जानें बाह्य और आतंरिक पवित्रता का रहस्य ! वक्ता : राजन स्वामी जी। @SPJIN @spritualsecrets
श्री प्राणनाथ ज्ञानपीठ के मुख्य उद्देश्य - ज्ञान, शिक्षा, उच्च आदर्श, पावन चरित्र व भारतीय संस्कृति का समाज में प्रचार करना तथा वैज्ञानिक सिद्धांतो पर आधारित आध्यात्मिक मूल्य द्वारा मानव को महामानव बनाना और श्री प्राणनाथ जी की ब्रम्हवाणी के द्वारा समाज में फ़ैल रही अंध-परम्पराओं को समाप्त करके सबको एक अक्षरातीत की पहचान कराना। अति महत्वपूर्ण नोट :- यह पंचभौतिक शरीर हमेशा रहने वाला नहीं है। प्रियतम परब्रह्म को पाने के लिये यह सुनहरा अवसर है। अतः बिना समय गवाएं उस अक्षरातीत पाने के लिये प्रयास करना चाहिये। नोट: कृपया हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें । आध्यात्मिक चर्चा, भजन - कीर्तन के इस अपार सागर रुपी चैनल के द्वारा आत्मा - परमात्मा, सतगुरु, मानव जीवन के परम लक्ष्य, ध्यान - समाधि, नैतिक मूल्यों आदि विषयों में अपना ज्ञान और बढ़ाएं । यहाँ पर नए वीडियो नियमित रूप से अपलोड होते रहते हैं । तो देखते रहिये , सीखते रहिये व दूसरों के साथ शेयर भी करते रहिये । प्रणाम जी । Thanks for watching the video. Please SUBSCRIBE and press the Bell icon. Social Links (Please FOLLOW & LIKE) - Facebook: / shri.rajan.swami Facebook: / shri.prannath.jyanpeeth Twitter: / raajanswami Website: https://www.spjin.org Email: [email protected] WhatsApp: +91-7533876060 Free e-Books to Download related to Shri Tartam Vani and Chitwani, also you can order books in Print copies from Shri Prannath Gyanpeeth, Sarsawa (+91 70881 20381). 1. परिकरमा + सागर + सिनगार + खिलवत टीका https://www.spjin.org/assets/files/pa... https://www.spjin.org/assets/files/sa... https://www.spjin.org/assets/files/si... https://www.spjin.org/assets/files/kh... 2. NIJANAND YOG (निजानन्द योग) - Collection of 60 Invaluable FAQs https://www.spjin.org/assets/files/ni... 3. CHITWANI MARGDARSHAN (चितवनि मार्गदर्शन) - Smallest and Best ever Pocket Guide to Meditation https://www.spjin.org/assets/files/ch... 4. DHYAN KI PUSHPANJALI (ध्यान की पुष्पाञ्जलि) - Detailed Question-Answer Sessions transcribed in this unique pearl of spiritual wisdom https://www.spjin.org/assets/files/dh... आत्मिक दृष्टि से परमधाम, युगल स्वरुप तथा अपनी परआत्म को देखना ही चितवनि (ध्यान) है। चितवनि के बिना आत्म जागृति संभव नहीं है। संसार की अब तक की प्रचलित सभी ध्यान पद्धतियाँ निराकार-बेहद से आगे नहीं जाती हैं। तारतम ज्ञान के प्रकाश में मात्र निजानन्द योग ही परमधाम ले जा सकता है। प्रियतम अक्षरातीत की चितवनि में इतना आनन्द है कि उसके सामने संसार के सभी सुख मिलकर भी कहीं नहीं ठहरते। यही कारण है कि ध्यान का आनन्द पाने के लिये ही राजकुमार सिद्धार्थ, महावीर, भर्तृहरि आदि ने अपने राज-पाट को छोड़ दिया और वनों में ध्यानमग्न रहे। बेहद मण्डल - इस प्राकृतिक जगत् से परे वह बेहद मण्डल है, जिसे योगमाया का ब्रह्माण्ड कहते हैं। चारों वेदों में इसे चतुष्पाद विभूति के रूप में वर्णित किया गया है। इस मण्डल में अक्षर ब्रह्म के चारों अन्तःकरण (मन, चित, बुद्धि तथा अहंकार) की लीला होती है, जिन्हें क्रमशः अव्याकृत, सबलिक, केवल और सत्स्वरूप कहते हैं। परमधाम - बेहद मण्डल से परे वह स्वलीला अद्वैत परमधाम है, जिसके कण-कण में सच्चिदानन्द परब्रह्म की लीला होती है। यह अनादि है, अनन्त है और सच्चिदानन्दमय है। जिस प्रकार सागर अपनी लहरों से तथा चन्द्रमा अपनी किरणों लीला करता है, उसी प्रकार अक्षरातीत भी अपनी अभिन्न स्वरूपा अंगरूपा आत्माओं के साथ अद्वैत लीला करते हैं, जो अनादि है और इसमें कभी अलगाव नहीं होता है। वेदों ने इसी परमधाम के सम्बन्ध में “त्रिपादुर्ध्व उदैत्पुरुष” अर्थात् परब्रह्म योगमाया से परे है, कहकर मौन धारण कर लिया। मुण्डकोपनिषद् ने भी 'दिव्य ब्रह्मपुर' शब्द का प्रयोग तो किया, किन्तु उसे बेहद मण्डल (केवल ब्रह्म) में मान लिया। कुरआन में मेयराज के वर्णन के द्वारा संकेत किये जाने पर भी मुस्लिम जगत अभी इसकी वास्तविकता से बहुत दूर है। श्री प्राणनाथजी की अलौकिक तारतम वाणी में इस परमधाम की शोभा, लीला एवं आनन्द का विशद रूप में वर्णन किया गया है, जिसका सुख किसी सौभाग्यशाली को ही प्राप्त होता है।

क्षर अक्षर से परे परमात्मा !!! जानें गीता में वर्णित उत्तम पुरुष का रहस्य ! वक्ता : राजन स्वामी जी।

शरीर, मन से परे स्वयं की पहचान ।। वक्ता : राजन स्वामी जी।। @SPJIN

ज्ञान से इतना समझने पर भी परमात्मा क्यों नहीं मिलते ? वक्ता : राजन स्वामी जी।@SPJIN @spjinmusic

Suvendu Adhikari Drops a BOMBSHELL on Bangladeshis PUSH BACK I Aadi

Live Now परमहंस रामरतन महाराज जी की बितक day-6 By Amit Ji

2 May 2026

2026 की सबसे Shocking भविष्यवाणियां 😱 | युद्ध, Nuclear Threat With DATE | EP-231

Mai To Tumhari Kiyal by Shri Rajan Swami Ji at Shree Padmavatipuri Dham Panna | #- Plug in Earphones

जब किताब पढ़कर भी ज्ञानी बन सकते हैं तो गुरु की आवश्यकता क्यों ? वक्ता : राजन स्वामी जी।।@SPJIN

जागनी का वास्तविक स्वरूप क्या है? माया, स्वप्न और परमधाम | @shrirajanswami @SPJIN

Padma Shri Surender Sharma - ICS Mushaira

बुढ़ापा रोकना संभव है? | 100 साल जीना कैसे संभव है? | OSHO HINDI SPEECH

केवल पूजा नहीं—संस्कृति का संदेश समझो ।। श्री राजन स्वामी जी ।। @SPJIN @spritualsecrets

स्वयं की पहचान क्यों आवश्यक है? @shrirajanswami @SPJIN

SPJIN 🍃🧘🍃ब्रह्मासृष्टि की शक्ति क्या है? जानिए.. श्री राजन स्वामी जी

Dhyan kaise karen ? | ध्यान कैसे करें ? | By- Shri Rajan Swami Ji

सात पीढ़ियों का दर्द? | पितृ दोष या विज्ञान? | OSHO HINDI SPEECH

I can't get rid of any tension, what should I do? A short application, Ch. 1

03 सर्व कर्मों के रोकने का परम उपाय ''भेदविज्ञान''

