कुंवारा भीमालपेन कौन थे || History Of Bhimalpen || डोंगरगढ़ का इतिहास || Kunwara bhimsen History
कुंवारा भीमालपेन कौन थे || History Of Bhimalpen || डोंगरगढ़ का इतिहास || Kunwara bhimsen History Gondi Bhasha Kaise Sikhen Ebook Pdf⬇️⬇️ https://koyturtechnology.stores.insta... *कौन थे ये👉🏻 ""कुंवारा भिवसेन""*(भीमालपेन) *चलो भिमगढ़. . कुंवारा भिवसन याने नागपुर्ड़ जिल्हे के पारशिवनी तालुके का महत्वपूर्ण स्थान है जहा संपूर्ण गोन्ड़वाना की श्रद्धा पूर्णभाव से जुडी है . . . .हर साल चैत्र महीने मे यहा सव्वा महीने की जत्रा याने मेला रहने के कारण पूरे गोन्ड़वाना को यह स्थान परिचित है . . . हम इनं भिमालपेन के बारे मे जानना चाहेंगे तिरुमाल शंकरराव मरस्कोल्हे, नागपुर इनकी किताब से. . . रावण काल के 700 वर्ष पूर्व मध्य प्रदेश के बालाघाट जिल्हा मोहमभटटा राज्य के राजा सयमाल मडावी इनका राज था. . . . उनके रानी का नाम झमया था. . . उन्हे भुरा भगत नाम का पुत्र था. . ये पुत्र बड़ा ही साहसी था और अकेलेही जंगल मे जाकर खुंखार जानवरो का शिकार करना उनका शौक था. . .एक दिन भुरा भगत बैहर के जंगल मे शिकार करने गये जिसे हम आज काना किसली नाम से जानते है . . . उसी दिन उसी राज्य के राजा ढोला उइका अपनी पुत्री कोतमा के साथ उसी जंगल मे आये थे. . किंतु संजोग से भुरा भगत और कोतमा प्यास बुझाने हेतु पानी की खोज मे एक तालाब के किनारे मिले . . . एक दूसरे को देखकर दोनो मुग्ध हुए . . .और बाद मे इधर उधर की बाते करने लगे . . . संजोग से कोतमा के पिता ढोला उइका वहा पहुचे. . .और उन्होने भुरा भगत को देखा . . . भुरा की सुंदरता देखकर धोला के मन मे अपनी लड़की की शादि की कल्पना जागी . . .उन्होने अपनी लड़की के पास भुरा से शादि की बात रखि . . .विवाह की बाते हुई . . .शादि हुई . . . कोतमा गर्भार रहि . . .पेट मे बच्चा पल रहा था. . . एक दिन सास झमया को बोलि मुझे जंगल मे जाके कुछ खाने का मन हो रहा है . . .उसी दिन याने चैत्र महीने के पोर्निमा को कोतमा की पेट से एक बच्चे ने जन्म लिया . . . उसका नाम भीमा रखा गया . . .भुरा भगत और कोतमा को पुत्र होने की खुशिया पूरे राज्य मे मनायी गयी. . . . भीमा को पाछवे सालही शिक्षा हेतु गोटूलमे डाला गया . . . गोटुल के अध्यक्ष याने मुर्सेनाल उस वक्त माहारू उइका थे. . . .वे भीमा के गुरू बने. . .भीमा के बाद भुरा भगत और कोतमा को कुल 11 पुत्र पुत्रिया हुई जिसमे 6 भाइ और 5 बहनो का समावेश था. . . .भीमा के साथ जाटबा, केशबा, हिरबा, भाजी, मुकोशा इन भाइयो और पन्ढरी, पुन्गार, मुगुर, कुशार, और खेरदाई इन बहनो का समावेश था. . . भीमा अलौकिक शक्ति पुरुष थे. Your Queries :- Kunwara bhimalpen itihas Bhimal pen thana Bhimal pen ka janm Bhimal pen history Bhimal pen Video Bhimal pen jankari Dongargarh ka itihas Dongargarh Video Dongargarh ki bamledhvari Dongargarh ki bamlai Dongargarh History Kunwara bhimsen nagpur Kunwara bhimsen history Kunwara bhivsen history

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