दो मुठ्ठी तंदुल (चावल) द्वारिका लेकर सुदामा चले अपने मित्र श्रीकृष्ण से मिलने | Shri Krishna Jeevani

वृंदापुरी के राजा का गुणगान करने के स्थान पर प्रभु का गुणगान करने वाला सुदामा सैनिकों के द्वारा पीटे जाने से लगे धाव लिए जब घर वापस आता है, तो उसकी पत्नी वसुंधरा घावों पर लेप लगाते हुए खेद व्यक्त करते हुए कहती है कि यदि मैंने आपको राजा के पास जाने के लिए विवश न किया होता तो आप इस प्रकार घायल न होते। सुदामा इसे अपने पूर्व जन्म के कर्मों का फल बताते हैं। यह सुन वसुंधरा सुदामा से कहती है कि जब आप मेरे कहने पर एक निर्दयी राजा के पास जा सकते हैं तो अपने परिवार के लिए श्रीकृष्ण के पास क्यों नहीं जा सकते हैं, उनके कुछ माँगने में क्या शर्म और हिचकिचाहट है? सुदामा उत्तर देते हैं कि मुझे भगवान से मांगने में न तो शर्म है और न हिचकिचाहट है किन्तु हिचकिचाहट है तो मित्र से मांगने में। यह सुन वसुंधरा कहती है कि दीनों की सुध लेने वाले श्रीकृष्ण को सभी दीनदयाल कहते हैं और उन्होंने तो गुरुकुल में आपको वचन दिया था कि समय आने पर मित्रता का धर्म वह ही निभाएंगे। सुदामा कहता है कि मैं फटेहाल नंगे पाँव वहाँ पहुँचूँगा तो श्रीकृष्ण को भरी राजसभा में प्रभावशाली लोगों से सामने उन्हें मुझे मित्र कहते हुए कितनी लज्जा आएगी, इससे तो यही अच्छा है कि जीवन के बाकी दिन इसी प्रकार काट लूँ। यह कह सुदामा बिस्तर पर लेट जाते हैं, लेकिन घावों की पीड़ा के कारण सो नहीं पाते हैं। उनकी पीड़ा देखकर वसुंधरा दीपक के तेल में अपना पल्लू डुबोकर उसका फाहा सुदामा के घाव पर लगाने लगती है और सुदामा के घाव से दुखी वसुंधरा श्रीकृष्ण को ताना देते हुए कहने लगती है कि कैसे भगवान हो जो अपने भक्त और मित्र के धाव भी नहीं भर सकते। वसुंधरा का यह ताना श्रीकृष्ण को चुभ जाता है और जब सब सो जाते हैं, तब श्रीकृष्ण स्वयं आकर सुदामा के घावों पर अपने हाथों से माखन लगा कर चले जाते हैं। चिकनाई का आभास होने पर सुदामा वसुंधरा को जगाता है। वसुंधरा सुदामा के घावों पर माखन और उनके सिरहाने पर माखन से भरी कटोरी देख कर समझ जाती है कि यह कोई दिव्य घटना है और वह सुदामा से कहती है कि देखा मेरे ताना मारने से श्रीकृष्ण स्वयं माखन की कटोरी लेकर चले आए। यह सुन सुदामा दुखी होकर कहते हैं कि मैं भगवान को कष्ट नहीं दूँगा, स्वयं उनके पास जाऊँगा। अगले दिन जब सुदामा खाली हाथ द्वारिका जाने लगते है, तो वसुंधरा पड़ोस से दो मुट्ठी तंदुल (चावल) लाकर श्रीकृष्ण को भेंट स्वरूप देने के लिए कहती है। अपनी दिव्य दृष्टि से श्रीकृष्ण के साथ यह घटना देख रही रुक्मिणी छेड़ते हुए कहती है इस चावल से मुझे भी अपना भाग चाहिए। सुदामा गाँव के सीमा पर बने छोटे से विष्णु मंदिर में प्रार्थना करके नंगे पाँव द्वारिका के लिए निकल पड़ते है। यह दृश्य देवलोक में हलचल मच जाती है, जहाँ ब्रह्मा जी को लगने लगता है कि कही श्रीकृष्ण पूरी सृष्टि ही सुदामा को दान न कर दें। तो वही इन्द्र को भी आशंका होने लगती है कि मित्र की यह दशा देखकर प्रभु ने उसे स्वर्ग दान में दे दिया तो देवता कहाँ जाकर वास करेंगे। पथरीले और काँटों भरे मार्ग में सुदामा को चलते देख रुक्मिणी को चिंता होने लगती है कि कही सुदामा हिम्मत हार कर द्वारिका नहीं पहुँच पाए। यह सुन श्रीकृष्ण सुदामा की मदद करने के लिए अपना रूप बदल कर मुरली बजाते हुए उनके आस-पास मंडराने लगते है। मुरली की धुन सुनकर सुदामा को श्रीकृष्ण की याद आने लगती है और वह श्रीकृष्ण से कहते है कि यह धुन श्रीकृष्ण की याद दिला रही है, जिनसे मिलने द्वारिका जा रहा हूँ। यह सुन मुरली मनोहर बने श्रीकृष्ण कहते हैं कि मैं भी द्वारिका में रहता हँ और अपनी पत्नी को मायके छोड़कर वापस वहीं जा रहा हूँ। लेकिन मेरी पत्नी इतनी सुन्दर है कि मुझे हर समय उसकी याद आती रहती है। फिर वह सुदामा से ठिठोली करते हुए पूछते हैं कि क्या आपको अपनी पत्नी की याद नहीं आ रही है। यह सुन जहाँ सुदामा बात-बात पर बिदकने लगते है, तो वही मुरली मनोहर छेड़छाड़ का कोई अवसर नहीं छोड़ते है। सम्पूर्ण जगत में भगवान विष्णु के आठवें अवतार एवं सोलह कलाओं के स्वामी भगवान श्री कृष्ण काजीवन धर्म, भक्ति, प्रेम, और नीति का अद्भुत संगम है। वसुदेव और देवकी के पुत्र के रूप में कारागार में जन्म लेकर गोकुल की गलियों में यशोदा और नंदबाबा के यहाँ पलने वाले, अपनी लीलाओं, जैसे पूतना वध, माखन चोरी, राधा के संग प्रेम, गोपियों के साथ रासलीला और कालिया नाग के दमन के लिए प्रसिद्ध श्री कृष्ण ने युवावस्था में मथुरा कंस का वध करके जनमानस को उसके अत्याचार से मुक्त कराया एवं स्वयं के लिए द्वारका नगरी स्थापना भी की। उनका जीवन केवल लीलाओं तक सीमित नहीं था। उन्होंने समाज को धर्म और कर्म का गूढ़ संदेश देने के लिए महाभारत के युद्ध में पांडवों का मार्गदर्शन किया और अर्जुन के सारथी बनकर उसे "श्रीमद्भगवद्गीता" का उपदेश दिया, जो आज भी जीवन की समस्याओं का समाधान बताने वाला महान ग्रंथ माना जाता है। श्री कृष्ण का जीवन प्रेम, त्याग, और नीति का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। आपका प्रिय चैनल "तिलक" श्री कृष्ण के जीवन से जुड़ा यह विशेष संस्करण "श्री कृष्ण जीवनी" आपके समक्ष प्रस्तुत है, जिसमें भगवान श्री कृष्ण के जीवन से जुड़ी कथाओं का संकलन किया गया है। भक्ति भाव से इनका आनन्द लीजिए और तिलक से जुड़े रहिए। #tilak #krishna #shreekrishna #shreekrishnajeevani #krishnakatha

सुदामा श्रीकृष्ण का मिलन | वसुंधरा को मिला माता लक्ष्मी से चिरयौवना का वरदान | श्री कृष्ण महाएपिसोड
▶︎

सुदामा श्रीकृष्ण का मिलन | वसुंधरा को मिला माता लक्ष्मी से चिरयौवना का वरदान | श्री कृष्ण महाएपिसोड

जब कान्हा और राधा बने नारायण-लक्ष्मी, यशोदा और नंद के उड़ गए होश || Yashomati Maiya Ke Nandlala
▶︎

जब कान्हा और राधा बने नारायण-लक्ष्मी, यशोदा और नंद के उड़ गए होश || Yashomati Maiya Ke Nandlala

The Brilliant Hidden Details Maybe You Missed In 3 Idiots
▶︎

The Brilliant Hidden Details Maybe You Missed In 3 Idiots

सुदामा और श्री कृष्ण का मिलन: चावल का अद्भुत प्रसंग | श्री कृष्ण महाएपिसोड
▶︎

सुदामा और श्री कृष्ण का मिलन: चावल का अद्भुत प्रसंग | श्री कृष्ण महाएपिसोड

श्री कृष्ण भाग 107 - सुदामा के लाये तन्दुल (चावल) श्रीकृष्ण ने खाए । रामानंद सागर कृत
▶︎

श्री कृष्ण भाग 107 - सुदामा के लाये तन्दुल (चावल) श्रीकृष्ण ने खाए । रामानंद सागर कृत

सम्पूर्ण रामायण चौपाई ~ मंगल भवन अमंगल हारी | Ravi Raj ~ Ramayan Chaupai || #Ram Katha 2026
▶︎

सम्पूर्ण रामायण चौपाई ~ मंगल भवन अमंगल हारी | Ravi Raj ~ Ramayan Chaupai || #Ram Katha 2026

शेषनाग के अवतार बलराम और भगवान श्री कृष्ण का जन्म | Shri Krishna Jeevani
▶︎

शेषनाग के अवतार बलराम और भगवान श्री कृष्ण का जन्म | Shri Krishna Jeevani

मंगलवार स्पेशल: हे महावीर करो कल्याण - जय हो तेरी बजरंगबाला - नाचते मिलेंगे हनुमाना - Hanuman Bhajan
▶︎

मंगलवार स्पेशल: हे महावीर करो कल्याण - जय हो तेरी बजरंगबाला - नाचते मिलेंगे हनुमाना - Hanuman Bhajan

भगवान विष्णु वामन अवतार | तीन पग भूमि दान में भगवान ने तीनों लोकों को नाप लिया | विष्णु पुराण
▶︎

भगवान विष्णु वामन अवतार | तीन पग भूमि दान में भगवान ने तीनों लोकों को नाप लिया | विष्णु पुराण

नन्हे कान्हा को गंगा मैया के साथ नदी मे देखकर हैरान रह गए वृन्दावनवासी - YASHOMATI MAIYYA KE NANDLAL
▶︎

नन्हे कान्हा को गंगा मैया के साथ नदी मे देखकर हैरान रह गए वृन्दावनवासी - YASHOMATI MAIYYA KE NANDLAL

श्री कृष्ण लीला | श्री कृष्ण और सुदामा मिलन की कथा
▶︎

श्री कृष्ण लीला | श्री कृष्ण और सुदामा मिलन की कथा

जब माता सती का हुआ अपमान: शिव का तांडव | Dharm Yoddha | Faisal Khan | Full EP 181 - 185
▶︎

जब माता सती का हुआ अपमान: शिव का तांडव | Dharm Yoddha | Faisal Khan | Full EP 181 - 185

भयंकर तूफान में डूबती मैया मदद को दौड़े कान्हा और दाऊ | यशोमती मईया के नंदलाला | Shree Krishan
▶︎

भयंकर तूफान में डूबती मैया मदद को दौड़े कान्हा और दाऊ | यशोमती मईया के नंदलाला | Shree Krishan

सम्पूर्ण रामायण चौपाई ~ मंगल भवन अमंगल हारी | Ravi Raj ~ Ramayan Chaupai || #Ram Katha 2026
▶︎

सम्पूर्ण रामायण चौपाई ~ मंगल भवन अमंगल हारी | Ravi Raj ~ Ramayan Chaupai || #Ram Katha 2026

सुदामा की द्वारिका यात्रा: श्रीकृष्ण से मिलन की कहानी | श्री कृष्ण महाएपिसोड
▶︎

सुदामा की द्वारिका यात्रा: श्रीकृष्ण से मिलन की कहानी | श्री कृष्ण महाएपिसोड

श्री कृष्ण लीला और कंस के हाथी का वध | श्री कृष्ण महाएपिसोड
▶︎

श्री कृष्ण लीला और कंस के हाथी का वध | श्री कृष्ण महाएपिसोड

कान्हा की नई शरारत चुराए गोपियों के कपड़े || Yashomati Maiya Ke Nandlala
▶︎

कान्हा की नई शरारत चुराए गोपियों के कपड़े || Yashomati Maiya Ke Nandlala

सीधा दिल में उतर जाएंगे कृष्णा जी के ये भजन | Krishna Ji ke Bhajan | Shyam Bhajan | New Bhajan 2026
▶︎

सीधा दिल में उतर जाएंगे कृष्णा जी के ये भजन | Krishna Ji ke Bhajan | Shyam Bhajan | New Bhajan 2026

सुदामा के तीन मुट्ठी चावल के बदले श्रीकृष्ण ने न्योछावर कर दिए तीनों लोक | श्री कृष्ण लीला
▶︎

सुदामा के तीन मुट्ठी चावल के बदले श्रीकृष्ण ने न्योछावर कर दिए तीनों लोक | श्री कृष्ण लीला

लक्ष्मण मूर्छा और हनुमान जी का संजीवनी लाना | रामायण महाएपिसोड
▶︎

लक्ष्मण मूर्छा और हनुमान जी का संजीवनी लाना | रामायण महाएपिसोड