# कबीरवाणी#निर्गुण#चढ़ि चला गगन अटरिया सेजरिया जहां साहेब की गायक -विजय कुमार "अनजान"
यह जीव अंत समय मे परमात्मा के समक्ष प्रस्तुत होता है और जीव के समस्त कर्मों का लेखा-जोखा होता है और जिस जीव का जैसा कर्म होता है ईश्वर उसे उसी प्रकार से सद्गति अथवा दुर्गति प्रदान करते हैं परमात्मा के समक्ष जीव कुछ झूठ नहीं बोल पाता है क्योंकि चित्र गुप्त द्वारा गुप्त रुप से खींचा गया चित्र सबसे बड़ा प्रमाण होता है जो जैसा कर्म करता है परमात्मा उसे उसी प्रकार का फल प्रदान करते है सच्चा ज्ञान तो गुरु देव भगवान द्वारा ही प्राप्त किया जा सकता है राम झरोखे बइठि के सब कर मोजरा लेइ जाकी जैसी चाकरी प्रभु वोका वइसन देइ गायक -विजय कुमार "अनजान"(तबला) गीतकार -राही संगीतकार -सूरजमनी (कीबोर्ड) संगम तिवारी 'दुर्वाषा'(आक्टोपैड) वीडियो -धर्मेंद्र कुमार बस्ती साउंड -धर्मेंद्र साउंड बस्ती #bhajan #भजन #चढ़िचलागगनअटरिया #सेजरियाजहांसाहबकी #भक्तिनिर्गुण #निर्गुण_भजन #निर्गुण #ट्रेन्डिगभजन #सुपरहिट_भजन #chadhi chala gagan atariya #nirgun #nirgun bhajan #trending video #vijay kumar anjan #avadhi geet #anokha nirgun geet #विजयकुमारअनजान #sejariya jhan saheb ki #bhakti nirgun geet #hit video song #trending nirgun geet #geet - rahi #बेहतरीननिर्गुनभजन #सुन्दरभजन

आध्यात्मिक निर्गुण भजन | बिना जागे ना पइहो सजन सखिया | गायक - विजय कुमार"अनजान"| गीतकार - कबीर साहब

द्रोपदी ने कृष्ण को पुकारा।।#भोजपुरी_पूर्वी।।कन्हैया तमाशा देखब।देव कुमार सिंह।Deo Kumar Singh।#live

निर्गुण भजन | मन ना रंगाया, रंगाया जोगी कपड़ा | गायक - विजय कुमार 'अनजान'

ए बम-भोले कैलाश गिरि के बसैया ((9450249090))

#निर्गुण_भजन | विदुर घरे साग रोटी खाई | #Munna Sharma Vyas | Krishna Bhajan | Krishna Bhajan Nirgun

#ट्रेंडिंग #वायरल भजन# हम सब माटी के खिलौने हैं गायक-विजय कुमार" अंजान"

बाबा हो तोर मतिया भुलइली। स्वर- विजय कुमार राउत।

दुलरा अलगा भैलह #भोजपुरी भजन #पूज्य संत श्री गौरव साहेब जी

#विदेशिया_निर्गुण |माया के नगरिया मे केहू नाही अपना विदेशिया निर्गुण सिंगर अमरजीत यादव |Nirgun geet

हरि नाम भजले मनवां उद्धार होई गायक व गीतकार -विजय कुमार "अनजान"

मो सम कौन बड़ा परिवारी | निर्गुण भजन | गायक - विजय कुमार"अनजान" | गीत - कबीर साहब

निर्गुण भजन | मोरा हीरा हेराइ गये कचरे में | गायक- विजय कुमार"अनजान" | गीतकार- कबीरदास|

मिली लेहो सखिया समाद अयले हे ससुरा से,दुआरी पर बैठल पति हे मोर,समदन।।भजन#स्वर_पलटू_दास,#Paltu_Das11

#bhajan ट्रेंडिंग #संत वाणी#अध्यात्मिक #योग# भजन# चदरिया झीनी रे झीनी गायक- विजय कुमार अनजान

निर्गुण भजन।। भोजपुरी निर्गुण।। तोहरा से राजी ना ए बलम जी।। gayak Dharm dev yadav।। तीन चीज मंगवाइद

#ट्रेंडिंग#शिव कृपा#बमा बम भोले शंकर गले में नाग भयंकर, गायक -विजय कुमार "अनजान "

भजन l पकड़े गए कृष्ण भगवान l गायक - विजय कुमार "अनजान"

मत सोना मुसाफिर नीद भरी | गायक - विजय कुमार"अनजान" | गीत - ब्रम्हानंद जी

85 वर्ष के उम्र में भी क्या गायकी है लगता है की माँ सरस्वती विराजमान है |परिवारिक फर्माइश सावन कजरी

