अंग प्रदेश भाषा हमारी पहचान - अंगिका | Angika an Anga Pradesh Language

भाषा हमारी पहचान - अंग प्रदेश। हमारी भाषा को 8 वीं अनुसूची में शामिल होनी चाहिए, ऐसी हम लोगों का मानना है. महाभारत काल से आधुनिक समय तक अंग प्रदेश की एक अलग पहचान रही है और हमारी भाषा की पहचान भी कुछ अलग रही है. हमारी भाषा अंगिका को भी एक स्थान 8 वीं अनुसूची में मिले इससे बड़ी गौरव की बात क्या होगी। हम लोग अंग प्रदेश के वासी मुंगेर, भागलपुर, बांका, जमुई, खगड़िया, बेगूसराय, बड़ाइया और लखीसराय के लोगों को खुशी की बात होगी। महाभारत (II.44.9) के अनुसार सभापार में एक देश के रूप में अंग और वांगा का उल्लेख है। वही अंग प्रदेश की भाषा को भारतीय संविधान में जगह मिले यही हम सभी अंग प्रदेश वासियों की हार्दिक इक्छा है.