बाल कृष्ण के मुख में ब्रह्माण्ड दर्शन | माखन चुराना व मटकियाँ फोड़ना | श्री कृष्ण महाएपिसोड
यमुना के घाट पर स्नान के लिये आयी यशोदा बाल कृष्ण को घाट के किनारे बैठा देती है। वहाँ पर बाल कृष्ण मिट्टी से खेलने लगते है। मिट्टी से खेलने पर स्वयं पृथ्वी माता प्रकट हो बालरूपी भगवान कृष्ण को प्रणाम करती है इसपर कृष्ण अपने पूर्ण स्वरूप में आ कर उनको अपने दर्शन देते है। भगवान कृष्ण पृथ्वी माता के गुणगान करते हुये उनकी मिट्टी को नैवेध (भगवान का अर्पण की जाने वाली वस्तु) समझ के रूप में स्वीकार कर खाने लगते है। नहाती हुई यशोदा को उनकी सखियाँ बाल कृष्ण के मिट्टी खाने की बात बताती है। बाल कृष्ण को यशोदा मिट्टी खाने पर डाँटती है और उससे अपना मुँह खोल कर दिखाने के लिये कहती है। बाल कृष्ण जब अपना मुँह खोलकर यशोदा को दिखाते है तो उसमें यशोदा को समस्त ब्रह्माण्ड दिखने लगता है। वह अचम्भित हो जाती है और इसपर भगवान कृष्ण स्वयं अपने विराट स्वरूप में प्रकट होकर यशोदा को अपनी चमत्कारी लीला देखने के लिये कहते है। भगवान कृष्ण यशोदा को अपने समस्त अवतारों के दर्शन कराते है और यशोदा को अपनी भक्ति का वरदान दे अंतर्धान हो जाते है। तत्पश्चात देवी योगमाया प्रकट हो कर यशोदा को प्रभु द्वारा दिये गये दिव्य ब्रह्म ज्ञान की स्मृति पर अपनी माया का पर्दा डाल देती है, जिससे यशोदा को अपने पूर्वजन्म में प्रभु के वरदान स्वरूप मोहमयी ममता प्राप्त हो सके। समय के साथ बलराम और कृष्ण बड़े होने लगते है और बाल चंचलता वश गाँव के घरों से माखन चुरा कर खाने लगते है। बाल कृष्ण के रूप पर गोकुल की गोपियाँ मोहित हो उन्हें ऐसा करने देती है। एक दिन यशोदा द्वारा माखन न दिये जाने के कारण बाल कृष्ण माखन की मटकी फोड़ कर भागने लगते है और पीछे-पीछे माता यशोदा। वह उसे पकड़ कर जिस भी रस्सी से बाँधने का प्रयास करती है वह रस्सी चमत्कार स्वरूप दो अंगुल छोटी हो जाती। यशोदा द्वारा प्रार्थना करने पर स्वयं बाल कृष्ण अपने की रस्सी से बाँध लेते है और सखियों द्वारा मना किये जाने के बाद भी यशोदा दण्डस्वरूप बाल कृष्ण को भरी धूप में अपने आंगन में रखे ओखल से बाँध कर चली जाती। नटखट बाल कृष्ण उस ओखल को घसीटते हुये आंगन में लगे दो इमली के वृक्षों में फंसा कर जड़ सहित गिरा देते है। लेकिन वो वृक्ष कोई साधारण वृक्ष न होकर देवाताओं के कोषाध्यक्ष भगवान कुबेर के पुत्र नंदकुबेर और मणिग्रीव होते है। सौ वर्ष पूर्व जब वह दोनों मन्दाकिनी नदी में अप्सराओं के साथ जल क्रीड़ा में मग्न थे तब उस समय नारद मुनि वहाँ से जा रहे थे। अप्सरायें नारद मुनि को देखकर लज्जावश अपने वस्त्र धारण कर नदी से बाहर आ जाती है, परन्तु वह दोनो अपने पिता की सत्ता और धन की मद में अंधे होकर नग्न अवस्था में ही नारदमुनि का तिरस्कार करने लगे। जिस पर नारद मुनि ने अपने अपमान स्वरूप उन दोनों को उनकी नग्न अवस्था के कारण जड़ योनि का श्राप दे देते है ताकि वह दोनो जब जड़ योनि से वृक्ष योनि में जाये तो धूल, कंकड़, वर्षा, गर्मी, सर्दी आदि के प्रहार के सहते-सहते उनका सत्ता और धन का नशा चूर-चूर हो जाये और तत्पश्चात भगवान श्री कृष्ण के उनकी मुक्ति होगी। इस प्रकार श्री कृष्ण के हाथों मुक्ति पाकर नंदकुबेर और मणिग्रीव अपने लोक चले जाते है। श्रीकृष्णा, रामानंद सागर द्वारा निर्देशित एक भारतीय टेलीविजन धारावाहिक है। मूल रूप से इस श्रृंखला का दूरदर्शन पर साप्ताहिक प्रसारण किया जाता था। यह धारावाहिक कृष्ण के जीवन से सम्बंधित कहानियों पर आधारित है। गर्ग संहिता , पद्म पुराण , ब्रह्मवैवर्त पुराण अग्नि पुराण, हरिवंश पुराण , महाभारत , भागवत पुराण , भगवद्गीता आदि पर बना धारावाहिक है सीरियल की पटकथा, स्क्रिप्ट एवं काव्य में बड़ौदा के महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डॉ विष्णु विराट जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसे सर्वप्रथम दूरदर्शन के मेट्रो चैनल पर प्रसारित 1993 को किया गया था जो 1996 तक चला, 221 एपिसोड का यह धारावाहिक बाद में दूरदर्शन के डीडी नेशनल पर टेलीकास्ट हुआ, रामायण व महाभारत के बाद इसने टी आर पी के मामले में इसने दोनों धारावाहिकों को पीछे छोड़ दिया था,इसका पुनः जनता की मांग पर प्रसारण कोरोना महामारी 2020 में लॉकडाउन के दौरान रामायण श्रृंखला समाप्त होने के बाद ०३ मई से डीडी नेशनल पर किया जा रहा है, TRP के मामले में २१ वें हफ्ते तक यह सीरियल नम्बर १ पर कायम रहा। Produced - Ramanand Sagar / Subhash Sagar / Pren Sagar निर्माता - रामानन्द सागर / सुभाष सागर / प्रेम सागर Directed - Ramanand Sagar / Aanand Sagar / Moti Sagar निर्देशक - रामानन्द सागर / आनंद सागर / मोती सागर Chief Asst. Director - Yogee Yogindar मुख्य सहायक निर्देशक - योगी योगिंदर Asst. Directors - Rajendra Shukla / Sridhar Jetty / Jyoti Sagar सहायक निर्देशक - राजेंद्र शुक्ला / सरिधर जेटी / ज्योति सागर Screenplay & Dialogues - Ramanand Sagar पटकथा और संवाद - संगीत - रामानन्द सागर Camera - Avinash Satoskar कैमरा - अविनाश सतोसकर Music - Ravindra Jain संगीत - रविंद्र जैन Lyrics - Ravindra Jain गीत - रविंद्र जैन Playback Singers - Suresh Wadkar / Hemlata / Ravindra Jain / Arvinder Singh / Sushil पार्श्व गायक - सुरेश वाडकर / हेमलता / रविंद्र जैन / अरविन्दर सिंह / सुशील Editor - Girish Daada / Moreshwar / R. Mishra / Sahdev संपादक - गिरीश दादा / मोरेश्वर / आर॰ मिश्रा / सहदेव Cast / पात्र Sarvadaman D. Banerjee सर्वदमन डी. बनर्जी Swapnil Joshi स्वप्निल जोशी Ashok Kumar अशोक कुमार बालकृष्णन Deepak Deulkar दीपक डेओलकर Sanjeev Sharma संजीव शर्मा Pinky Parikh पिंकी पारिख In association with Divo - our YouTube Partner #tilak #shreekrishna #shreekrishnakatha #krishna #shreekrishnamahaepisode

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