश्नोत्तरी: अंतःकरण शुद्धि एवं माया निवृत्ति के विषय में || Shri Maharaj Ji

You Will Surely Find God, Just Erase Your Ego: Become the Observer, Not the Enjoyer | The Rare an...
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You Will Surely Find God, Just Erase Your Ego: Become the Observer, Not the Enjoyer | The Rare an...

Informal Explanations (Mangarh, 1979)
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Informal Explanations (Mangarh, 1979)

सावधान! संसार में ऐसे ही फँसते रहें तो डूबना तय है | Jagadguru Shri Kripalu ji Maharaj
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सावधान! संसार में ऐसे ही फँसते रहें तो डूबना तय है | Jagadguru Shri Kripalu ji Maharaj

Overcoming Worldly Desires (इच्छाओं पर वशीकरण) - (Vrindavan, 1990s) | Shri Maharaj Ji
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Overcoming Worldly Desires (इच्छाओं पर वशीकरण) - (Vrindavan, 1990s) | Shri Maharaj Ji

प्रचारक प्रश्नोत्तर १ | Preacher Q&A #1
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प्रचारक प्रश्नोत्तर १ | Preacher Q&A #1

गुरु का उपदेश सदा साथ रक्खो | Always Keep Guru's Divine Words In Mind
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गुरु का उपदेश सदा साथ रक्खो | Always Keep Guru's Divine Words In Mind

वृंदावन जनरल एवं प्रश्नोत्तरी: अभ्यास करना चाहिये ताकि मन में संसार न आने पावे || Shri Maharaj Ji
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वृंदावन जनरल एवं प्रश्नोत्तरी: अभ्यास करना चाहिये ताकि मन में संसार न आने पावे || Shri Maharaj Ji

रूपध्यान विज्ञान (सेवक सेव्य सिद्धांत) | The Science of Roopdhyan
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रूपध्यान विज्ञान (सेवक सेव्य सिद्धांत) | The Science of Roopdhyan

साधक प्रश्नोत्तरी एवं जनरल समझाना: भक्ति के बिना सब ज्ञान व्यर्थ है (Vrindavan) || Shri Maharaj Ji
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साधक प्रश्नोत्तरी एवं जनरल समझाना: भक्ति के बिना सब ज्ञान व्यर्थ है (Vrindavan) || Shri Maharaj Ji

दिन रात गंदी बातों का चिंतन होता है || क्या करें? || जगद्गुरूतम श्री कृपालुजी  || बार बार सुनें ||
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दिन रात गंदी बातों का चिंतन होता है || क्या करें? || जगद्गुरूतम श्री कृपालुजी || बार बार सुनें ||

True Spiritual Practice (वास्तविक साधना है फ़ील करना) - (Vrindavan, 1994) || Shri Maharaj Ji
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True Spiritual Practice (वास्तविक साधना है फ़ील करना) - (Vrindavan, 1994) || Shri Maharaj Ji

जगद्गुरु कृपालु जी महाराज जी के प्रवचनों में से एक अंश
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जगद्गुरु कृपालु जी महाराज जी के प्रवचनों में से एक अंश

साधक प्रश्नोत्तर १ (प्रचारक में गुरु भाव) | Sadhak Q&A #1 (Worshipping a Preacher as Guru)
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साधक प्रश्नोत्तर १ (प्रचारक में गुरु भाव) | Sadhak Q&A #1 (Worshipping a Preacher as Guru)

साधक प्रशोंत्तरी: क्या गुरु के रूप का रूपध्यान श्री कृष्ण में किया जा सकता है? || Shri Maharaj Ji
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साधक प्रशोंत्तरी: क्या गुरु के रूप का रूपध्यान श्री कृष्ण में किया जा सकता है? || Shri Maharaj Ji

कर्मयोग कर्मसंन्यास प्रवचन | Karmyog Karmsanyas (Practical Sadhana)
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कर्मयोग कर्मसंन्यास प्रवचन | Karmyog Karmsanyas (Practical Sadhana)

संसार एवं भगवद क्षेत्र में व्यवहार | Interacting In The World Versus The Divine Realm
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संसार एवं भगवद क्षेत्र में व्यवहार | Interacting In The World Versus The Divine Realm