श्रीदुर्गापदुद्धारस्तोत्रम् | Durga Apaduddharaka Stotram | Durga Stotram | Madhvi Madhukar Jha
श्रीदुर्गापदुद्धारस्तोत्रम् नमस्ते शरण्ये शिवे सानुकम्पे शरणागतोंकी रक्षा करनेवाली तथा भक्तोंपर अनुग्रह करनेवाली हे शिवे ! आपको नमस्कार है। नमस्ते जगद्व्यापिके विश्वरूपे । जगत्को व्याप्त करनेवाली हे विश्वरूपे ! आपको नमस्कार है। नमस्ते जगद्वन्द्यपादारविन्दे हे जगत्के द्वारा वन्दित चरणकमलोंवाली! आपको नमस्कार है । नमस्ते जगत्तारिणि त्राहि दुर्गे ॥ १ ॥ जगत्का उद्धार करनेवाली हे दुर्गे ! आपको नमस्कार है; आप मेरी रक्षा कीजिये ॥ १ ॥ नमस्ते जगच्चिन्त्यमानस्वरूपे हे जगत् के द्वारा चिन्त्यमानस्वरूपवाली! आपको नमस्कार है। नमस्ते महायोगिनि ज्ञानरूपे । हे महायोगिनि ! आपको नमस्कार है। हे ज्ञानरूपे ! आपको नमस्कार है। नमस्ते नमस्ते सदानन्दरूपे हे सदानन्दरूपे ! आपको नमस्कार है। नमस्ते जगत्तारिणि त्राहि दुर्गे ॥ २ ॥ जगत्का उद्धार करनेवाली हे दुर्गे ! आपको नमस्कार है; आप मेरी रक्षा कीजिये ॥ २ ॥ अनाथस्य दीनस्य तृष्णातुरस्य हे देवि ! एकमात्र आप ही अनाथ, दीन, तृष्णासे व्यथित भयार्तस्य भीतस्य बद्धस्य जन्तोः । भयसे पीड़ित, डरे हुए तथा बन्धनमें पड़े जीवको आश्रय देनेवाली त्वमेका गतिर्देवि निस्तारकर्त्री तथा एकमात्र आप ही उसका उद्धार करनेवाली हैं। नमस्ते जगत्तारिणि त्राहि दुर्गे ॥ ३ ॥ जगत्का उद्धार करनेवाली हे दुर्गे ! आपको नमस्कार है; आप मेरी रक्षा कीजिये ॥ ३ ॥ अरण्ये रणे दारुणे शत्रुमध्ये- हे देवि ! वनमें, भीषण संग्राममें, शत्रुके बीचमें, Sनले सागरे प्रान्तरे राजगेहे । अग्निमें, समुद्र में, निर्जन तथा विषम स्थानमें और शासनके समक्ष एकमात्र आप ही रक्षा करनेवाली हैं त्वमेका गतिर्देवि निस्तारनौका तथा संसारसागरसे पार जानेके लिये नौकाके समान हैं। नमस्ते जगत्तारिणि त्राहि दुर्गे ॥ ४ ॥ जगत्का उद्धार करनेवाली हे दुर्गे ! आपको नमस्कार है; आप मेरी रक्षा कीजिये ॥ ४ ॥ अपारे महादुस्तरेऽत्यन्तघोरे हे देवि ! पाररहित, महादुस्तर तथा अत्यन्त भयावह विपत्सागरे मज्जतां देहभाजाम् । विपत्ति सागरमें डूबते हुए प्राणियोंकी एकमात्र आप ही शरणस्थली हैं त्वमेका गतिर्देवि निस्तारहेतु- तथा उनके उद्धारकी हेतु हैं। र्नमस्ते जगत्तारिणि त्राहि दुर्गे ॥ ५ ॥ आपको नमस्कार है; आप मेरी रक्षा कीजिये ॥ ५ ॥ नमश्चण्डिके चण्डदुर्दण्डलीला समुत्खण्डिताखण्डिताशेषशत्रो अपनी प्रचण्ड तथा दुर्दण्ड लीलासे सभी दुर्दम्य शत्रुओंको समूल नष्ट कर देनेवाली हे चण्डिके! आपको नमस्कार है। त्वमेका गतिर्देवि निस्तारबीजं हे देवि ! आप ही एकमात्र आश्रय हैं तथा भवसागरसे पारगमनकी बीजस्वरूपा हैं। नमस्ते जगत्तारिणि त्राहि दुर्गे ॥ ६ ॥ जगत्का उद्धार करनेवाली हे दुर्गे ! आपको नमस्कार है; आप मेरी रक्षा कीजिये ॥ ६ ॥ त्वमेवाघभावाधृतासत्यवादी न जाता जितक्रोधनात् क्रोधनिष्ठा । आप ही पापियोंके दुर्भावग्रस्त मनकी मलिनता हटाकर सत्यनिष्ठामें तथा क्रोधपर विजय दिलाकर अक्रोधमें प्रतिष्ठित होती हैं। इडा पिङ्गला त्वं सुषुम्णा च नाडी नमस्ते जगत्तारिणि त्राहि दुर्गे ॥ ७ ॥ आप ही योगियोंकी इडा, पिंगला और सुषुम्णा नाडियोंमें प्रवाहित होती हैं। नमस्ते जगत्तारिणि त्राहि दुर्गे ॥ ७ ॥ जगत्का उद्धार करनेवाली हे दुर्गे ! आपको नमस्कार है; आप मेरी रक्षा कीजिये ॥ ७ ॥ नमो देवि दुर्गे शिवे भीमनादे हे देवि! हे दुर्गे! हे शिवे! हे भीमनादे! सरस्वत्यरुन्धत्यमोघस्वरूपे | विभूतिः शची कालरात्रिः सती त्वं हे सरस्वति! हे अरुन्धति ! हे अमोघस्वरूपे ! आप ही विभूति, शची, कालरात्रि तथा सती हैं। नमस्ते जगत्तारिणि त्राहि दुर्गे ॥ ८ ॥ जगत्का उद्धार करनेवाली हे दुर्गे ! आपको नमस्कार है; आप मेरी रक्षा करें ॥ ८ ॥ शरणमसि सुराणां सिद्धविद्याधराणां मुनिमनुजपशूनां दस्युभिस्त्रासितानाम् । नृपतिगृहगतानां व्याधिभिः पीडितानां त्वमसि शरणमेका देवि दुर्गे प्रसीद ॥ ९॥ हे देवि! आप देवताओं, सिद्धों, विद्याधरों, मुनियों , पशुओं तथा लुटेरोंसे पीड़ित जनोंकी शरण हैं। राजाओंके बन्दीगृहमें डाले गये लोगों तथा व्याधियोंसे पीड़ित प्राणियोंकी एकमात्र शरण आप ही हैं ,हे दुर्गे ! मुझपर प्रसन्न होइये ॥ ९ ॥ ॥ इति श्रीसिद्धेश्वरीतन्त्रे उमामहेश्वरसंवादे श्रीदुर्गापदुद्धारस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥ ॥ इस प्रकार श्रीसिद्धेश्वरीतन्त्रके अन्तर्गत उमामहेश्वरसंवादमें Song Credits: Song : Durga Apaduddharaka Stotram Lyrics: Traditional/ Sanskrit Singer: Madhvi Madhukar Jha MuSIC Label: SubhNir Productions Music Director: Nikhil Bisht, Rajkumar

श्री दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्रम् l Durga Stotram l Madhvi Madhukar

भवानी भुजंग स्तोत्रम् l Bhavani Bhujanga Stotram I Adi Shankaracharya l Madhvi Madhukar

सिद्धकुंजिका स्तोत्र ।।siddhkunjika stotra।। मां दुर्गा को प्रसन्न करने का अचूक स्तोत्र।।

श्री ललिता सहस्रनाम स्तोत्रम् l Laita Sahasranama with Lyrics l Madhvi Madhukar

Saundarya Lahari Full | सौन्दर्यलहरी सम्पूर्ण पाठ | Shri Adi Shankaracharya | Divine Vibration

तन्त्रोक्तं देवी सूक्तम् || Devi Suktam || Ya Devi Sarva Bhuteshu || Madhvi Madhukar Jha

शुक्रवार भक्ति भजन : सर्वमंगल मांगल्ये, अम्बे तू है जगदम्बे काली, भोर भई दिन, दुर्गा चालीसा व आरती

Sri Lalitha Sahasranamam Original Full With Lyrics 🙏 | Lalitha Sahasranama Stotram

Jag Janani Jay Jay l Durga Maa Aarti l Madhvi Madhukar

Baglamukhi Kavach | शत्रु की बुद्धि भ्रमित हो जाएगी | Brahmastra Protection Mantra | बगलामुखी कवच

Sri Lalitha Sahasranama Stotram | Hindi Lyrics | Sindhu Smitha | 1000 Names of Goddess Lalitha

Bhavani Ashtakam | भवानी अष्टकम | Durga Stotram | Adi Shankaracharya | Madhvi Madhukar Jha

सिद्ध कुंजिका स्तोत्रम ।सप्तसती पाठ का सम्पूर्ण फल इसके पाठ से मिल जाएगा । नवरात्रि स्पेशल

अष्ट लक्ष्मी स्तोत्रम् | Ashta Lakshmi Stotram with Lyrics | Sanskrit Devotional Hymn

नकारात्मकता नाशक आदिशक्ति महास्तोत्रम् | Adi Shakti Protection Stotra | Maa Durga Stuti

Aigiri Nandini Mahishasur Mardini Stotram

शुक्रवार के दिन जरूर अपने घर में ये सुंदरकांड चलाकर रख देना कर्ज खत्म ,बीमारी खत्म और धन वर्षा शुरू

शुक्रवार भक्ति भजन : सर्वमंगल मांगल्ये, ॐ भूर्भुवः स्वः, या देवी सर्व भूतेषु , दुर्गा चालीसा व आरती

Sri Lalitha Sahasranamam Full | Sri Lalitha Sahasranama Stotram | Lalitha Stotram

