सच के आगे नहीं झुकेंगे! नहीं झुकेंगे! || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2023)

🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquir... 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?... 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/de... iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya... 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articl... ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #Aansuya #Ahamkaar #KarmaBandh #Atma #dharma सच के आगे नहीं झुकेंगे! नहीं झुकेंगे! || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2023) वीडियो जानकारी: 30.09.23, गीता समागम, ग्रेटर नॉएडा 📋 Video Chapters: 0:00 - Intro 1:00 - असूया और अहंकार का अर्थ 7:40 - औलाद और माता-पिता की विफलता 19:08 - गीता का ज्ञान और अहंकार 23:53 - आत्मज्ञान और कामनाएँ 32:21 - कर्म बंध और श्रद्धा 36:37 - जीवन की अनिवार्यताएँ 47:48 - गलती और मुक्ति 56:28 - समापन विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी ने जीवन में झुकने और अडिग रहने के महत्व पर चर्चा की है। उन्होंने बताया कि जीवन में कई बार हमें रुकना पड़ सकता है, लेकिन झुकना नहीं चाहिए। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि अहंकार और असूया (ईर्ष्या) कैसे हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं। असूया का अर्थ है आत्मा के समकक्ष खुद को मानना, जो कि गलत है। आचार्य जी ने कहा कि हमें अपनी सीमाओं को समझना चाहिए और यह स्वीकार करना चाहिए कि हम अधूरे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि श्रद्धा और निष्काम कर्म का महत्व है। श्रद्धा का अर्थ है बिना किसी परिणाम की चिंता किए कर्म करना। आचार्य जी ने यह भी कहा कि जीवन में कुछ भी आवश्यक नहीं है, केवल आत्मा की खोज आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हमें अपने जीवन के निर्णय खुद लेने चाहिए और समाज के दबाव में नहीं आना चाहिए। आचार्य जी ने अंत में यह कहा कि हमें अपने जीवन को अपने तरीके से जीना चाहिए, बिना किसी डर या संकोच के। हमें अपने कर्मों पर विश्वास रखना चाहिए और जो भी होगा, उसे स्वीकार करने के लिए तैयार रहना चाहिए। प्रसंग: असूया : अहंकार द्वारा स्वयं को आत्मा के समतुल्य या समकक्ष समझना। गीता किसके लिए है? इतनी सारी कामनाओं का होना क्या दिखाता है? क्यों कृष्ण को सुनने से पहले मानना पड़ेगा कि हम अधूरे है? श्रद्धा और निष्काम कर्म का क्या अर्थ है? ये मे मतमिदं नित्यमनुतिष्ठन्ति मानवाः। श्रद्धावन्तोऽनसूयन्तो मुच्यन्ते तेऽपि कर्मभिः।। ~ श्रीमद्भगवद्गीता, अध्याय 3, श्लोक 31 अर्थ: जो लोग श्रद्धायुक्त और ईर्ष्या-रहित होकर मेरे इस मत का सदा पालन करते हैं, वे भी कर्म-बंधन से मुक्त हो जाते हैं। सत्य में रख श्रद्धा अपार नमित करके अंहकार गीता की गुनकर के बात आ मुक्त हो भवबंध काट ~ आचार्य प्रशांत द्वारा सरल काव्यात्मक अर्थ संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~

(गीता-45) सबसे बड़ा पापी कौन? || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2024)
▶︎

(गीता-45) सबसे बड़ा पापी कौन? || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2024)

हमारे जीवन का उद्देश्य क्या है।। आचार्य प्रशांत।। मेरी आवाज 🥰
▶︎

हमारे जीवन का उद्देश्य क्या है।। आचार्य प्रशांत।। मेरी आवाज 🥰

हमारे साथ गलत क्यों होता हैं? क्या हमारे कर्म इतने बुरे होते है।#premanand_ji
▶︎

हमारे साथ गलत क्यों होता हैं? क्या हमारे कर्म इतने बुरे होते है।#premanand_ji

तुम्हारा काम न अच्छा होना है न बुरा होना | Acharya Prashant | आचार्य प्रशांत
▶︎

तुम्हारा काम न अच्छा होना है न बुरा होना | Acharya Prashant | आचार्य प्रशांत

Sitar for Dopamine Reset | Raga Bhupali | Mindfulness | 1 Hour
▶︎

Sitar for Dopamine Reset | Raga Bhupali | Mindfulness | 1 Hour

सुरक्षा की चाह ही सबसे बड़ा खतरा है || आचार्य प्रशांत, लाओत्सु पर (2025)
▶︎

सुरक्षा की चाह ही सबसे बड़ा खतरा है || आचार्य प्रशांत, लाओत्सु पर (2025)

आज का सत्संग | सबको भगवत प्राप्ति होगी बस मेरी बात मान लो सिद्ध वचन! #premanandjimaharaj
▶︎

आज का सत्संग | सबको भगवत प्राप्ति होगी बस मेरी बात मान लो सिद्ध वचन! #premanandjimaharaj

(गीता-44) कहीं आप भी चोर तो नहीं? श्रीकृष्ण से सुनिए || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2024)
▶︎

(गीता-44) कहीं आप भी चोर तो नहीं? श्रीकृष्ण से सुनिए || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2024)

जानते हो किसके गुलाम हो तुम? || आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर (2023)
▶︎

जानते हो किसके गुलाम हो तुम? || आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर (2023)

फालतू लोगों से दूर रहो, तभी जीवन बदलेगा | Premanand Ji Maharaj
▶︎

फालतू लोगों से दूर रहो, तभी जीवन बदलेगा | Premanand Ji Maharaj

Acharya Prashant Exclusive Podcast: आचार्य प्रशांत बोले बेबाक - चुनाव, मीडिया, आरक्षण और लोकतंत्र पर
▶︎

Acharya Prashant Exclusive Podcast: आचार्य प्रशांत बोले बेबाक - चुनाव, मीडिया, आरक्षण और लोकतंत्र पर

अहम क्या है ? Aacharya prashant | Gita satr se jude | #youtube
▶︎

अहम क्या है ? Aacharya prashant | Gita satr se jude | #youtube

👉UPSE कोचिंग हादसा सत्यचाई जान लो #achryaprashant #facts #viralvideo #motivation#success #important
▶︎

👉UPSE कोचिंग हादसा सत्यचाई जान लो #achryaprashant #facts #viralvideo #motivation#success #important

(गीता-38) गीता की सबसे प्रसिद्ध बात, जो हम समझ ही नहीं पाए || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2024)
▶︎

(गीता-38) गीता की सबसे प्रसिद्ध बात, जो हम समझ ही नहीं पाए || आचार्य प्रशांत, भगवद् गीता पर (2024)

सच्चा आस्तिक ही ‘नास्तिक’ क्यों कहलाता है? एक प्राचीन राज़! || आचार्य प्रशांत (2025)
▶︎

सच्चा आस्तिक ही ‘नास्तिक’ क्यों कहलाता है? एक प्राचीन राज़! || आचार्य प्रशांत (2025)

Shekhar Tonite Ep-7 | Ft. Farah Khan | Shekhar Suman | Full Episode
▶︎

Shekhar Tonite Ep-7 | Ft. Farah Khan | Shekhar Suman | Full Episode

😱 जीवन का संपूर्ण सार सिर्फ नाम जप में है... जो इसे समझ गया, उसका जीवन बदल गया! 🙏✨ Today pravachan
▶︎

😱 जीवन का संपूर्ण सार सिर्फ नाम जप में है... जो इसे समझ गया, उसका जीवन बदल गया! 🙏✨ Today pravachan

माँ-बाप ही बच्चे को बर्बाद करते हैं? || आचार्य प्रशांत, रायपुर  (2026)
▶︎

माँ-बाप ही बच्चे को बर्बाद करते हैं? || आचार्य प्रशांत, रायपुर (2026)

भगवान और भगवान में अंतर होता है || आचार्य प्रशांत, बातचीत (2023)
▶︎

भगवान और भगवान में अंतर होता है || आचार्य प्रशांत, बातचीत (2023)

वीर हो, तो यह करके दिखाओ। यमुना तट सत्संग (27-06-26) | Bhajan Marg
▶︎

वीर हो, तो यह करके दिखाओ। यमुना तट सत्संग (27-06-26) | Bhajan Marg