ईश्वर गुरु और मंत्र तीनों एक हैं । जो कभी साथ नही छोड़ते । गरुभक्ति कथा

ईश्वर, गुरु और गुरुमंत्र साधक का साथ कभी नहीं छोड़ते, भले शरीर रहे या न रहे । इसका स्पष्ट प्रमाण मिलता है इस कथा के माध्यम से । जानिये कैसे भक्तवामा की, पूर्व जन्म में की हुई साधना का प्रभाव, उनके वर्तमान जन्म पर भी पड़ा । कैसे अपनी श्रद्धा और वैराग्य के सहारे, सद्गुरु से वेदांत विद्या का ज्ञान पाकर, उन्हें पूर्व जन्म का गुरुमंत्र स्मरण हुआ और वे सिद्धता को प्राप्त हुए ।