इतनी जोरदार राग काफी ओर राग बसंत कोई गा के दिखा दे।सुर सम्राट दिनेश भट्ट।raag kafi raag basant bhajn
इतनी जोरदार राग काफी ओर राग बसंत कोई गा के दिखा दे।सुर सम्राट दिनेश भट्ट।raag kafi raag basant bhajn गायक-#दिनेश_भट्ट 9414739513 W E L ~ COME 》TO 》MCB MUSIC ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ ~~राग काफ़ी हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की एक महत्वपूर्ण राग है। यह काफ़ी थाट की प्रमुख राग है। इस राग का लोक संगीत से घनिष्ठ संबंध है इसलिए अनेक लोकगीत जैसे होली, टप्पा दादरा कीर्तन और भजन इस राग में गाए जाते हैं। इस राग की जाति संपूर्ण संपूर्ण है तथा गांधार व निषाद कोमल हैं। पंचम वादी तथा षड़ज संवादी है। इसका गायन समय रात्रि का दूसरा प्रहर है। राग का प्रमुख रस शृंगार है। आरोहः सा, रे, ग॒, म, प, ध, नि॒ सां अवरोहः सां नि॒ ध प म ग॒ रे सा पकड़: रे प म प ग॒ रे, म म पऽ ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ ~~~संक्षिप्त परिचय राग बसंत- "दो मध्यम कोमल ऋषभ चढ़त न पंचम कीन्ह। स-म वादी संवादी ते, यह बसंत कह दीन्ह॥' आरोह- सा ग, म॑ ध॒ रें॒ सां, नि सां। अवरोह- रें॒ नि ध॒ प, म॑ ग म॑ ऽ ग, म॑ ध॒ ग म॑ ग, रे॒ सा। पकड़- म॑ ध॒ रें॒ सां, नि ध॒ प, म॑ ग म॑ ऽ ग। वादी स्वरः सा संवादीः म थाट- पूर्वी (प्रचलित) इस राग के बारे में कुछ मतभेद भी हैं। पहले मतानुसार इस राग में केवल तीव्र मध्यम का प्रयोग होना चाहिये, मगर दूसरे मतानुसार दोनो म का प्रयोग होना चाहिये जो कि आज प्रचलन में है। विशेषता- उत्तरांग प्रधान राग होने की वजह से इसमें तार सप्तक का सा ख़ूब चमकता है। शुद्ध म का प्रयोग केवल आरोह में एक विशेष तरह से होता है- सा म, म ग, म॑ ध॒ सां। गायन समय- रात्रि का अंतिम प्रहर (मगर बसंत ऋतु में इसे हर समय गाया बजाया जा सकता है। इसे परज राग से बचाने के लिये आरोह में नि का लंघन करते हैं- सा ग म॑ ध॒ सां या सा ग म॑ ध॒ रें॒ सां विशेष स्वर संगतियाँ- १) प म॑ ग, म॑ ऽ ग २) म॑ ध॒ रें सां ३) सा म ऽ म ग, म॑ ध॒ रें॒ सां mewadi_classical_bhajans #MCB_music W E L ~ COME 》TO 》MCB MUSIC L I K E ~ S H A R E8 ~ S U B S C R I B E MCB music Super hit Bhajan राम राम सा mcb music मे स्वागत है आपका uploading by~ mcb music #राग_काफी #राग_बसंत #ClassicalBhajan #IndianClassicalGazal

चदरिया झीनी रे झीनी।। सुर सम्राट भजन गायक दिनेश भट्ट राजस्थान कार्यक्रम विदिशा मध्य प्रदेश

राग दरबारी मे इतनी अद्भुत गायकी नही सुनी होगी।।कृष्ण सुदामा का दुर्लभ भजन।Raag Darbari Bhajan

Raag Basant || राग बसंत || तीनताल || मधुर मुरली धुन कान्हा बजाई || Live || Ramkrishna Mission

राग मालकौंस बंदिश ।। कोशिक जी वर्मा की आवाज मे ।। Kaushik Verma ।। Raag Malkauns || Bhajan ||

अनमोल आवाज़ में मांड गायकी के सम्राट बृजमोहन जी डांगी की तबला वादक पप्पू भाई के साथ जुगलबंदी

वाह ! इस प्राचीन भजन को एक साथ 6 रागों में गाया..अद्भुत||सुर संगम।।रमा कुमारी जी।raag desh bhajan

राग बसंत का परिचय | बसंत ऋतु में गाया जाने वाला राग || आरोह-अवरोह और पकड || हारमोनियम ट्यूटोरियल

राग काफी ।। जाएगी लाज तुम्हारी ।। भक्त की भगवान को अरदास ।। गायक रमेश दाधीच ।

(राग-मांड) साँवरिया म्हारी अर्जी सुणो गिरधारी। Arji suno girdhari - dinesh bhatt, dinesh bhatt ke

Venkatesh Kumar: Raag Basant

खेलत आनंद होरी, शंभु गिरि राज किशोरी |राग = काफी, ताल = दीपचंदी | Radhacharan Sharma | Raghav Mandal

एक भजन में दो राग अद्भुत गायकी राग मालकौंस ओर राग बागेश्री दिनेश भट्ट।raag malkauns raag bageshri

फकीरी | FAKERI | RAAG DARBARI | फकीरी पर इतना प्यारा भजन आपने कभी सुना नही होगा | Bhakti Sangeet

ठुमरी - सैंया रूठ गए मैं मनाती रही || Pushkar Kumar || Saiyaan Rooth Gaye Main Manati Rahi || Thumri

शोरठ राग में शानदार भजन। रमेश शर्मा। shorat bhajan

Hori in Raga Kafi | Vidushi Dr. Ashwini Bhide Deshpande | Kaisi Hori Machai Kanhai

hum saans le rahe hain by rajeev ji & rajkumar ji

भजन सम्राट दिनेश जी भट्ट । पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे pag ghunghroo bandh meera bhajan dinesh ji

दर्शन दो घनश्याम मोरे अँखिनया प्यासी रे मीरा जी का भजन शास्त्रीय संगीत #रागकेदार

