शिव कौन हैं? || आचार्य प्रशांत, महाशिवरात्रि पर (2023)
🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquir... 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?... 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/de... iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya... 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articl... ➖➖➖➖➖➖ ⚡ आचार्य प्रशांत कौन हैं? अध्यात्म की दृष्टि कहेगी कि आचार्य प्रशांत वेदांत मर्मज्ञ हैं, जिन्होंने जनसामान्य में भगवद्गीता, उपनिषदों ऋषियों की बोधवाणी को पुनर्जीवित किया है। उनकी वाणी में आकाश मुखरित होता है। और सर्वसामान्य की दृष्टि कहेगी कि आचार्य प्रशांत प्रकृति और पशुओं की रक्षा हेतु सक्रिय, युवाओं में प्रकाश तथा ऊर्जा के संचारक, तथा प्रत्येक जीव की भौतिक स्वतंत्रता व आत्यंतिक मुक्ति के लिए संघर्षरत एक ज़मीनी संघर्षकर्ता हैं। संक्षेप में कहें तो, आचार्य प्रशांत उस बिंदु का नाम हैं जहाँ धरती आकाश से मिलती है! आइ.आइ.टी. दिल्ली एवं आइ.आइ.एम अहमदाबाद से शिक्षाप्राप्त आचार्य प्रशांत, एक पूर्व सिविल सेवा अधिकारी भी रह चुके हैं। उनसे अन्य सोशल मीडिया पर भी जुड़ें: फ़ेसबुक: / acharya.prashant.advait इंस्टाग्राम: / acharya_prashant_ap ट्विटर: / advait_prashant ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #shivratri #shivratrispecial #religion #mahashivratri #mahadev #bholenath #mahakal #shiva #shiv #shivshakti #shivshankar #kedarnath #neelkanth #amarnath #kailash #mansarovar #nirvanashatakam #upanishad #upnishad #akkamahadevi #shivbhakti #shambhu #kawadyatra #shivpuran #shivling वीडियो जानकारी: 16.02.23, महाशिवरात्रि सत्र, ग्रेटर नॉएडा Title : शिव कौन हैं? || आचार्य प्रशांत, महाशिवरात्रि पर (2023) 📋 Video Chapters: 0:00 - Intro 0:35 - महाशिवरात्रि से जुड़ी जिज्ञासाएँ 08:02 - शिव कौन हैं? ~ निर्वाण षट्कम की व्याख्या 31:50 - शिवत्व क्या है? 43:15 - शिव के नाम पर प्रचलित मंत्र और उत्सव 54:54 - शिव के पूजन का ऐतिहासिक दृष्टिकोण 1:01:10 - महाशिवरात्रि का विशेष महत्व कैसे समझें? 1:08:16 - अवधूत गीता में शिव का परिचय 1:25:05 - तीसरा नेत्र खुल जाने का अर्थ 1:30:07 - कैवल्य उपनिषद् में शिवत्व की व्याख्या 1:33:12 - संत ललेश्वरी देवी का रोचक चरित्र 1:41:41 - अक्का महादेवी द्वारा शिव की महिमा 1:49:18 - समापन प्रसंग: शिव का वास्तविक अर्थ क्या है? निराकार और साकार शिव से क्या तात्पर्य है? शिव-शक्ति से हम क्या समझ सकते हैं? शिव क्या हैं? शिवत्व क्या है? शिव का अपमान करने वालों में आज मुख्य भूमिका किसकी है? कौन है जो शिव के नाम पर पूरी दुनिया में झूठ फैला रहा है? मनोबुद्ध्यहंकार चित्तानि नाहं न च श्रोत्रजिह्वे न च घ्राणनेत्रे ! न च व्योमभूमि- र्न तेजो न वायुः चिदानंदरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम् न च प्राणसंज्ञो न वै पञ्चवायुः न वा सप्तधातु- र्न वा पञ्चकोशाः! न वाक्पाणिपादं न चोपस्थपायू चिदानंदरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम् न मे द्वेषरागौ न मे लोभ मोहौ मदो नैव मे नैव मात्सर्यभावः ! न धर्मो न चार्थो न कामो न मोक्षः चिदानंदरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम् न पुण्यं न पापं न सौख्यं न दुःखम् न मंत्रो न तीर्थ न वेदा न यज्ञाः ! अहं भोजनं नैव भोज्यं न भोक्ता चिदानंदरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम् न मे मृत्युशंका न मे जातिभेदः पिता नैव मे नैव माता न जन्म ! न बन्धुर्न मित्रं गुरुर्नैव शिष्यः चिदानंदरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम् अहं निर्विकल्पो निराकाररूपः विभुर्व्याप्य सर्वत्र सर्वेन्द्रियाणाम् ! सदा मे समत्वं न मुक्तिर्न बन्धः चिदानंदरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम् ~ निर्वाण षट्कम त्रिषु धामसु यद्भोग्यं भोक्ता भोगश्च यद्भवेत् । तेभ्यो विलक्षणः साक्षी चिन्मात्रोऽहं सदाशिवः ॥ तीनों अवस्थाओं (जाग्रत्, स्वप्न और सुषुप्ति) में जो कुछ भी भोक्ता, भोग्य और भोग के रूप में है, उनसे विलक्षण, साक्षीरूप, चिन्मय स्वरूप, वह सदाशिव स्वयं मैं ही हूँ। ~ कैवल्य उपनिषद् (श्लोक १८) येनेदं पूरितं सर्वमात्मनैवात्मनात्मनि। निराकारं कथं वन्दे ह्यभिन्नं शिवमव्ययम्।। यह दृश्यमान सम्पूर्ण जगत जिस आत्मा द्वारा आत्मा से आत्मा में ही पूर्ण हो रहा है उस निराकार शिव का मैं किस प्रकार वन्दन करूँ क्योंकि वह (जीव से) अभिन्न है, कल्याण स्वरुप है, (तथा) अव्यय है। ~ अवधूत गीता (अध्याय १, श्लोक २) सबाह्याभ्यन्तरोऽसि त्वं शिवः सर्वत्र सर्वदा । इतस्ततः कथं भ्रान्तः प्रधावसि पिशाचवत् ।। जो शिव (आत्मा) बाहर और भीतर सर्वत्र एवं सदा से ही विद्यमान हैं तथा कल्याण रूप हैं, वह तू ही है। फिर तू भ्रांत होकर इधर-उधर पिशाच की तरह क्यों दौड़ता फिरता है? ~ अवधूत गीता (अध्याय १, श्लोक १४) इन्द्रजालमिदं सर्वं यथा मरुमरीचिका । अखण्डितमनाकारो वर्तते केवलः शिवः ।। यह सम्पूर्ण जगत इंद्रजाल के समान है तथा मरुस्थल में मरीचिका के समान है। इसमें केवल घनाकार के रूप में अखंडित कल्याण स्वरुप शिव ही वर्तते हैं। ~ अवधूत गीता (अध्याय ७, श्लोक १३) संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~

कुछ तो नया करो, एक ही ज़िन्दगी है! || आचार्य प्रशांत, वेदांत महोत्सव (2022)

शिवजी के अनसुने रहस्य | आपको हैरान कर देंगे! | Akshat Gupta

❣️अष्टावक्र गीता ❣️#आचार्यप्रशांत #shriprashant #spritual #premanandjipravachan #बीके #ओशोप्रवचन

Acharya Prashant : जीवन बदल देने वाली कुछ सरल बातें || Bharat Express | @ShriPrashant

इतना शांत रहो की लोगो तुम से बोलने से पहले 100 बार सोचे I Osho hindi speech

शिव के असली स्वरूप | Mahakal | Shiv Vani | Osho Inspired Spiritual Gyan

So many myths and lies in the name of Kumbh - now know the truth || @ShriPrashant Jaag Sake to Ja...

ईश्वर है या नहीं? दिमाग के पोर खोलने वाली बातचीत | Blasphemy | Kushal Mehra | Kitabwala

क्या है 3 लोकों का सच ? ये सुनकर चौंक जाओगे ! // Shri Hit Premanand Ji Maharaj

Mahabharat Secrets - Krishna, Shakuni और Duryodhan के छुपे राज़ 🔥| Untold Story for Mahabharat

भगवान और भगवान में अंतर होता है || आचार्य प्रशांत, बातचीत (2023)

Vikash Sir ने बताया वेदों का सच्चा इतिहास | वेद किसने लिखे? | रोचक तथ्य #vikasdivyakirtisir

Momentos de oración | Padre Martín Ávalos | Estamos orando por tus intenciones

ईश्वर कौन? अवतार कौन? ब्रह्मा-विष्णु-महेश कौन? || आचार्य प्रशांत, वेदांत महोत्सव (2022)

४५ डिग्री गर्मी में भी ठंडे रहो — वह आयुर्वेदिक रहस्य जो डॉक्टर नहीं बताता l Osho Hindi Speech

Acharya Prashant Exclusive Podcast: आचार्य प्रशांत बोले बेबाक - चुनाव, मीडिया, आरक्षण और लोकतंत्र पर

Ep 7: Buddha's Philosophy | Buddhism Part-2 | Philosophy Series | Dr. Vikas Divyakirti

हनुमान चालीसा का वास्तविक अर्थ || आचार्य प्रशांत, वेदांत महोत्सव (2023)

संघर्ष #सही रिश्ता #acharyaprashant #overcomeoverthinking #motivation

