उत्तर रामायण - EP 34 - लवकुश द्वारा भरत सुग्रीव को पराजित करना व हनुमान को बन्दी बनाना।
Uttar Ramayan - Episode 34 - To defeat Bharat Sugriva by Luvkush and to make Hanuman a prisoner. राम के अश्वमेध यज्ञ का घोड़ा लवकुश के कब्जे में है। लक्ष्मण और शत्रुघ्न के परास्त हो जाने के बाद अबकी बार भरत, सुग्रीव और हनुमान एक साथ घोड़े मुक्त कराने पहुँचते हैं। हनुमान भक्तिबल से जान लेते हैं कि यह दोनों प्रभु राम व सीता के पुत्र हैं। फिर भी वह अनजान बनकर उनका परिचय पूछते हैं। लव कहता है कि यहाँ उनके ब्याह की बात नहीं चल रही कि वह अपना कुल और गोत्र बताए। लव उन्हें युद्ध करने की चुनौती देता है। भरत कहते हैं कि रघुकुल कभी पराजित नहीं होता। इस पर कुश उपहास उड़ाते हुए कहता है कि शत्रुघ्न और लक्ष्मण भी तो रघुकुल के हैं जो पराजित होकर कहीं मूर्च्छित पड़े हैं। इस पर भरत कुपित होकर युद्ध आरम्भ कर देते हैं किन्तु उन्हें लवकुश से कड़ी चुनौती मिलती है। कुश अपने व लव के चारों ओर अभिमन्त्रित सुरक्षा चक्र बना लेता है जिसे भरत के बाण भेद नहीं पाते। अन्ततः भरत और सुग्रीव का भी वही हाल होता है जो लक्ष्मण और शत्रुघ्न का हो चुका होता है। लवकुश अपनी शक्ति से हनुमान को बाँधकर बन्दी बना लेते हैं। दूत यह समाचार राम तक पहुँचाता है। राम के लिये यह समाचार अविश्वसनीय है कि भरत, सुग्रीव और हनुमान तीनों एक साथ परास्त हो गये हैं। वह स्वयं समर में जाने का निर्णय लेते हैं। उधर लवकुश रस्सी में बँधे हनुमान को भोजन प्रस्तुत करते हैं। किन्तु हनुमान के हाथ बँधे हुए हैं। कुश लव से हनुमान के हाथ खोलने को कहते हैं किन्तु हनुमान से वचन लेते हैं कि वो हाथ खुलने पर भी चुपचाप बन्दी बने बैठे रहेंगे। हनुमान उनकी उदारता की प्रशँसा करते हैं। तभी रथ पर सवार राम वहाँ आते हैं। उन्हें चारों ओर मूर्च्छित पड़े सैनिकों को देखकर अचरज होता है लेकिन सबसे अधिक अचरज हनुमान को बन्दी बना देखकर होता है। राम लवकुश से पूछते हैं कि वे राजपुत्र नहीं हैं तो उन्होंने किस लालसा से अश्वमेध यज्ञ का घोड़ा पकड़ा है। कुश उत्तर देते हैं कि उन्होंने राज्य की लालसा से नहीं, बल्कि क्षत्रिय होने के कारण घोड़े के मस्तक पर लिखी चुनौती को स्वीकार कर इसे पकड़ा है। राम लवकुश से कहते हैं कि उन्हें देखकर उनके मन में युद्ध करने की इच्छा नहीं हो रही है। कुश भी कहते हैं कि ऐसी मोहिनी उसके मन में भी जागृत हो रही है। वहाँ केवल हनुमान ऐसे हैं जो इस गूढ़ रहस्य को समझ सकते हैं। उत्तर रामायण में लव कुश की कहानी को दर्शाया गया है। जिसमें माँ सीता को श्री राम त्याग देते हैं और माँ सीता महाऋषि वाल्मीकि के आश्रम में जाकर रहने लगती हैं। माँ सीता वहाँ लव कुश को जन्म देती हैं। लव कुश उसी आश्रम में बड़े होते हैं और गुरु वाल्मीकि से शिक्षा दीक्षा लेते हैं। कैसे लव कुश श्री राम और माँ सीता को मिलाते हैं देखे सम्पूर्ण उत्तर रामायण के सभी एपिसोड सिर्फ़ तिलक YouTube चैनल पर। रामायण एक भारतीय टेलीविजन श्रृंखला है जो इसी नाम के प्राचीन भारतीय संस्कृत महाकाव्य पर आधारित है। यह श्रृंखला मूल रूप से 1987 और 1988 के बीच दूरदर्शन पर प्रसारित हुई थी। इस श्रृंखला के निर्माण, लेखन और निर्देशन का श्रेय श्री रामानंद सागर को जाता है। यह श्रृंखला मुख्य रूप से वाल्मीकि रचित 'रामायण' और तुलसीदास रचित 'रामचरितमानस' पर आधारित है। निर्माता और निर्देशक - रामानंद सागर सहयोगी निर्देशक - आनंद सागर, मोती सागर कार्यकारी निर्माता - सुभाष सागर, प्रेम सागर मुख्य तकनीकी सलाहकार - ज्योति सागर पटकथा और संवाद - रामानंद सागर संगीत - रविंद्र जैन शीर्षक गीत - जयदेव अनुसंधान और अनुकूलन - फनी मजूमदार, विष्णु मेहरोत्रा संपादक - सुभाष सहगल कैमरामैन - अजीत नाइक प्रकाश - राम मडिक्कर साउंड रिकॉर्डिस्ट - श्रीपाद, ई रुद्र वीडियो रिकॉर्डिस्ट - शरद मुक्न्नवार In association with Divo - our YouTube Partner #uttarramayan #uttarramayanyoutube #uttarramayanfullepisode #fullepsiode

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