हम परदेसी पंछी साधो इणी देश का नाही || Hum Pardesi Panchhi re Sadhu bhai
हम परदेसी पंछी साधो इणी देश का नाही || Hum Pardesi Panchhi re Sadhu bhai _______________________________________________________________________ Credits Main Vocal : Padmashri Prahlad Singh Tipaniya Choras & Manjira : Ashok Tipaniya Violin : Devnarayan Saroliya Dholak : Ajay Tipaniya Harmonium : Dharmandra Tipaniya Khadtal : Himanshu Tipaniya Sound Mixing : Peter jamra Video Editing : Mayank Tipaniya _______________________________________________________________________________ lyrics हम परदेशी पंछी रे साधु भाई साखी- हम वासी वा देश के ,और धरण गगन दोई नाई । शब्द मिलावा हो रहा, और देह मिलावा नाई ।। बिन पवन का पंत है, और बिन बस्ती का देश । बिना पिंड का पुरुष है , और कहै कबीर संदेश ।। सिरगुण की सेवा करो , और निर्गुण का करो ध्यान। अरे निर्गुण सिरगुण के परे , और तहाँ हमारा ध्यान।। भजन - हम परदेशी पंछी रे साधु भाई , इणी देश का नाही , इणी देश रा लोग अचेता , पल - पल परलय में जाई।टेका । १ मुख बिन बोलना पग बिन चलना बिना पंखों से उड़ जाई । इना सूरत की लोय हमारी , अनहद माई ( ठहराई ) ओलखाई ॥ २ छाया में बैठूं तो अग्नि सी लागे , धूप बहुत शितलाई । छाया धूप से मोरे सतगुरू न्यारा , मै सतगुरू के माई ॥ 3. आठों पहर अड़ा रहे आसन , कबहूँ न उतरेगा साँई । ज्ञानी रे ध्यानी पचपच मर गया , उणी देश केरा माई ॥ 4. निर्गुण रूपी है मेरे दाता , सिरगुण नाम धराई । मन पवन दोनों नहीं पहुँचे , उणी देश केरा माई ॥ 5. नख - शिख नैन शरीर हमारा , सतगुरू अमर कराई । कहै कबीर मिलो निर्गुण से , अजर अमर हो जाई

करना होय सो करले साधो || Karna Hoy So Karle re Saadho ||

म्हारी श्याणी सूरता || Mhari Shyani Surta ||

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी अंखियां प्यासी रे। सुरजाराम जांगिड़। भारतीय राजस्थानी संगीत भजन बाणी ठूमरी

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हम परदेशी पंछी साधु || Ham Pardeshi Panchhi Sadhu Jeta Goswami Official || चेतावनी भजन

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गुरु बिन जग अंधियारा | Guru Bin Jag Andhiyara | Bherusingh Chouhan, Nanuram Sanveriya | Kabir Bhajan

बार बार सुनना चाहोगे ये भजन | वारि जाऊ रे बलिहारी जाऊ रे | Vaari Jau Re by Tara Singh Dodve

भीख माँगने आया था भिखारी। घमंडी सास ने अपनी ही विधवा बहू को भीख में दे दिया। फिर भिखारी ने जो किया,

'Lena Hue So Leeje' says Rohal Fakir

मैं बंजारण नाम की || Main Banjaaran Naam Ki || कबीर भजन

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Mann Lago Mero Yaar Fakiri Mein |Osman Mir |मन लागो मेरो यार फकीरी में |Letest |Kabir Vani |Tranding

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हँसा वाणी||हँसा निकल गया काया से सुनी पड़ी रही तस्वीर||स्वर-सुनील पटेल हरि पटेल व साथी।।Kabir Bhajan

CHET RE NAR CHET THARO CHIDIYA CHUG GAYI KHET

थने कई गम राखी भाई || thane kai gam rakhi bhai

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