विधाता भी क्या रचता है एक,नींद के लिएशीशी भर गोलियां खातीहै और दूसरीबिना गोली खाए नींदमें डूबजाती है
#गौरा पंत शिवानी, हिंदी साहित्य जगत में शिवानी एक महान शख्सियत हैं।साहित्य प्रेमी उनकी कहानियों और उपन्यासों के दीवाने रहे हैं। साहित्य-जगत में शिवानी ने अपनी कहानियों को एक ऐसे दरवाजे की तरह खड़ा किया जिसमें प्रवेश का आकर्षण साधारण मध्यवर्गीय पाठकों को अन्ततः साहित्य के दुर्गम प्रदेशों तक ले गया। उन्होंने अपनी लेखनी के बल पर पाठकों को साहित्य की सत्ता के प्रति उन्मुख और उत्सुक किया। उपन्यास, कहानी, रेखाचित्र, संस्मरण, रिपोर्ताज, निबन्ध आदि क्षेत्र में शिवानी का योगदान उल्लेखनीय रहा है । गौरा पंत ‘शिवानी’ (जन्म- 17 अक्टूबर, 1923 ; मृत्यु- 21 मार्च, 2003) हिन्दी की सुप्रसिद्ध उपन्यासकार थीं। हिंदी साहित्य जगत में शिवानी एक ऐसी शख्सियत रहीं, जिनकी हिंदी, संस्कृत, गुजराती, बंगाली, उर्दू तथा अंग्रेज़ी पर अच्छी पकड थी और जो अपनी कृतियों में उत्तर भारत के कुमायूँ क्षेत्र के आसपास की लोक संस्कृति की झलक दिखलाने और किरदारों के बेमिसाल चरित्र चित्रण करने के लिए जानी गई। महज 12 वर्ष की उम्र में पहली कहानी प्रकाशित होने से लेकर उनके निधन तक उनका लेखन निरंतर जारी रहा। उनकी अधिकतर कहानियां और उपन्यास नारी प्रधान रहे। इसमें उन्होंने नायिका के सौंदर्य और उसके चरित्र का वर्णन बड़े दिलचस्प अंदाज में किया।

उस सरल ब्राह्मण की संयत आवाज कानों में गूँज जाती कि बलि का बकरा बनाने कोक्या मेरा भांजा ही रह गया था

तीसवर्ष के लंबे अन्तराल के बाद दिल में बसी चन्द्रिका से प्रणय निवेदन की अभिलाषा क्या पूर्ण हो पायी?

#माणिक | शिवानी की चुनिंदा और उम्दा कहानियों में से एक,जिसके उनके फैन्स दीवाने हैं...

#चाँचरी-शिवानी की कहानी || गाँव वालों ने सही नाम रखा था उसका,वह सही में चाँचरी(परी)ही थी।

#करिये छिमा|अपने प्रेमी को बदनामी से बचाने के लिये उसने जो किया एक माँ कभी नहीं कर सकती, रोचक कहानी

नशा | मन्नू भंडारी | इतना दुःख देने के बाद भी... क्या वह उसे भूल पाई? | स्वर – प्रीति जौहरी

Iran ने Ukraine Britain Israel पर हमले की दी वार्निंग | US Bahrain West Bank की बड़ी ख़बर | 27 July

Rehasyamayi Kali Billi Aur Gareeb Ladke Ka Qissa | Hindi Urdu Islamic Moral Story #moralstory |

स्वतंत्र अस्तित्व की चाहना करते हुए भी क्यों नहीं मुक्त हो सकी चंद्रकांता की बेटी के आवरण से...

मेरे जीवन की नैया किस धार चली थी और किस घाट आकर रुकी.....

आखिर ऐसा क्या लिखा था उस खत में कि पढ़ कर वे उसे आज तक पोस्ट नहीं कर सके(सच्ची घटना पर अधारित कहानी)

विधवा माँ को बोझ समझकर कोने में डाल दिया…पिता की गुप्त ट्रस्टपॉलिसी ने उसी माँ को घर की रानी बनादिया

#लिखूँ...? || शिवानी की कहानी || A Story by Shivani || हिन्दी कहानी

पूर्णिमा मित्रा की कहानी–पासा पलट गया | Story by Purnima Mitra | AudioStory | हिन्दी कहानी

मन पर कसा घेरा | एक विवाहित पुरुष से प्रेम की दर्दनाक कहानी | Emotional Story | Neelam Kulshreshtha

#शायद | शिवानी की चुनिंदा और उम्दा कहानियों में से एक,जिसके उनके फैन्स दीवाने रहे हैं....

#सुषमामुनीन्द्र की एक रोचक और बेहद मजेदार कहानी....लाल साहब

वृद्धावस्था और बीमारी की वजह से जब परिवार उनकी उपेक्षा करने लगा तो उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया कि....

#उसका अपना रास्ता/जिंदगी रेसकोर्स की हारजीत होकर रह गई है,हारी हुई घोड़ी को कौन पूछता है....

