| Jhansi Fort | Jumping Point* क्यों झांसी की रानी अपने बेटे दामोदर को लेकर इतनी ऊंचाई से कूदी थी?

| Jhansi Fort | Jumping Point* क्यों झांसी की रानी अपने बेटे दामोदर को लेकर इतनी ऊंचाई से कूदी थी? #JhansiFort #झांसीकिला #Gyanvikvlogs #JhansiQila #HistoricalPlaces #Bundelkhand #Historicalvideos #heritageofJhansi #historyofJhansiQila 📌Other Parts of JHANSI FORT:-- PART 1:--    • | Jhansi Fort | 8 दिन की गोलाबारी के बावजू...   PART 2:--   • | Jhansi Fort | भूलभुलैया वाला पंचमहल,1857...   PART 3:--   • | Jhansi Fort | Jumping Point* क्यों झांसी...   You can join us other social media 👇👇👇 💎INSTAGRAM👉  / gyanvikvlogs   💎FB Page Link 👉  / gyanvikvlogs   रानी पर जानलेवा हमला:-- एंटोनिया फ़्रेज़र अपनी पुस्तक, 'द वॉरियर क्वीन' में लिखती हैं, "तब तक एक अंग्रेज़ रानी के घोड़े की बगल में पहुंच चुका था. उसने रानी पर वार करने के लिए अपनी तलवार ऊपर उठाई. रानी ने भी उसका वार रोकने के लिए दाहिने हाथ में पकड़ी अपनी तलवार ऊपर की. उस अंग्रेज़ की तलवार उनके सिर पर इतनी तेज़ी से लगी कि उनका माथा फट गया और वो उसमें निकलने वाले ख़ून से लगभग अंधी हो गईं." तब भी रानी ने अपनी पूरी ताकत लगा कर उस अंग्रेज़ सैनिक पर जवाबी वार किया. लेकिन वो सिर्फ़ उसके कंधे को ही घायल कर पाई. रानी घोड़े से नीचे गिर गईं. तभी उनके एक सैनिक ने अपने घोड़े से कूद कर उन्हें अपने हाथों में उठा लिया और पास के एक मंदिर में ले लाया. रानी तब तक जीवित थीं. मंदिर के पुजारी ने उनके सूखे हुए होठों को एक बोतल में रखा गंगा जल लगा कर तर किया. रानी बहुत बुरी हालत में थीं. धीरे-धीरे वो अपने होश खो रही थीं. उधर, मंदिर के अहाते के बाहर लगातार फ़ायरिंग चल रही थी. अंतिम सैनिक को मारने के बाद अंग्रेज़ सैनिक समझे कि उन्होंने अपना काम पूरा कर दिया है. तभी रॉड्रिक ने ज़ोर से चिल्ला कर कहा, "वो लोग मंदिर के अंदर गए हैं. उन पर हमला करो. रानी अभी भी ज़िंदा है." उधर, पुजारियों ने रानी के लिए अंतिम प्रार्थना करनी शुरू कर दी थी. रानी की एक आँख अंग्रेज़ सैनिक की कटार से लगी चोट के कारण बंद थी. उन्होंने बहुत मुश्किल से अपनी दूसरी आँख खोली. उन्हें सब कुछ धुंधला दिखाई दे रहा था और उनके मुंह से रुक-रुक कर शब्द निकल रहे थे, "....दामोदर... मैं उसे तुम्हारी... देखरेख में छोड़ती हूँ... उसे छावनी ले जाओ... दौड़ो उसे ले जाओ." बहुत मुश्किल से उन्होंने अपने गले से मोतियों का हार निकालने की कोशिश की. लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाई और फिर बेहोश हो गईं. मंदिर के पुजारी ने उनके गले से हार उतार कर उनके एक अंगरक्षक के हाथ में रख दिया, "इसे रखो... दामोदर के लिए." रानी की साँसे तेज़ी से चलने लगी थीं. उनकी चोट से ख़ून निकल कर उनके फेफड़ों में घुस रहा था. धीरे-धीरे वो डूबने लगी थीं. अचानक जैसे उनमें फिर से जान आ गई. वो बोलीं, "अंग्रेज़ों को मेरा शरीर नहीं मिलना चाहिए." ये कहते ही उनका सिर एक ओर लुड़क गया. उनकी साँसों में एक और झटका आया और फिर सब कुछ शांत हो गया. झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अपने प्राण त्याग दिए थे. वहाँ मौजूद रानी के अंगरक्षकों ने आनन-फ़ानन में कुछ लकड़ियाँ जमा की और उन पर रानी के पार्थिव शरीर को रख आग लगा दी थी. उनके चारों तरफ़ रायफ़लों की गोलियों की आवाज़ बढ़ती चली जा रही थी. मंदिर की दीवार के बाहर अब तक सैकड़ों ब्रिटिश सैनिक पहुंच गए थे. मंदिर के अंदर से सिर्फ़ तीन रायफ़लें अंग्रेज़ों पर गोलियाँ बरसा रही थीं. पहले एक रायफ़ल शांत हुई... फिर दूसरी और फिर तीसरी रायफ़ल भी शांत हो गई. जब अंग्रेज़ मंदिर के अंदर घुसे तो वहाँ से कोई आवाज़ नहीं आ रही थी. सब कुछ शांत था. सबसे पहले रॉड्रिक ब्रिग्स अंदर घुसे. वहाँ रानी के सैनिकों और पुजारियों के कई दर्जन रक्तरंजित शव पड़े हुए थे. एक भी आदमी जीवित नहीं बचा था. उन्हें सिर्फ़ एक शव की तलाश थी. तभी उनकी नज़र एक चिता पर पड़ी जिसकीं लपटें अब धीमी पड़ रही थीं. उन्होंने अपने बूट से उसे बुझाने की कोशिश की. तभी उसे मानव शरीर के जले हुए अवशेष दिखाई दिए. रानी की हड्डियाँ क़रीब-क़रीब राख बन चुकी थीं. इस लड़ाई में लड़ रहे कैप्टन क्लेमेंट वॉकर हेनीज ने बाद में रानी के अंतिम क्षणों का वर्णन करते हुए लिखा, "हमारा विरोध ख़त्म हो चुका था. सिर्फ़ कुछ सैनिकों से घिरी और हथियारों से लैस एक महिला अपने सैनिकों में कुछ जान फूंकने की कोशिश कर रही थी. बार-बार वो इशारों और तेज़ आवाज़ से हार रहे सैनिकों का मनोबल बढ़ाने का प्रयास करती थी, लेकिन उसका कुछ ख़ास असर नहीं पड़ रहा था. कुछ ही मिनटों में हमने उस महिला पर भी काबू पा लिया. हमारे एक सैनिक की कटार का तेज़ वार उसके सिर पर पड़ा और सब कुछ समाप्त हो गया. बाद में पता चला कि वो महिला और कोई नहीं स्वयं झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई थी." रानी के बेटे दामोदर को लड़ाई के मैदान से सुरक्षित ले जाया गया. इरा मुखोटी अपनी किताब 'हीरोइंस' में लिखती हैं, "दामोदर ने दो साल बाद 1860 में अंग्रेज़ों के सामने आत्म समर्पण किया. बाद में उसे अंग्रेज़ों ने पेंशन भी दी. 58 साल की उम्र में उनकी मौत हुई. जब वो मरे तो वो पूरी तरह से कंगाल थे. उनके वंशज अभी भी इंदौर में रहते हैं और अपने आप को 'झाँसीवाले' कहते हैं." दो दिन बाद जयाजीराव सिंधिया ने इस जीत की खुशी में जनरल रोज़ और सर रॉबर्ट हैमिल्टन के सम्मान में ग्वालियर में भोज दिया. रानी की मौत के साथ ही विद्रोहियों का साहस टूट गया और ग्वालियर पर अंग्रेज़ों का कब्ज़ा हो गया. नाना साहब वहाँ से भी बच निकले, लेकिन तात्या टोपे के साथ उनके अभिन्न मित्र नवाड़ के राजा ने ग़द्दारी की. तात्या टोपे पकड़े गए और उन्हें ग्वालियर के पास शिवपुरी ले जा कर एक पेड़ से फाँसी पर लटका दिया गया.

| Jhansi Fort | भूलभुलैया वाला पंचमहल,1857 के महासंग्राम की गाथा सुनाता झांसी का किला! (Ep-2)
▶︎

| Jhansi Fort | भूलभुलैया वाला पंचमहल,1857 के महासंग्राम की गाथा सुनाता झांसी का किला! (Ep-2)

दुनिया के 10 सबसे रहस्यमयी कब्रें | Unsolved Mysteries | Mysterious Tombs
▶︎

दुनिया के 10 सबसे रहस्यमयी कब्रें | Unsolved Mysteries | Mysterious Tombs

गढ़कुंडार के तहखाने: 70 लोग गए, कोई वापस नहीं लौटा?  Ep.01  HISTORIQ
▶︎

गढ़कुंडार के तहखाने: 70 लोग गए, कोई वापस नहीं लौटा? Ep.01 HISTORIQ

Jhansi Fort History (in Hindi) | यहाँ से कूद गई थी रानी पुत्र के साथ
▶︎

Jhansi Fort History (in Hindi) | यहाँ से कूद गई थी रानी पुत्र के साथ

Amarnath Yatra 2026: Pahalgam Route Complete Guide | Pissu Top, Sheshnag, Panchtarni
▶︎

Amarnath Yatra 2026: Pahalgam Route Complete Guide | Pissu Top, Sheshnag, Panchtarni

| Janichor Gufa | सोने की मटकी लेकर ना जाने कहां गायब हो जाता था ? वो जानी चोर!! अभी चल रही है जांच!
▶︎

| Janichor Gufa | सोने की मटकी लेकर ना जाने कहां गायब हो जाता था ? वो जानी चोर!! अभी चल रही है जांच!

भीख माँगने आया था भिखारी। घमंडी सास ने अपनी ही विधवा बहू को भीख में दे दिया। फिर भिखारी ने जो किया,
▶︎

भीख माँगने आया था भिखारी। घमंडी सास ने अपनी ही विधवा बहू को भीख में दे दिया। फिर भिखारी ने जो किया,

🔥 1000 year old Vijaygarh Fort | The Secret of Bayana Fort 😱 | Rajasthan History Vlog 🏰
▶︎

🔥 1000 year old Vijaygarh Fort | The Secret of Bayana Fort 😱 | Rajasthan History Vlog 🏰

Orchha Fort History In Hindi With Guide | 1 राजा की 6 रानियों का 150 कमरे का महल
▶︎

Orchha Fort History In Hindi With Guide | 1 राजा की 6 रानियों का 150 कमरे का महल

| Gwalior fort | इस किले में मिला 500 वर्ष पुराना टेलीफोन और इसी के कुंड में जोहर किया था रानियो ने!
▶︎

| Gwalior fort | इस किले में मिला 500 वर्ष पुराना टेलीफोन और इसी के कुंड में जोहर किया था रानियो ने!

| Garhkundar | गढ़कुंडार है बेशुमार दौलत का भंडार, अचानक गायब हुई पूरी बारात का राज (Ep-3)
▶︎

| Garhkundar | गढ़कुंडार है बेशुमार दौलत का भंडार, अचानक गायब हुई पूरी बारात का राज (Ep-3)

भारत के 10 रहस्यमयी स्थान | 10 Most Mysterious Places in India Explained ,
▶︎

भारत के 10 रहस्यमयी स्थान | 10 Most Mysterious Places in India Explained ,

महाराष्ट्र का वो खौफ़नाक जंजीरा किल्ला जिसे महाराज  शिवाजी भी नहीं जीत पाए थे ?Janjira Fort history
▶︎

महाराष्ट्र का वो खौफ़नाक जंजीरा किल्ला जिसे महाराज शिवाजी भी नहीं जीत पाए थे ?Janjira Fort history

Agra Fort Detailed Tour With Guide In Hindi || आगरा फोर्ट || Agra Fort History
▶︎

Agra Fort Detailed Tour With Guide In Hindi || आगरा फोर्ट || Agra Fort History

दामोदर राव नेवलकर की कहानी | Jhansi  Rani's son | Damodar Rao newalkar ki kahani | prince of Jhansi
▶︎

दामोदर राव नेवलकर की कहानी | Jhansi Rani's son | Damodar Rao newalkar ki kahani | prince of Jhansi

Orcha Fort Full Tour (Raja Mahal Inside) | इतिहास, कला और रहस्य 😯
▶︎

Orcha Fort Full Tour (Raja Mahal Inside) | इतिहास, कला और रहस्य 😯

Impossible Places | World's Most Dangerous Extreme Homes on Earth You Can't Believe They Exist
▶︎

Impossible Places | World's Most Dangerous Extreme Homes on Earth You Can't Believe They Exist

440 कमरों वाला दतिया का रहस्यमई महल यहां आज तक कोई भी राजा नहीं रहा हैं
▶︎

440 कमरों वाला दतिया का रहस्यमई महल यहां आज तक कोई भी राजा नहीं रहा हैं

Kumbhalgarh Fort History(in Hindi) | कुम्भलगढ़ की दीवार और किला का इतिहास | World's 2nd Longest Wall
▶︎

Kumbhalgarh Fort History(in Hindi) | कुम्भलगढ़ की दीवार और किला का इतिहास | World's 2nd Longest Wall

Jhansi Fort | झाँसी किला | Jhansi Utter Pradesh
▶︎

Jhansi Fort | झाँसी किला | Jhansi Utter Pradesh