पल पल बीता जाए
पल पल बीता जाए पल पल बीता जाए भव यह बीता जाए जान लिया है सब कुछ तूने जान लिया है सब कुछ तूने फिर भी मान न पाए भव यह बीता जाए भव यह बीता जाए पल पल बीता जाए पल पल बीता जाए भव यह बीता जाए सुबह हुई थी शाम है आईं हो हो हो हो सुबह हुई थी शाम है आईं भोगों में सब तूने गंवाई कौन सुने किसको समझाए भव यह बीता जाए भव यह बीता जाए पल पल बीता जाए पल पल बीता जाए भव यह बीता जाए मोह माया का चक्कर खाया हो हो हो हो मोह माया का चक्कर खाया उलझ उलझ कर दुख ही पाया उलझन सुलझ न पाए भव यह बीता जाए भव यह बीता जाए पल पल बीता जाए पल पल बीता जाए भव यह बीता जाए सुख मिलता है किसको कहां से हो हो हो हो सुख मिलता है किसको कहां से देखा सुख बस धन पैसा से बुद्धि इसमें लगाए भव यह बीता जाए भव यह बीता जाए श्रीपल पल बीता जाए पल पल बीता जाए भव यह बीता जाए गुरु की बात निराली हो हो हो हो श्री गुरु की बात निराली सुन कर जिसने निज में बसा ली मुक्ति उसे मिल जाए भव यह बीता जाए भव यह बीता जाए पल पल बीता जाए पल पल बीता जाए भव यह बीता जाए
