गुरु सियाग योग के साथ हमारे अनुभव - भाग 756*/Our Experiences With Guru Siyag Yoga - Part 756*
ध्यान की विधि: सर्वप्रथम आरामदायक स्थिति में किसी भी दिशा की ओर मुँह करके बैठ जाएँ. यदि आप बैठ पाने में असमर्थ हैं तो आप ये ध्यान लेटकर भी कर सकते हैं. इसके बाद समर्थ सदगुरुदेव श्री रामलाल जी सियाग और बाबा श्री गंगाईनाथ के चित्र को कुछ देर तक खुली आँखों से देखते हुए अपनी समस्त समस्याओं के समाधान एवं आपको 15 मिनट तक ध्यान में बिठाने के लिए अंतर्मन से करूण प्रार्थना करें। अब आँखे बंद करके गुरुदेव के चित्र को आज्ञाचक्र पर (जहाँ तिलक या बिंदी लगाते हैं) देखने की कल्पना कीजिये। और फिर मन ही मन (बिना होंठ-जीभ हिलाये) गुरुदेव द्वारा दिए गए 'संजीवनी मन्त्र' का लगातार मानसिक जाप आरम्भ कर दीजिये। ध्यान के दौरान यदि किसी भी यौगिक क्रिया जैसे कि आसन, बन्ध, मुद्रा, प्राणायाम, कम्पन अपने आप होने लगे तो घबराएँ नहीं, और न ही इन्हें रोकने का प्रयास करें। ये सभी योगिक क्रियाएं जागृत मातृशक्ति कुण्डलिनी स्वयं अपने नियंत्रण में आपके त्रिविध ताप शांत करने के लिए करवाती है। ध्यान की अवस्था में दिव्य प्रकाश, दिव्य गन्ध, दिव्य रस, दिव्य ध्वनि (नाद) तथा अनिश्चित काल का भूत, भविष्य दिखाई दे सकता है। ये सभी दिव्य अनुभूतियाँ भी आपके भीतर जागृत कुण्डलिनी द्वारा ही अनुभव करवाई जाती हैं। ध्यान की अवधि पूर्ण होते ही आप सामान्य अवस्था में लौट आयेंगे। ध्यान दिन में केवल दो बार ही करें, इससे अधिक करने के लिए हमारा भौतिक शरीर समर्थ नहीं होता है। ध्यान ठोस आहार लेने के बाद न करें, ऐसा करने पर या तो ध्यान लगेगा नहीं, और लगेगा भी तो उल्टी हो सकती है. इस लिहाज़ से नियमित सुबह-शाम खाली पेट ध्यान करना ही बेहतर रहेगा। संजीवनी मन्त्र का ‘मानस जाप’ आप जितनी अधिक बार करेंगे, उतना ही उत्तम रहेगा । गुरु सियाग योग मानव मात्र के लिए है और इसे सभी जाति, धर्म, समुदाय, वर्ग, आयु के लोग कर सकते हैं। Visit www.gurusiyag.work गुरु सियाग योग की संक्षिप्त जानकारी के लिए यह विडियो देखें • गुरु सियाग योग क्या है? - संक्षिप्त जानकार... कुण्डलिनी क्या है ? कुण्डलिनी शक्ति हर इंसान में जन्म से ही विद्यमान एक दिव्य ऊर्जा है जो हमारे मूलाधार चक्र में साढ़े तीन आंटे लगाकर (कुण्डलित/spiral) सुषुप्त अवस्था में रहती है। किसी भी समर्थ सद्गुरुदेव द्वारा दिए गए दिव्य मन्त्र के मानसिक जाप और ध्यान करने से यह जागृत होकर ऊपर की ओर उठती (ऊर्ध्वगमन करती) है और छः चक्रों को भेदन करते हुई सहस्रार में परम सत्ता लय हो जाती है। इससे व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति जीवित रहते हुए ही हो जाती है। सहस्रार तक पहुँचने की प्रक्रिया में कुण्डलिनी शक्ति साधक को अपने अधीन स्वत: योग (automatic Yoga) करवाती हुई चलती है, क्योंकि समाधि की अवस्था तक पहुँचने के लिए शरीर का निरोगी होना अनिवार्य है। स्वतः संचालित योग आज भी वैज्ञानिकों के लिए शोध का विषय है! #SpiritualPodcast #Spirituality #Meditation #InnerPeace #Mindfulness #Consciousness #Awakening #SelfRealization #DivineEnergy #HigherConsciousness #SoulJourney #SpiritualGrowth #PositiveVibes #HealingEnergy #MantraMeditation #YogaWisdom #AncientWisdom #Guru #Bhakti #SanatanDharma #Mysticism #Enlightenment #PodcastLife #SpiritualTalks #WisdomPodcast #DivineGuidance #EnergyHealing #Motivation #PeacefulMind #UniverseEnergy #आध्यात्म #ध्यान #मंत्रजाप #गुरु #सनातनधर्म #आत्मज्ञान #सिद्धयोग #भक्ति #आध्यात्मिकता #शांतिमंत्र #ध्यानयोग #परमात्मा #चेतना #दिव्यज्ञान #योगसाधना #गुरुकृपा #आत्मिकविकास #सकारात्मकऊर्जा #धर्मज्ञान #मोक्ष #मुक्ति

गुरु सियाग योग के साथ हमारे अनुभव - भाग 757*/Our Experiences With Guru Siyag Yoga - Part 757*

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अवचेतन मन को कैसे प्रोग्राम करें | इच्छाओं की पूर्ति का रहस्य | Dr. Sweta Adatia

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Get Liberated in this Life | जीवन मुक्ति | Gurudev Shri Ramlal Ji Siyag

चमत्कारिक परिणाम देने वाला संजीवनी मंत्र / Magical Sanjeevani Mantra for Blissful Life.

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11-कुण्डलिनी जागरण से Third Eye तक | Shaktipat, Chakra, Meditation, Spiritual Awakening का विज्ञान

गुरु सियाग योग के साथ हमारे अनुभव - भाग 763*/Our Experiences With Guru Siyag Yoga - Part 763*

Divine Story Of Gangainath Ji & Guru Siyag | दादागुरुदेव की दिव्य कथा

School of Transcendental Knowledge - Episode 32 - The Secret of Gita Chapter 8

गुरु सियाग योग के साथ हमारे अनुभव - भाग 758*/Our Experiences With Guru Siyag Yoga - Part 758*

सत्युग बहुत तेजी से आ रहा है।/ The Age of Truth is approaching at a very fast pace.

Basic Introduction Of Guru Siyag SiddhaYoga | नए साधकों के लिए सिद्धयोग दर्शन की मूलभूत जानकारी

गुरु सियाग योग के साथ हमारे अनुभव - भाग 755*/Our Experiences With Guru Siyag Yoga - Part 755*

