HIMALAYAN HIGHWAYS| चमोली में देव आस्था की तस्वीरें " मरोड़ा गाँव " MARODA VILLAGE| UTTARAKHAND|
@HIMALAYAN HIGHWAYS हिमालयन हाइवेज। HIMALAYAN HIGHWAYS आपने अक्सर एक कहावत सुनी होगी कि जमाना बदल गया। बदलते वक्त के साथ जीवनशैली में आये बदलाव पर यह कहावत तो सटीक बैठती है लेकिन बात जब उत्तराखण्ड के सुदृर क्षेत्रों में पौराणिक रीति-रिवाजों की हो तो यहां कुछ बदला नजर नही आता...... पहाड़ों में बसे गांवों में मौसमी फसल से लहलहाते खेतों के बीच से जब आप गांव में पहुंचते है तो यहां मकान भले ही आधुनिक शैली में बने नजर आते है लेकिन आज भी रास्ता उन्ही पुराने दिनों को याद करता है..... खानपान वेशभूषा और रहन सहन में भी बदलाव आया है लेकिन बात जब भी गांव की होती है तो पंचायत चौक पर उमड़ी भीड़ दर्शा जाती है कि जमाना भले बदल जाए लेकिन हम आज भी अपनी जड़ों के साथ मजबूती से जुड़े है..... नमस्कार हिमालयन हाइवेज के एक और एपिसोड में आपका स्वागत है। उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति के साथ जीवनशैली को दर्शाता हमारा खास कार्यक्रम आज पहुंचा है नारायणबगड़ विकासखंड में स्थित गडनी घाटी के गांव मरोड़ा। खूबसूरत गडनी घाटी के ऊंचाई वाले हिस्से में स्थित मरोड़ा गांव को देवी देवताओं का विशेष आशीष हासिल है और यहां धार्मिक आस्था की जड़े काफी गहरी नजर आती है। नारायणबगड़ से थराली जाने वाले सड़क मार्ग पर स्थित मींग गधेरे से मरोड़ा गांव को जोड़ने के लिए सड़क मार्ग बनाया गया है। ऊंचाई पर स्थित होने के चलते मरोड़ा गांव से आस पास का काफी बड़ा क्षेत्र बेहद खूबसूरत नजर आता है। आइए शुरू करते है मरोड़ा गांव का यह विशेष सफर इस लोकगीत के साथ..... गडनी घाटी में स्थित मरोड़ा गांव अतीत से ही खैरालिंग महादेव पर अपनी अटूट आस्था रखता आया है। पांडव देवताओं का इस पूरे क्षेत्र में विशेष प्रभाव है और मरोड़ा गांव भी पांडव देवताओं से जुड़े आयोजनों को आयोजित करने में हमेशा आगे रहता है। मरोड़ा गांव में मां भगवती का मंदिर स्थापित है स्थानीय लोगों के सहयोग से ग्रामीणों ने अब मन्दिर को भव्य रूप दिया है। गांव में धार्मिक आस्था को दर्शाते कई अन्य देवी देवताओं के मन्दिर भी है। इस क्षेत्र में पशुपालन हमेशा से जीवन का आधार रहा है ओर यहां लोगों की जीवनशैली पर इसका असर नजर आता है। मरोड़ा गांव के पहले हँसकोटी नीचे गडकोट ओर नौगांव स्थित है। घने जंगलों से लगे इस क्षेत्र में जीवन हमेशा से मुश्किलों से संघर्स का रहा है ओर आधुनिकता के बाद भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव यहां नजर आता है। बात इतिहास की करे तो मरोड़ा गांव में बसने वाले अधिकतर परिवार दूसरे स्थानों से यहां आकर बसे है और समय के साथ यहां आबादी बढ़ने के चलते गांव का विस्तार भी हुआ है। स्थानीय लोग मरोड़ा नाम रखने और यहां आबादी की बसावट को लेकर विस्तार से बताते है। देवी देवताओं पर विशेष आस्था मरोड़ा गांव की पहचान है और यहां मौजूद लोग अव भी अपनी इस पहचान को शहेजने ओर विस्तारित करने में जुटे है। लोकसंस्कृति हमेशा से सुदृर क्षेत्रों को एक दूसरे से जोड़ने का काम करती आई है और मरोड़ा गांव में लोकसंस्कृति के अतीत के रंग बेहद मनमोहक नजर आते है। स्थानीय महिलाए अपनी पौराणिक पहचान को सहेज कर आगे बढ़ाने में जुटी है। उत्तराखण्ड के लोकनृत्य ओर लोकगीत यहां अपने पूरे रंग में दिखते है। मरोड़ा गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली सम्पर्क सड़क अभी भी बेहद खराब हालत में है। सुदृर में स्थित इस गांव में आज भी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की आवष्टकता नजर आती है। शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार की समस्या से जूझते पहाड़ों में यही बुनियादी सुविधाओं का अभाव लोगों को पलायन के लिए मजबूर करता आया है। मरोड़ा गांव भी पलायन का दंश झेल रहा है ओर यह सिलसिला आगे भी जारी रहें तो कोई आश्चर्य नही होना चाहिए। गांव में सामाजिक कार्यक्रमों में ग्रामीणों की एकजुटता ओर एक दूसरे को सहयोग करने की भावना मरोड़ा गांव को लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देती आइ है और आगे भी देती रहेगी... मरोड़ा गांव में पांडव देवताओं के जीवन से जुड़ी घटनाओं को पांडव लीला के जरिये प्रस्तुत करने की परंपरा रही है साथ ही यहां पांडव देवताओं के जागर ओर अवतरित करने वाले व्यास भी बड़े नाम रहे है। स्थनीय क्षेत्र में जब भी पांडव देवताओ से जुड़े आयोजन होते है वहां ज्यादातर मरोड़ा गांव के रहने वाले व्यास बुलाये जाते रहे है। ढोल दमाऊं की थाप पर यहां देव नृत्य की तस्वीरें हर किसी को अभिभूत करती आई है । आज के इस सफर में इतना ही । हिमालयन हाइवेज के अगले एपिसोड में आप देखेंगे नारायणबगड़ विकासखण्ड में स्थित एक ओर खूबसूरत गांव सिलोड़ी। हरमनी बाजार के सामने पिंडर नदी के ठीक ऊपर ऊंचाई में स्थित सिलोड़ी गांव में अतीत से वर्तमान का सफर । यहां लोकसंस्कृति के रंग और पारंपरिक जीवनशैली के दृश्य। आपको हमारा यह एपिसोड कैसा लगा कृपया कमेंट कर अवश्य बताए साथ ही हमारे नए एपिसोड देखने के लिए हमसे जुड़े रहने के लिए हमारे चैनल को अवश्य सब्सक्राइब कीजियेगा। आप अपनी कीमती राय हमारे नीचे लिखे व्हाट्सअप नम्बर पर भी भेज सकते है। व्हाट्सप्प सम्पर्क- 9634544417 हिमालयन हाइवेज,उत्तराखंड,चमोली,नारायणबगड़,मरोड़ा गाँव, गढ़नी घाटी नारायणबगड़,चमोली के गाँव. गढ़वाली लोकगीत,उत्तराखंड लोकसंस्कृति, खांकर देव मंदिर, खैरालिंग महादेव मंदिर, पांडव जागर, पांडव नृत्य चमोली, नंदा जात यात्रा,नंदा जागर, HIMALAYAN HIGHWAYS, UTTARAKHAND,CHAMOLI,MARODA VILLAGE,GADHWALI GEET,NANDA JAAT YATRA, MY VLOG, UTTARAKHAND TOURISEM,KRISHNA JANMASHTHMI, MY VILLAGE,

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