बिना छत का चमत्कारी शिव मंदिर | 7 फुट का शिवलिंग | ताड़केश्वर महादेव मंदिर | गुजरात | 4K | दर्शन 🙏
हर हर महादेव, आप सभी भक्तों का हमारे कार्यक्रम दर्शन में तिलक परिवार की ओर से हार्दिक अभिनन्दन. भक्तो, भोले भंडारी भगवान शिव बहुत ही शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव हैं, कहा जाता है कि अति शीघ्र कार्य सिद्धि करनी हो तो भगवन शिव की उपासना करनी चाहिए और यदि बहुत धन वैभव की अभिलाषा हो तो भी भगवान शिव की उपासना से उसकी प्राप्ति भी सहज है, भारत वर्ष में भगवान शिव के अनेको दिव्य मंदिर हैं, इन्ही में आज हम आपको भगवान् शिव के अति दिव्य शिवलिंग स्वरूप के दर्शन करवाने जा रहे हैं, भगवान् शिव का ये स्वरुप लगभग सात फ़ीट लम्बी शिला के रूप में है, और भक्तो की समस्त अभिलाषाओं की पूर्ति करने वाला है, तो आइये दर्शन करते हैं "ताड़केश्वर महादेव मंदिर" के। मंदिर के बारे में: भक्तों, गुजरात के वलसाड ज़िले में अब्राम शहर के निकट वांकी नदी के तट पर स्थित है भगवान् भोलेनाथ को समर्पित "ताड़केश्वर महादेव मंदिर"... यह मंदिर लगभग 800 वर्ष प्राचीन ,मंदिर है तथा वलसाड ज़िले में ये सबसे पुरातन मंदिरो में से एक है। इस मंदिर की विशेषता है कि इस मंदिर का कोई शिखर या गुम्बद नहीं है वरन ये ऊपर से खुला हुआ है, सूर्य की किरणे मंदिर के अंदर सीधे शिवलिंग पर पड़ती है, इसीलिए इनको ताड़केश्वर महादेव के रूप में जाना जाता है। मंदिर का इतिहास भक्तों, गुजरात में वलसाड स्थित इस प्राचीन "ताड़केश्वर महादेव मंदिर" के विषय में कहा जाता है कि मंदिर में स्थित शिवलिंग शिला प्रथम बार मई सन 1215 में वांकी नदी के तट पर झाड़ियों में देखी गई तथा वहां के स्थानीय लोगो ने शिला पर अपना अधिकार जमा लिया पर एक दिन शिला से बहुत सारे विषैले ततैंये और अन्य विषैले जीव निकले उन्होंने वहां उपस्थित 60 लोगो को डंक मारा और वो सभी लोग विष प्रभाव से मर गए, उन् सभी लोगो को वहीँ दफना दिया गया। फिर एक दिन अब्राम के एक भक्त को स्वप्न में भगवान् शिव ने दर्शन दिए और उसे आज्ञा दी कि शिवलिंग को वांकी नदी के किनारे ले जाया जाये, इस शिवलिंग शिला को दो भक्त आसानी से उठा पाएंगे जहाँ ये भारी हो जाये उसी स्थान पर शिवलिंग की स्थापना कर दी जाए । कारणवश इसी स्थान पर मंदिर का निर्माण कराया गया, इस मंदिर की छत दो बार स्वयं नष्ट हुयी, एक बार आग लगने से दूसरी बार छत गिरने से. और जब तीसरी बार छत निर्माण कार्य प्रांरभ हुआ तो एक भक्त के स्वप्न में फिर से भगवन शिव ने दर्शन देकर आदेश दिया कि मै "ताड़केश्वर महादेव" हूँ , मुझे सूर्य का प्रकाश चाहिए, तथा मंदिर के ऊपर कोई भी छत या आवरण न बनाया जाए. इसीलिए फिर मंदिर की छत का निर्माण दोबारा कभी नहीं कराया गया, यहाँ मंदिर के गर्भ गृह से खुला आकाश दिखाई देता है, जिसमे लगभग 22 फ़ीट खुला घेरे का वृत्त है यहीं से सूर्य की किरणे सीधे शिवलिंग का अभिषेक करतीं हैं. कुछ वर्षों पूर्व मंदिर ट्र्स्ट द्वारा इस मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया. और इसे भव्य रूप प्रदान किया गया. मंदिर परिसर: भक्तो "ताड़केश्वर महादेव मंदिर" “बहुत ही सुन्दर और विशाल मंदिर है। मंदिर की शिल्पकला भी दर्शनीय है। मंदिर की दीवारों में विशेष प्रकार के पत्थर को तराशकर लगाया गया है, जो मंदिर की शोभा को और अधिक बढ़ाते है, मंदिर का प्रवेश द्वार भी अति आकर्षक है, मंदिर में प्रवेश के बाद सामने बहुत बड़ा प्रागंण है जिसमे हरियाली के साथ सुन्दर फूल और पौधो को देखकर मन प्रसन्न हो जाता है। अंदर मंदिर में प्रवेश के साथ ही मुख्य मंदिर में श्री ताड़केश्वर महादेव के दर्शन होते हैं, जो भक्तो की समस्त कामनाये पूर्ण करने वाले हैं. ताड़केश्वर महादेव के सामने नंदी जी विराजमान हैं। मंदिर में अन्य देवी देवताओ की भी भव्य मूर्तियां विराजमान हैं। भक्तो श्रावण मास में मंदिर परिसर के पास ही भव्य मेले का आयोजन भी होता है। मंदिर में मुख्य देव व अन्य देव मूर्तियां: गर्भ गृह में लगभग सात फ़ीट लम्बी शिला स्वरुप "श्री ताड़केश्वर महादेव " का जलाभिषेक और पूजा होती है , सामने माँ पार्वती जी का सुन्दर श्री विग्रह विराजित है, ताड़केश्वर महादेव के सामने बाहर की ओर श्री नंदी जी विराजमान हैं. मंदिर में श्री हनुमान जी और श्री गणेश जी की मुर्तिया भी विराजित हैं, ताड़केश्वर महादेव की पूजा के बाद भक्तजन, माँ पार्वती, गणेश जी, हनुमान जी, नंदी जी, और ब्रह्मा जी, नारायण जी की पूजा करते हैं। आरती का समय: भक्तो, वलसाड स्थित "ताड़केश्वर महादेव मंदिर" की आरती का आनंद आप प्रातः 5 बजे उठा सकते हैं... तथा संध्या आरती में सम्मिलित होने का समय 7 बजे है । Disclaimer: यहाँ मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहाँ यह बताना जरूरी है कि तिलक किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. श्रेय: लेखक: याचना अवस्थी #devotional #temple #tadkeshwarmahadevmandir #gujarat #hinduism # #tilak #darshan #travel #vlogs

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