बच्चियों के अविभावकों के लिए ये महत्तवपूर्ण कहानी....लेखक:नवनीत मिश्र

#नवनीतमिश्रकीकहानी-खेल Navneet Mishra ki Kahani AudioStory हिन्दी कहानी Podcast #स्वरसीमासिंह ‪@aajsuniye‬ जन्मः 14 दिसंबर 1947 लखनऊ में शिक्षा : लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक कार्यक्षेत्र : विभिन्न पत्र–पत्रिकाओं में पचास से अधिक कहानियां प्रकाशित। आकाशवाणी के लिये नाटकों और दूरदर्शन के लिये अनेक वृत्तिचित्रों का लेखन। अनेक कहानियों का विभिन्न भाषाओं में अनुवाद। प्रकाशित रचनाएं : कहानी संग्रह – मणियां और जख्म, मैने कुछ नहीं देखा, किया जाता है सबको बाइज्ज़त बरी नाटक – 'ये ही–वे ही' पुरस्कार और सम्मान : सारिका द्वारा 1984 में आयोजित अखिल भारतीय सर्वभाषा कहानी प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित। 'मैने कुछ नहीं देखा' उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा पुरस्कृत।

दिलफेंक लम्पट पड़ोसी को आखिरकार मज़ा चखाना ही पड़ा.....
▶︎

दिलफेंक लम्पट पड़ोसी को आखिरकार मज़ा चखाना ही पड़ा.....

जिसने कभी घर पर राज किया था उसके लिए घर का कोना भी ना बचा.....
▶︎

जिसने कभी घर पर राज किया था उसके लिए घर का कोना भी ना बचा.....

ईश्वर के प्रति दृढ़विश्वास उस साहसी नारी को,दिव्यांगता को सौभाग्य में बदलने की ताकत दे पाया क्या?
▶︎

ईश्वर के प्रति दृढ़विश्वास उस साहसी नारी को,दिव्यांगता को सौभाग्य में बदलने की ताकत दे पाया क्या?

समापन ।। कथाकार : सूर्यबाला @aajsuniyekahani3285
▶︎

समापन ।। कथाकार : सूर्यबाला @aajsuniyekahani3285

'पुरानी यादों का बोझ और बदलते रिश्तों की कड़वाहट'
▶︎

'पुरानी यादों का बोझ और बदलते रिश्तों की कड़वाहट'

#ऊंचाई#मन्नू भंडारी की कहानी/एक बिंदास युवती की सोच ...Mannu Bhandari ki kahani
▶︎

#ऊंचाई#मन्नू भंडारी की कहानी/एक बिंदास युवती की सोच ...Mannu Bhandari ki kahani

शीला मिश्रा की कहानी-उलझते धागे चटकता मन  | Story by Sheela Mishra | AudioStory | हिन्दी कहानी
▶︎

शीला मिश्रा की कहानी-उलझते धागे चटकता मन | Story by Sheela Mishra | AudioStory | हिन्दी कहानी

ज़मीन जायदाद के पीछे उन रिश्तों को तारतार कर देना उचित नहीं है,जिन्होंने जीवन की धूप में छाया दी हो।
▶︎

ज़मीन जायदाद के पीछे उन रिश्तों को तारतार कर देना उचित नहीं है,जिन्होंने जीवन की धूप में छाया दी हो।

एक माँ पर क्या गुज़रती है जब ससुराल से बेटी की मौत (चाहे हत्या हो या आत्महत्या) की खबर आती है।
▶︎

एक माँ पर क्या गुज़रती है जब ससुराल से बेटी की मौत (चाहे हत्या हो या आत्महत्या) की खबर आती है।

सत्ताईस साल छोटी पत्नी | क्या उम्र का फ़ासला प्यार को कमज़ोर कर देता है? | भावपूर्ण हिंदी कहानी
▶︎

सत्ताईस साल छोटी पत्नी | क्या उम्र का फ़ासला प्यार को कमज़ोर कर देता है? | भावपूर्ण हिंदी कहानी

#परिणय#मालती जोशी की लिखी लम्बी कहानी| घर घर की कहानी कमोवेश वही.....सामाजिक पारिवारिक कहानी
▶︎

#परिणय#मालती जोशी की लिखी लम्बी कहानी| घर घर की कहानी कमोवेश वही.....सामाजिक पारिवारिक कहानी

भीष्म साहनी की प्रसिद्ध कहानी- ओ हरामज़ादे | प्रवासी होने के बाद देश की याद किस तरह तड़पाती है....
▶︎

भीष्म साहनी की प्रसिद्ध कहानी- ओ हरामज़ादे | प्रवासी होने के बाद देश की याद किस तरह तड़पाती है....

सुषमा मुनीन्द्र की कहानी-कुछ रिश्ते महज रिश्ते नहीं होते | Story by Sushma Munindra | Audio Story
▶︎

सुषमा मुनीन्द्र की कहानी-कुछ रिश्ते महज रिश्ते नहीं होते | Story by Sushma Munindra | Audio Story

वंदना बाजपेयी की कहानी:अगल- बगल | Story by Vandana Bajpai | AudioStory | कहानी | Podcast
▶︎

वंदना बाजपेयी की कहानी:अगल- बगल | Story by Vandana Bajpai | AudioStory | कहानी | Podcast

रास्‍ते भर वह अपने जिस आदर्श को छोड़कर व्‍यावहारिक बनने का सपना बुनता है,वह क्या पूरा हो पाया?
▶︎

रास्‍ते भर वह अपने जिस आदर्श को छोड़कर व्‍यावहारिक बनने का सपना बुनता है,वह क्या पूरा हो पाया?

कब पिघलेगी बर्फ || लेखिका प्रमिला वर्मा || A Story by Pramila Verma
▶︎

कब पिघलेगी बर्फ || लेखिका प्रमिला वर्मा || A Story by Pramila Verma

घर चलाने वाली औरत की अनकही सच्चाई | एक क्रांति सीमित-सी
▶︎

घर चलाने वाली औरत की अनकही सच्चाई | एक क्रांति सीमित-सी

उर्मिला शिरीष  की कहानी-चपेटे | Author:Urmila Shirish | AudioStory | साहित्यिक कहानियाँ
▶︎

उर्मिला शिरीष की कहानी-चपेटे | Author:Urmila Shirish | AudioStory | साहित्यिक कहानियाँ

जीवन का अवरोह तभी सुकून देता हैजब उसके आरोह का इतिहास सधा रहाहो,नहींतो ढलान पर अक्सर चाल बिगड़ जातीहै
▶︎

जीवन का अवरोह तभी सुकून देता हैजब उसके आरोह का इतिहास सधा रहाहो,नहींतो ढलान पर अक्सर चाल बिगड़ जातीहै

✨ ।। भूलभंग ।। : जब साधना के छलावे को तोड़कर लौटी एक बाल-वधू! | Bhoolbhanga 🎭
▶︎

✨ ।। भूलभंग ।। : जब साधना के छलावे को तोड़कर लौटी एक बाल-वधू! | Bhoolbhanga 🎭