गीत • बागे बहार में हम जो आ गए ये दिल आशना हुआ • खुदा को हम भा गए |
🌙 बाग़-ए-बहार में 🌙 एक ऐसी सूफ़ियाना और रूमानी यात्रा, जहाँ दिल की पहचान खुदा की पहचान से जुड़ जाती है। "बाग़-ए-बहार में, हम जो आ गये... ये दिल आशना हुआ, खुदा को हम भा गये" — इन पंक्तियों में प्रेम, आत्मिक जागृति और ईश्वर से मिलने का भाव समाया है। सितारों की रोशनी में खुलते रास्ते, खोए हुए राहगीरों की तलाश, और दिल की उस मंज़िल का एहसास जहाँ प्रेम और आध्यात्मिकता एक हो जाते हैं। 🎵 🌷 स्वामी मैत्रेयानंदजी द्वारा रचित - • Sufi / Ghazal / nazm Poetry ✨ Mood: Soulful • Spiritual • Peaceful #BagEBahar #SufiMusic #HindiPoetry #Ghazal #SoulfulMusic #OriginalSong #SpiritualMusic #HindiSong #LyricsVideo

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गीत · छलकने दो पैमाने सारे, मौज का अंजाम यही है। दिल को छू लेने वाला गीत

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गज़ल • ऐ चांद तुझसा हसीन नहीं है कोई और जहाँ पर ! उठते रहें हैं भले सवाल तेरे निशां पर |

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"साधो ये मुरदों का गाँव" कबीर भजन l #bhajn #kabir #nirgun #kabirdas #kabirvani

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Siddha Kriya • समाधि श्वास • अना और अपान के मध्य परम तत्व का जादू| Swami Maitreyanand

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सांझ का गीत • गुज़रती सांझ में आसमान में चांद जो जगमगाएगा | ग्रामीण जीवन की सुंदर झांकी |

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गज़ल • ए चांद अधूरे , खूबसूरती में पूरे • दिल को छूने वाला गीत | Swami Maitreyanand

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ग़ज़ल • चांदनी में टहलते हुए... गुनता हूं मैं गजल कोई...| Swami Maitreyanand

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गीत • यह परिंदा बोल रहा है याकि खुदा बोल रहा है | दिल को छू लेने वाला गीत और संगीत |

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अपने समस्त कृत्यों के हम ही हैं जिम्मेदार | कर्म प्रारब्ध से बाहर आने का यहां से श्रेष्ठतम उपाय है |

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ना मैं धर्मी, ना ही अधर्मी | कबीर दास जी का अमर भजन | आत्मज्ञान का संदेश

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