भजन संध्या।। शोरठ राग का इससे सुंदर भजन नही होगा ।। singer Ramesh Sharma।
मेरे चैनल पर सभी दोस्तो का स्वागत है।। भजन अच्छा लगे तो लाइक शेयर और कमेंट जरुर करे।। singer Ramesh Sharma mordunga sikar Rajasthan mo 9950075138

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राग कुचामणि।। 200 साल पुराना भजन ।।नरसी जी की पुकार ।।और आसरो छोड़ आसरो।।स्वर रमेश दाधीच।

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ब्रमानंद जी रचित।। शोरठ राग।। काहे दूर जाए बंदे प्रभु तेरे पास में ।।शानदार और मीठी रागिनी का भजन

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लख चौरासी मे भटकत भटकत अबके अवसर पाया// गुरूदेव हमारे आया// गायक भोलूराम जी डूडी ढोलक मनोहर परसोया

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Live राग सोरठ...यो जग झूठो है संसार नर थारी नींदड़ली ने। हेमराज राव के भजन।Rajasthani Classical Bhajn

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राग सोरठ ।। जागरण लाइव ।। मीठा लागे सबरी का बौर।। singer Ramesh Sharma।।

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पारवा भजन समय बिगड़ी की कोई नहीं पूछे बात गायक - रामनिवास मारवाड़ी एंड पार्टी जेगणियां बिदावतान,

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सर्वरये की पाल खड़ी या नानी नीर बहावे। गायकार : अमर सिंह जी सैनी।। amar singh saini bhajan

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प्राचीन राग ।। पौराणिक चेतावनी रचना ।। Singer Ramesh dadhich

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★ सौरठ ★ हरि ने जांचण जावो जी पिव थारो भायलो गोपाल #Banshilal_Bhaat #Boheda_Live_SCM

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बृजमोहन डांगी गायकी ❤️ तबला + शहनाई + हारमोनियम बंदिश राग तिलक कामोद | Classical Bhajan Tilak Kamod

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जानकी नाथ सहाय करे कोन बिगाड़ करे नर तेरो। रमेश शर्मा ।

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अंजनी के लाला करों जी बिगन सब दुर || स्वर गुरु कन्हैया लाल शर्मा जगन्नाथपुरा || By K.R.jat

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भजन संध्या का शानदार भजन ।। बिन भाग मिले ना अमृत भोग।।स्वर रमेश दाधीच।

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तुलसीदास जी रचित।। राग भीमपलासी।।समय का सुंदर भजन । singer Ramesh Sharma।

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इस भजन के सामने सब फेल है ( दशा मुझ दीन की भगवन ) || कालू जी बड़ला || Rajasthani Classical Bhajan

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जान बनी रघुवर की (राग- सोरठ) स्वर- प्रेम सिंह जी व मुन्नी बाई वादक- धन्ना जी,प्रोग्राम स्थल मोजमाबाद

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राग शोरठ।। संभालो बिहारी नाव।। एक भक्त की भगवान को चुनौती।। स्वर रमेश दाधीच ।

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|| सुमिरन कर ले राम के दिन बीते जाते हैं || suresh rav || classical bhajan || राग सोराठ || bhajan

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🔴 सोरठ राग मे बेहद पुराना भजन हेमराज जी राव की मधुर आवाज मे।।गोविंद जी वैष्णव।।Raag Sorath Bhajan

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राग सोहनी।रावण को मंदोदरी का समझाना।।सुंदर अलाप और हारमोनियम ढोलक संगम ।।नाथ ये वो ही है रघुनाथ ।।

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शुद्ध देशी भजन ।। नरसी जी कृष्ण भजन ।। पौराणिक रचना ।। स्वर रमेश दाधीच ।।

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