Day-4 (P-05) भए प्रगट कृपाला दीनदयाला ॥ मस्तो की मस्ती ॥ मोरारी बापू ॥ राम कथा 660 @29/4/2008 कलानौर
Manas Amrit-।। Part. 01 Vol. 03 Morari Bapu. Ram Katha 660 @29/04/2008 सत जीन्दा कल्याणा आश्रम कलानौर श्रवनामृत जेहिं कथा सुहाई। कही सो प्रगट होति किन भाई॥ (सुंदर काण्ड) प्रभु बचनामृत सुनि न अघाऊॅ। तनु पुलकित मन अति हरषाऊॅ।। (उत्तर काण्ड) जय सियाराम जय जय सियाराम जय श्री सत जीन्दा कल्याणा जी सहाय 29 अप्रैल 2008 मंगलवार । चतुर्थ दिन. भाग 05 👉श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि। बरनऊं रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि। 👉जय जय जय हनुमान गोसाईं, कृपा करहु गुरु देव की नाई॥ 👉आइए हनुमंत विराजीऐ. कथा कहुँ मति अनूसार, प्रेम साहित गाद्दी धरू. पधारिए पवन कुमार। सियावर रामचंद्र के जय, रघुकुल रामचंद्र की जय , पवनसुत हनुमान के जय, उमापति महादेव के जय, बोलो भाई सब संतन के जय। 👉लोकाभिरामं रणरंगधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम्। कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचन्द्रं शरणं प्रपद्ये।। 👉मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतम् शरणं प्रपद्ये।।- रामरक्षास्तोत्रम् 👉 ब्रह्मलीन पुज्य पाद परम श्रद्धेय मंहन्त श्री जमना दास जी की हार्दिक इच्छा थी कि विश्व विख्यात श्रीराम कथा वाचक श्री मुरारी बापू जी अपने मुखारविंद से श्री सत जीन्दा कल्याणा आश्रम कलानौर - रोहतक (हरियाणा) में व्यासपीठ से श्रीराम कथा के माध्यम से ज्ञानोपदेश कर जनता का मार्ग दर्शन करें । नो दिवसीय (26 अप्रैल 2008 से 4 मई 2008) श्री मुरारी बापू जी की श्रीराम कथा का परम श्रद्धेय मंहन्त श्री हेमन्त दास जी ने अथक प्रयासों से मानस अमृत।। का आयोजन करवाया और ब्रह्मलीन पुज्य पाद परम श्रद्धेय मंहन्त श्री जमना दास जी के संकल्प को उनकी 17वी पुण्यस्मृति में मंहन्त श्री हरि दास जी की पुण्य स्मृति में करोड़ों लोगों को रामकथा श्रवण करवायी ! 29 अप्रैल 2008 मंगलवारवार को श्रीराम कथा के चतुर्थ दिन के पंचम भाग में बापूजी ने बताया कि ✍️जोग लगन ग्रह बार तिथि सकल भए अनुकूल। चर अरु अचर हर्षजुत राम जनम सुखमूल॥190॥ प्राणी के जीवन में 5 योग लग्न , वार ( वार ऐतबार) ग्रह (सद्गुरू का अनुग्रह) और तिथि हमारे जीवन में अनुकूल हो जाए तो समझो हमारे जीवन में कभी भी अवध की राम नवमी आ सकती है भगवान श्री राम जन्म कि जब सब ग्रह अनुकूल हो तो जीवन में मंगल ही मंगल होता है और तुलसीदास रचित श्री राम चरित मानस से ✍️नवमी तिथि मधुमास पुनीता, शुकुल पक्ष अभिजीत हरिप्रीता। मध्य दिवस अति सात न घामा, प्रकटे अखिल लोक विश्रामा..। ✍️सीतल मंद सुरभि बह बाऊ। हरषित सुर संतन मन चाऊ॥ बन कुसुमित गिरिगन मनिआरा। स्रवहिं सकल सरिताऽमृतधारा॥2॥ भावार्थ:-शीतल, मंद और सुगंधित पवन बह रहा था। देवता हर्षित थे और संतों के मन में (बड़ा) चाव था। वन फूले हुए थे, पर्वतों के समूह मणियों से जगमगा रहे थे और सारी नदियाँ अमृत की धारा बहा रही थीं ✍️सो अवसर बिरंचि जब जाना। चले सकल सुर साजि बिमाना॥ गगन बिमल संकुल सुर जूथा। गावहिं गुन गंधर्ब बरूथा॥3॥ भावार्थ:-जब ब्रह्माजी ने वह (भगवान के प्रकट होने का) अवसर जाना तब (उनके समेत) सारे देवता विमान सजा-सजाकर चले। निर्मल आकाश देवताओं के समूहों से भर गया। गंधर्वों के दल गुणों का गान करने लगे॥ ✍️बरषहिं सुमन सुअंजुलि साजी। गहगहि गगन दुंदुभी बाजी॥ अस्तुति करहिं नाग मुनि देवा। बहुबिधि लावहिं निज निज सेवा॥ भावार्थ:-और सुंदर अंजलियों में सजा-सजाकर पुष्प बरसाने लगे। आकाश में घमाघम नगाड़े बजने लगे। नाग, मुनि और देवता स्तुति करने लगे और बहुत प्रकार से अपनी-अपनी सेवा (उपहार) भेंट करने लगे॥ ✍️दोहा सुर समूह बिनती करि पहुँचे निज निज धाम।जगनिवास प्रभु प्रगटे अखिल लोक बिश्राम॥191 ✍️ठीक बारह बजते ही शंख, घंटा घड़ियाल तेज हो उठे। बापू जी ने कमान संभाली तो हर किसी जुबां से ✍️भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी। हर्षित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी लोचन अभिरामा तनु घनश्याम निज आयुध भुज चारी। भूषन बनमाला नयम बिसाला सोभासिंधु खरारी।। कह दुइ कर जोरी अस्तुति तोरी केहि बिधि करौं अनंता। माया गुन ग्यानातीत अमाना बेद पुरान भनंता।। करुना सुख सागर सब गुन आगर जेहि गावहिं श्रुति संता। सो मम हित लागी जन अनुरागी भयउ प्रगट श्रीकंता।। ब्रह्मांड निकाया निर्मित माया रोम रोम प्रति बेद कहै। मम उर सो बासी यह उपहासी सुनत धीर मति थिर न रहै।। उपजा जब ग्याना प्रभु मुसुकाना चरित बहुत बिधि कीन्ह चहै। कहि कथा सुहाई मातु बुझाई जेहि प्रकार सुत प्रेम लहै।। माता पुनि बोली सो मति डोली तजहु तात यह रूपा कीजै सिसुलीला अति प्रियशीला यह सुख परम अनूपा।। सुनि बचन सुजाना रोदन ठाना होइ बालक सुरभूपा। यह चरित जे गावहिं हरि पद पावहिं ते न परहिं भवकूपा बिप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार। निज इच्छा निर्मित तनु माया गुन गो पार॥192 ✍️मीनी हरिद्वार कलानौर की सिद्ध गुरूगद्दीयों के सभी महापुरष भी अपना आशीर्वाद देने पधारे !! #प्रवक्ता #SpokesPerson #Shri_Morari_Bapu_Ji #Organised_By Shri Jinda Sahib Dharmarth Trust (Regd) (Shri Sat Jinda Kalyana Aashram) #Venue Shri Sat Jinda Kalyana Aashram #Kalanaur - Rohtak (Hariyana) #VideoMaker #Sangeetni_Duniya के सौजन्य से राम सिया राम सिया राम जय जय राम, ____________________ #VideoLink 📸 • Day-4 (P-05) भए प्रगट कृपाला दीनदयाला ॥ मस... ____________________ #YoutubeChannel / jaishrisatjindakalyanashankerdang _____________________ #Facebook_Page / jaishrisatjindakalyanafamily _________________________________ #PART 01 LINK • Day-4 (P-1) कुरूक्षेत्र का संकल्प ॥ मोरार... #PART 02 LINK • Day-4 (P-02) साधन सिद्धि राम पग नेहू ॥ मोर... #PART 03 LINK • Day-4 (P-3) गुर सिष बधिर अंध का लेखा ॥ मोर... #PART 04 LINK • Day-4 (P-4) जा दिन तें हरि गर्भहिं आए ॥ मो... #PART 05 LINK • Day-4 (P-05) भए प्रगट कृपाला दीनदयाला ॥ मस... ___________________________

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वाह वाह मौज फक़ीरा दी॥ श्री हरिनाम संकीर्तन वृन्दावन ॥ श्री राहुल चौधरी जी॥ Live 04 June 2026 Day 3

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श्री राम जन्म की कथा को जिसने भी सुना उसका जीवन धन्य हो गया !! Shri Ram Janm Katha @PujyaRajanJee

मना चल वृन्दावन चलिए ॥ हरिनाम संकीर्तन॥ सुश्री निकुंज कामरा जी 3/6/26 वृन्दावन

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राजकोट गुजरात का पत्रकार आया था बागेश्वर सरकार को चुनौती देने, हालात खराब हो गई #rajkot #divyadarbar

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