श्रीमती राधारानी के चरण चिह्नों की विशेषता | Lotus Feet of Srimati RadhaRani |Balbhadra Das
श्री श्री #राधारानी #चरण_चिन्ह👣 #balbhadradas श्रीमती राधा रानी के श्री चरणों में 19 चिन्ह विद्यमान है। बाएं श्री चरण में 11 एवं दाएं श्री चरण में 8 चिन्ह है। ( बाएं चरण के चिन्ह ) 1.) #यव = यव को अन्न का प्रतीक माना गया है एवं श्री राधा रानी के चरण चिन्हों मे यव का ध्यान करने वाले भक्त सुमति, सुगति, विद्या एवं धन धान्य से परिपूर्ण रहते है| 2.) #उर्ध्व रेखा = समस्त संसार दुखों से परिपूर्ण है। श्रीमती राधा रानी के चरण में विद्यमान उर्ध्व रेखा एक पुल का प्रतीक है जो इस संसार रूपी भवसागर से पार कराती है। 3.) #चक्र = चक्र तेज एवं तत्व का प्रतीक होता है। श्रीमती राधा रानी के चरणों में चक्र का चिन्ह रक्षात्मक भाव से विद्यमान है, चक्र के चिन्ह का ध्यान करने वाले भक्तों की काम रुपी निशाचर से श्री राधिका सदैव रक्षा करती है | दूसरा भाव यह कि संपूर्ण बृज भूमि पर श्रीमती राधा रानी का ही राज्य है और यही चक्र जो श्री ठाकुर के हाथ में विराजता है, इससे ठाकुर जी का प्रिया जी के प्रति समर्पण भाव प्रस्तुत होता है | 4.) #छत्र = छत्र ऐश्वर्य का प्रतीक है एवं श्रीजी के चरणों में छत्र का ध्यान करने वाले भक्तों पर राधा रानी सदैव अपनी करुणा की छत्र छाया बनाएं रखती है। 5.) #कंकण (चूड़ी) = निकुंज में लीला करते समय श्री ठाकुर जी का ध्यान श्री राधा रानी पर रहता है। श्री राधा रानी के कंकण में से ध्वनि उत्पन्न होने के कारण श्री ठाकुर जी का ध्यान उनके कंकण पर जा रहा था। इस कारण श्री राधा रानी ने अपना कंकण उतार कर रख दिया जिससे ठाकुर जी का ध्यान कंकण की ध्वनि पर न जाए और उनका ध्यान सदैव श्री राधा रानी की ओर ही है , अपने कंकण को उतार कर रख देने के उपरांत श्री लाडली जी का कंकण उनसे प्रश्न करता है कि किस अपराध के कारण श्रीजी ने उसे सेवा से वंचित कर दिए तब अपने उसी कंकण की प्रसन्नता के लिए राधा रानी कंकण के चिन्ह को धारण करती है। 6.) #कमल = इस चिन्ह से महालक्ष्मी प्रसन्न होती है। श्री चरणों में इस चिन्ह का ध्यान करने वाले भक्त ऐश्वर्यता से परिपूर्ण रहते है। 7.) #अंकुश = मन रूपी उन्मत हाथी को रोकने के भाव से श्रीमती राधा रानी अपने चरणों में अंकुश का चिन्ह धारण करती है जिससे वह हमारा मन नियंत्रित रखती है और हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम बनते है। 8.) #ध्वजा = ध्वजा विजयता का प्रतीक है। कलियुग की तीव्र गति देखकर मनुष्य भयभीत हो जाता इसलिए सबके हृदय पर निर्भयता का ध्वज स्थापित करने के लिए श्रीजी ध्वजा चिन्ह को धारण करती है। 9.) #पुष्प = जब निकुंज लीला में श्री राधा रानी मानिनी हो जाती है तब श्री ठाकुर जी श्रीजी को मनाने के लिए उनके चरणों में महावर लगाते है। उस समय श्री ठाकुर जी को श्री राधा रानी के चरण कठोर न लगे इस कारण से श्रीजी अपने चरणो मे पुष्प का चिन्ह धारण करती है। 10.) #बढ़ती हुई लताएं = श्री राधा रानी के चरणों में विद्यमान यह लताएं उर्ध्व गति से ऊपर की ओर बढ़ती जा रही है जिससे यह भाव प्रस्तुत होता है कि सदैव हमारी भक्ति एवं प्रेम की लता इसी प्रकार बढ़ती रहे। 11.) #अर्ध चंद्र = श्रीमती राधा रानी एवं श्री ठाकुर दोनों ही अपने चरणों में अर्ध चंद्रमा का चिन्ह धारण करते है। क्योंकि अर्ध चंद्र निष्कलंकित होता और पूर्ण चंद्र में दाग होता है। अर्ध चंद्र ही धीरे धीरे पूर्ण होता है वह एक-एक दिन करके ही वृद्धि को प्राप्त होता है । इस भाव से हम श्रीजी से प्रार्थना करते है कि हमारी भक्ति और प्रेम भी निष्कलंकता से एक एक कर दिन बढ़ती जाएं । (दाएं पैर के चिन्ह) 12.) #शंख = आरती करते समय शंख में जल भरकर श्रीजी और ठाकुर जी की आरती की जाती है। ठाकुर जी से विरह के कारण हमारे हृदय में जो अग्नि जलती है उसे शंख का जल शांति प्रदान करता है। इस भाव से शंख का चिन्ह श्रीजी अपने चरणों में धारण करती है। 13.)#गोवर्धन पर्वत = श्री राधा रानी बृज भूमि की स्वामिनी है। गोवर्धन पर्वत का यह चिन्ह श्री ठाकुर जी का राधा रानी के प्रति आराध्य भाव को दर्शाता है। 14.) #यज्ञ वेदी = अग्नि तेज का प्रतीक है । यज्ञ में प्रज्जवलित अग्नि ठाकुर जी है तो श्री राधा रानी स्वधा है। 15.) #मयूराकृत कुंडल = निकुंज लीला में सम्पूर्ण श्रृंगार कर एवं अपने सुकोमल चरणों में नुपुर बाँधकर जब श्री प्रियाजू चलती है तब उनके नुपुरों की ध्वनि से शब्द भ्रम उत्पन्न होता है । श्री प्रिया जू के नुपुरों की रुनझून - रुनझुन ध्वनि को सुनने के लिए श्री ठाकुर जी सदैव उत्सुक रहते है। ठाकुर जी अपने कर्ण में मयूराकृत कुंडल धारण करते है और वह नुपुर ध्वनि को सुनने के लिए भी उत्सुक रहते है , इसी भाव से श्री राधा रानी अपने चरणों में कुंडल का चिन्ह धारण करती है । 16.) #गदा = गदा का ध्यान करने से मंगल होता है , श्री राधा रानी के चरणों में गदा का ध्यान करने से इस जीवन का जटिल पथ आसानी से पार हो जाता है। 17.)#रथ = संसार रूपी रथ जो तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है , इस रथ में हम बैठे है एवं इस रथ के सारथी श्री ठाकुर जी और श्री राधा रानी है। हम श्री राधा रानी से प्रार्थना करते है कि वह हमारे इस रथ की सारथी बनें, जिससे हमारे जीवन का यह रथ सदैव भक्तिपथ पर अग्रसर रहें। 18.) #पाश/ शक्ति = जो भी भक्त श्रीमती राधा रानी के चरणों में पूर्णतः समर्पित होते है, जो श्रीजी के शरणागत है। श्री राधा रानी उस भक्त को अपनी कृपा दृष्टि से भवसागर पार करा देती हैं। 19.) #मत्स्य = जिस प्रकार मछली के जीवन का आधार जल है। उसी प्रकार श्री ठाकुर जी का आधार श्री राधा रानी है। जैसे मछली जल के बिना नही रह सकती वैसे ही ठाकुर जी श्रीजी एक दूसरे से भिन्न नही है। #vedicwisdom #bhaktivedantavidyabhavan #puran Follow on Facebook / iambalbhadradas Follow on Twitter / dasbalbhadra Follow on Instagram / balbhadradas #Balbhadradas

श्री कृष्ण के चरण चिह्नों की विशेषता | Lotus Feet of Sri Krishna | Balbhadra Das

श्री राधा चरण महिमा - क्यों राधा रानी के चरणों पर झुकता श्री कृष्ण का मुकुट ?

Radha Rani ke 19 Divya Charan Chinh

Kishori Ji Ki Baal Leela | किशोरी जी की बाल लीला | Indresh Upadhyay Ji #indreshji #bhagwatkatha

12/04/21 इसी जन्म में कैसे भगवत प्राप्ति हो ? श्री श्री बाबा द्वारा

Yashomati Maiya Ke Nandlala Episodes 71,72,73,74 | श्री कृष्ण की कहानी | Bhakti Sagar

राधा रानी के इन नामों का उच्चारण करने से बड़ा रोग ठीक हो जाएगा और मनचाही वस्तु प्राप्त हो जायेगी !

दान का सबसे ऊँचा रूप क्या है? | कौनसा दान सबसे बड़ा है | अष्टावक्र ने बताया सबसे महान दान का रहस्य

श्री राधा रानी के जन्म का ऐसा वर्णन किसी ने नहीं किया - Radhashtami Pravachan | Jagadguru Kripalu Ji

राधा तत्व क्या है ? || Prawachan || @bhaktidarshan

राधा रानी के 19 चरण चिह्न| Radharani Lotus feet 👣19 mark | Vrindavan Ras Mahima | Anushka Dwivedi

28/12/21 धोखेबाज संसार, यहां कोई किसी का नहीं, इसलिए भजन करो। श्री श्री बाबा द्वारा

राधारानी की संपूर्ण महागाथा , जन्म से लेकर अंतिम सांस तक:| Radha Krishna Separation

श्रीमती राधा रानी || राधा कृष्ण का विवाह क्यों नहीं हुआ || Radha Rani || HG Amogh Lila Prabhu

कौन हैं श्री राधा ? जानने के लिए सुनिए ! Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj

भगवान् के चरणों का ध्यान कैसे करें। महाराजजी ने बताई विधि | #meditation #bhagavanfeet

Kabhi nhi suna hoga Grahasth me Raadha naam ka laabh | श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज |
![Shree Radha Rasaamrit Charcha || Day 1 || Pujya Shri Indresh Ji || Nagpur [ Maharashtra ]](https://i.ytimg.com/vi/59BFiAsUQmE/hqdefault.jpg?sqp=-oaymwEjCNACELwBSFryq4qpAxUIARUAAAAAGAElAADIQj0AgKJDeAE=&rs=AOn4CLD1KyuxONjAbA7VUCIAT_zugcZKrA)
Shree Radha Rasaamrit Charcha || Day 1 || Pujya Shri Indresh Ji || Nagpur [ Maharashtra ]

Radhashtami 2023: राधा नाम की महिमा | Radha Rani Ke Naam Ki Mahima | Manisha Jakhmola

