खामोश लब है झुकी है पलकें//गजल//हरिशंकर आचार्य जी

खामोश लब है झुकी है पलकें गजल हरिशंकर आचार्य जी लखन लाल साँस्कृतिक दल मुस्करा हमीरपुर