संतो सो निज देस हमारा | न स्वर्ग, न संसार — आत्मा का असली घर | कबीर भजन का गूढ़ आध्यात्मिक अर्थ

🧔🏻‍♂️आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें —https://acharyaprashant.org/hi/enquir... 1. "संतो सो निज देस हमारा।" अर्थ: हे साधकों! हमारा वास्तविक घर यह संसार नहीं है। हमारा असली घर वह शुद्ध चेतना है जहाँ से हम आए हैं। 2. "जहां जाय फिर हंस न आवे भवसागर की धारा।" अर्थ: जो आत्मा उस परम सत्य को प्राप्त कर लेती है, वह फिर जन्म-मरण के चक्र में नहीं फँसती। 3. "सूर चंद नहिं तंह प्रकासत नहिं नभ मंडल तारा।" अर्थ: उस अवस्था को जानने के लिए बाहरी सूर्य, चंद्रमा या तारों की आवश्यकता नहीं होती। वहाँ ज्ञान भीतर से प्रकाशित होता है। 4. "उदय न अस्त दिवस नहिं रजनी बिन ज्योति उजियारा।" अर्थ: वहाँ समय का कोई अस्तित्व नहीं है। न दिन है, न रात। केवल शाश्वत चेतना का प्रकाश है। 5. "पांच तत्त्व तीन गुण तंह नाहिं नाहिं तंह सृष्टि पसारा।" अर्थ: वहाँ शरीर नहीं है, क्योंकि शरीर बनाने वाले पाँच तत्व और प्रकृति के तीन गुण वहाँ नहीं पहुँचते। 6. "तंह न माया कृत प्रपंच यह लोग कुटुम परिवारा।" अर्थ: वहाँ संसार के रिश्ते, मोह, परिवार और अहंकार की बनाई हुई दुनिया नहीं है। 7. "क्षुधा तृष्णा नहिं सीत उष्ण तंह सुख दुख को संचारा।" अर्थ: वहाँ न भूख है, न प्यास, न ठंड, न गर्मी और न सुख-दुःख के उतार-चढ़ाव। 8. "आधि न व्याधि उपाधि कछु नाहिं पाप पुण्य बिस्तारा।" अर्थ: वहाँ मानसिक चिंता, शारीरिक रोग, सामाजिक पहचान तथा पाप-पुण्य का कोई बंधन नहीं है। 9. "ऊंच नीच कुल की मरयादा आस्रम वर्ण विचारा।" अर्थ: वहाँ जाति, कुल, ऊँच-नीच, अमीर-गरीब या किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है। 10. "धर्म अधर्म तंह किछु नाहिं संजम नियम आचारा।" अर्थ: जहाँ सत्य का सीधा अनुभव हो जाता है, वहाँ बाहरी नियमों, कर्मकांडों और धार्मिक पहचान की आवश्यकता नहीं रह जाती। 11. "अति अभिराम धाम सर्वोपर सोभा जासु अपारा।" अर्थ: वह परम अवस्था अत्यंत सुंदर, शांत और आनंदमय है। उसकी महिमा का वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता। 12. "कहे कबीर सुनो भाई साधो तीन लोक से न्यारा।" अर्थ: कबीर कहते हैं—हे साधकों! यह अवस्था संसार, स्वर्ग और अन्य सभी लोकों से भी परे है। यह आत्मा का शुद्ध स्वरूप है। भजन का सार कबीर साहब किसी स्वर्ग या मृत्यु के बाद मिलने वाले स्थान की बात नहीं कर रहे। वे उस अद्वैत चेतना की बात कर रहे हैं जहाँ "मैं" और "मेरा" समाप्त हो जाते हैं। वहाँ न संसार है, न बंधन, न भय, न इच्छा। केवल शुद्ध अस्तित्व, शांति और आनंद है। यही "निज देश" है — आत्मा का वास्तविक घर। . . . . . कबीर साहब का अमूल्य भजन "संतो सो निज देस हमारा" केवल एक भजन नहीं, बल्कि आत्मा के वास्तविक घर की ओर संकेत है। इस भजन में कबीर साहब उस परम अवस्था का वर्णन करते हैं जहाँ न जन्म है, न मृत्यु, न सुख है, न दुःख, न पाप है, न पुण्य। वहाँ केवल शुद्ध चेतना, शांति और परम आनंद है। इस वीडियो में हमने इस भजन की प्रत्येक पंक्ति का सरल और गहरा आध्यात्मिक अर्थ समझाया है, ताकि आज का साधक भी कबीर साहब के संदेश को अपने जीवन में उतार सके। यदि आप आत्मज्ञान, अद्वैत, कबीर वाणी, भक्ति और अध्यात्म में रुचि रखते हैं, तो यह वीडियो आपके लिए है। 🙏 वीडियो पसंद आए तो Like, Share और Channel Subscribe अवश्य करें। ➖➖➖➖➖➖ #Kabir #KabirBhajan #SantosoNijDesHamara #KabirVani #Adhyatma #Spirituality #Bhakti #आचार्यप्रशांत #AcharyaPrashant #SocialMedia #KabirSahab #KabirVani #KabirBhajan #SantosoNijDesHamara #KabirAmritwani #NirgunBhajan #Adhyatma #Spirituality #AtmaGyan #Vedanta #SelfRealization #Bhakti #SantVani #KabirKeDohe #HindiSpirituality #Satsang #Moksha #AtmaBodh #NirgunBhakti #KabirPanth . . . . 🎵 प्रस्तुत भजन ✍️ शब्द: आचार्य प्रशांत बुक, नंदलाल दशोरा बुक्स , व AI प्रेरित (Gemini व चैट gpt ) 🎤 स्वर: Suno AI 🙏 यह एक आध्यात्मिक प्रयास है, जिसमें तकनीक के माध्यम से भक्ति भाव प्रस्तुत किया गया है।

ऐतरेय उपनिषद | सम्पूर्ण भजन श्रृंखला | अस्तित्व का रहस्य खुलेगा |चेतना और ब्रह्मांड का रहस्य
▶︎

ऐतरेय उपनिषद | सम्पूर्ण भजन श्रृंखला | अस्तित्व का रहस्य खुलेगा |चेतना और ब्रह्मांड का रहस्य

सब छूट जाएगा अंत में | वैराग्य का सच्चा अर्थ | Spiritual Bhajan | प्रेरणा स्रोत -आचार्य प्रशांत
▶︎

सब छूट जाएगा अंत में | वैराग्य का सच्चा अर्थ | Spiritual Bhajan | प्रेरणा स्रोत -आचार्य प्रशांत

मेरा कर्तव्य भविष्यका निर्धारित कर्ना नही है। #Achryaparshant #आचार्यप्रशांत #innerpeace
▶︎

मेरा कर्तव्य भविष्यका निर्धारित कर्ना नही है। #Achryaparshant #आचार्यप्रशांत #innerpeace

सतमार्ग कठिन बहुत है | तलवार की धार जैसा मार्ग | कबीर चेतावनी भजन  #kabirbhajangyan
▶︎

सतमार्ग कठिन बहुत है | तलवार की धार जैसा मार्ग | कबीर चेतावनी भजन #kabirbhajangyan

खलक सब रैन का सपना, समझ मन कोई नहीं अपना ॥  कबीर साहब
▶︎

खलक सब रैन का सपना, समझ मन कोई नहीं अपना ॥ कबीर साहब

तुम्हारा काम न अच्छा होना है न बुरा होना | Acharya Prashant | आचार्य प्रशांत
▶︎

तुम्हारा काम न अच्छा होना है न बुरा होना | Acharya Prashant | आचार्य प्रशांत

भजन नहीं, अनुभूति | जीवन को भीतर से देखने का आमंत्रण |संतो के भजन | भजन संग्रह
▶︎

भजन नहीं, अनुभूति | जीवन को भीतर से देखने का आमंत्रण |संतो के भजन | भजन संग्रह

हमें रहना है गुरु छाया में, जीवन सुकून पाए ।चैतन्य धारा की एक सुंदर प्रस्तुति।
▶︎

हमें रहना है गुरु छाया में, जीवन सुकून पाए ।चैतन्य धारा की एक सुंदर प्रस्तुति।

PHASE 1: मोह भंग और तीखा प्रहार (The Awakening) | अष्टावक्र गीता भजन श्रृंखला (अध्याय - 1 से 4)
▶︎

PHASE 1: मोह भंग और तीखा प्रहार (The Awakening) | अष्टावक्र गीता भजन श्रृंखला (अध्याय - 1 से 4)

Why did we become distant from our own eyes? | Mukti Bhajan | #acharyaprashant #kabirbhajan
▶︎

Why did we become distant from our own eyes? | Mukti Bhajan | #acharyaprashant #kabirbhajan

ध्यान बिन्दु उपनिषद का सार |आचार्य जी के दर्शन से प्रेरित : चेतना की गरिमा | सम्पूर्ण  भजन श्रृंखला
▶︎

ध्यान बिन्दु उपनिषद का सार |आचार्य जी के दर्शन से प्रेरित : चेतना की गरिमा | सम्पूर्ण भजन श्रृंखला

सम्पूर्ण केन उपनिषद | अहंकार का नाश और देव व यक्ष का संवाद | पूर्ण भजन श्रृंखला | चार भजन
▶︎

सम्पूर्ण केन उपनिषद | अहंकार का नाश और देव व यक्ष का संवाद | पूर्ण भजन श्रृंखला | चार भजन

श्वेताश्वर उपनिषद  गाथा |अद्वैत भजन |आचार्य प्रशांत #upanishads #spiritualbhajan #vedanta #sidhichot
▶︎

श्वेताश्वर उपनिषद गाथा |अद्वैत भजन |आचार्य प्रशांत #upanishads #spiritualbhajan #vedanta #sidhichot

☀️The Miracle of Kabir's Ulatbansi | Sunrise in the Netherworld 👁️✨
▶︎

☀️The Miracle of Kabir's Ulatbansi | Sunrise in the Netherworld 👁️✨

चक्रव्यूह – Overthinking का जाल | आत्मजागरण भजन | अभिमन्यु नहीं, मन फँसा है
▶︎

चक्रव्यूह – Overthinking का जाल | आत्मजागरण भजन | अभिमन्यु नहीं, मन फँसा है

भजन श्रृंखला | मैं ही कुरुक्षेत्र - (महाभारत- एक अंतर्यात्रा) | जागरूकता- Phase - 1
▶︎

भजन श्रृंखला | मैं ही कुरुक्षेत्र - (महाभारत- एक अंतर्यात्रा) | जागरूकता- Phase - 1

संत कबीर के दोहे    Part 6
▶︎

संत कबीर के दोहे Part 6

भारत का संविधान एक आध्यात्मिक दस्तावेज़ है - क्या आप जानते हैं? || आचार्य प्रशांत (2026)
▶︎

भारत का संविधान एक आध्यात्मिक दस्तावेज़ है - क्या आप जानते हैं? || आचार्य प्रशांत (2026)

ईशोपनिषद सम्पूर्ण भजन श्रृंखला | 7 भजन गूढ़ अर्थ लिए हुए संगीत रूप में |Ultimate Spiritual Awakening
▶︎

ईशोपनिषद सम्पूर्ण भजन श्रृंखला | 7 भजन गूढ़ अर्थ लिए हुए संगीत रूप में |Ultimate Spiritual Awakening

जो बदलता है, वह तुम नहीं हो | Spiritual Bhajan | ANHAD NAAD EP 19 #santkabir
▶︎

जो बदलता है, वह तुम नहीं हो | Spiritual Bhajan | ANHAD NAAD EP 19 #santkabir