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Vidur Niti | Vidur Niti Hindi | Vidur Niti In Hindi | Vidura Niti | Vidura Niti Hindi | VIDUR | Vidur Niti Hindi mein | Hindi Vidur Niti | vidur niti mahabharat | vidur niti katha | Vidura Niti Hindi Mein | Hindi Vidura Niti | vidur neeti | vidur neeti hindi | vidur neeti in hindi | vidur neeti hindi mein | hindi vidur neeti (प्रजागरपर्व) त्रयस्त्रिंशोऽध्यायः* धृतराष्ट्र-विदुर-संवाद वैशम्पायन उवाच द्वाःस्थं प्राह महाप्राज्ञो धृतराष्ट्रो महीपतिः । विदुरं द्रष्टुमिच्छामि तमिहानय मा चिरम् ।। १ ।। वैशम्पायनजी कहते हैं- जनमेजय ! [संजयके चले जानेपर] महाबुद्धिमान् राजा धृतराष्ट्रने द्वारपालसे कहा- 'मैं विदुरसे मिलना चाहता हूँ। उन्हें यहाँ शीघ्र बुला लाओ' ।। प्रहितो धृतराष्ट्रण दूतः क्षत्तारमब्रवीत् । ईश्वरस्त्वां महाराजो महाप्राज्ञ दिदृक्षति ।। २ ।। धृतराष्ट्रका भेजा हुआ वह दूत जाकर विदुरसे बोला- 'महामते। हमारे स्वामी महाराज धृतराष्ट्र आपसे मिलना चाहते हैं' ।। २ ।। एवमुक्तस्तु विदुरः प्राप्य राजनिवेशनम् । अब्रवीद् धृतराष्ट्राय द्वाःस्थ मां प्रतिवेदय ।। ३ ।। उसके ऐसा कहनेपर विदुरजी राजमहलके पास जाकर बोले- 'द्वारपाल! धृतराष्ट्रको मेरे आनेकी सूचना दे दो' ।। ३ ।। द्वाःस्थ उवाच विदुरोऽयमनुप्राप्तो राजेन्द्र तव शासनात् । द्रष्टुमिच्छति ते पादौ किं करोतु प्रशाधि माम् ।। ४ ।। द्वारपालने जाकर कहा- महाराज! आपकी आज्ञासे विदुरजी यहाँ आ पहुँचे हैं, वे आपके चरणोंका दर्शन करना चाहते हैं। मुझे आज्ञा दीजिये, उन्हें क्या कार्य बताया जाय? ।। ४ ।। धृतराष्ट्र उवाच प्रवेशय महाप्राज्ञं विदुरं दीर्घदर्शिनम् । अहं हि विदुरस्यास्य नाकल्पो जातु दर्शने ।। ५ ।। धृतराष्ट्रने कहा- महाबुद्धिमान् दूरदर्शी विदुरको भीतर ले आओ, मुझे इस विदुरसे मिलनेमें कभी भी अड़चन नहीं है ।। ५ ।। द्वाःस्थ उवाच प्रविशान्तःपुरं क्षत्तर्महाराजस्य धीमतः । नहि ते दर्शनेऽकल्पो जातु राजाब्रवीद्धि माम् ।। ६ द्वारपाल विदुरके पास आकर बोला- विदुरजी! आप बुद्धिमान् महाराज धृतराष्ट्रके अन्तःपुरमें प्रवेश कीजिये। महाराजने मुझसे कहा है कि मुझे विदुरसे मिलनेमें कभी अड़चन नहीं है ।। ६ Vidur Niti sunne ke labh / Vidur Niti sunne ke fayde / Vidura Niti sunne ke labh / Vidura Niti sunne ke fayde / niti sunne ke labh / niti sunne ke fayde / neeti sunne ke labh / neeti sunne ke fayde जिस तरह व्याकरण शास्त्र के बिना शब्द और अर्थ का ज्ञान नहीं हो सकता, न्याय और तर्क के बिना सृष्टि के अन्य पदार्थों का ज्ञान नहीं होता तथा मीमांसा शास्त्र के बिना यज्ञ सम्बन्धी कुछ भी ज्ञान नहीं हो सकता । तृण से लेकर देह पर्यन्त सारा संसार नश्वर है, यह वेदान्त बिना नहीं जाना जा सकता। उसी प्रकार संसार के सन्चालन की रीति को बिना नीति शास्त्र के कोई नहीं बता सकता। इस जगत् की स्थिति नीति शास्त्र के बिना इस तरह नहीं हो सकती, जैसे भोजन के विना देह की स्थिति नहीं हो सकती है ।। अनेको-अनेक शास्त्र अपने-अपने मत के बोधक हैं। इनके मतों के जानने वाले विद्वान इन शास्त्रों का अध्ययन अध्यापन करते चले आये हैं। यद्यपि इन शास्त्रों में बुद्धि का चमत्कार बहुत है, परन्तु इससे संसार में व्यवहार करने वाले मनुष्यों की कोई सिद्धि नहीं हो सकती , यह सिद्धि केवल नीति शास्त्र के अध्ययन से होती है नीति शास्त्र के अध्ययन से लोग शत्रु को जीतने में समर्थ होते हैं, यह धर्म, अर्थ और काम की सिद्धि का मूल कारण है। नीति शास्त्र के अध्ययन से अन्त में मोक्ष की प्राप्ति होना भी सम्भव है ॥ थोड़ी आयु वाले आज कल के लोगों को इसी से सिद्धि प्राप्त हो सकती है। नीति न जानने वाले लोगों के शत्रु इस तरह खड़े हो जाते हैं, जैसे दूषित भोजन करने वाले मनुष्य के रोग तत्काल उत्पन्न हो जाते हैं। जिससे वह रोगी जीवित नहीं रह सकता है ।। नीतिहीन मनुष्य छोटे छोटे से कार्यों में भी मुग्ध हो कर हानि उठाते हैं और जो लोग नीति के जानने वाले हैं वे बड़े बड़े दुस्तर और कठिन कार्यों को सहज में शीघ्र कर लेते हैं नीति शास्त्र, मनुष्य के अभीष्ट की सिद्धि करने वाला सर्व सम्मत शास्त्र है। इस नीति-शास्त्र का जब इतना उपयोग है, तो यह अन्य शास्त्रों की अपेक्षा अधिक शक्तिशाली और उपयोगी समझना चाहिए ।। ________________________________________________ चैनल का विशेष दर्शक बनने हेतु Click करें Join this channel to get access to perks: / @mantrasarovar ________________________________________________ स्वर - भास्कर पंडित Voice By - Bhaskar Pandit ________________________________________ "लगाइये आस्था की डुबकी " ~ मंत्र सरोवर ~ @MantraSarovar https://www.youtube.com/c/MantraSarov... _________________________________________ #mantrasarovar #vidurniti #vidurnitihindi #vidurnitiinhindi #viduraniti #viduranitihindi #vidur #vidurneeti #vidurneetihindi

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