बिना सोचे समझे यौवन के ज्वार में उठाया एक गलत कदम,स्वयं के साथ पूरे परिवार के लिए नर्क बन जाता है।

#डाॅ.कृष्णलतासिंह की कहानी-गुमशुदा Story by Dr Krishna Lata Singh AudioStory हिन्दी कहानी #स्वरसीमासिंह परिचय-डाॅ.कृष्णलता सिंह जन्म तिथि--3अप्रैल शिक्षा-एम.ए.पीएचडी (लखनऊ विश्वविद्यालय) सम्प्रति-अध्यापन से अवकाश और स्वतंत्र लेखन। सम्मान-आधारशिला फाउंडेशन द्वारा मारीशस में 2015 में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में-'हिन्दी गौरव' तथा 2016 में पेरिस में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में 'महादेवी वर्मा 'सम्मान से सम्मानित 1 पुस्तक/प्रकाशन- कहानी संग्रह-'मेरे हिस्से का आसमान' (आधारशिला प्रकाशन, देहरादून ), ' कहानी संग्रह-लछमनिया' (रश्मि प्रकाशन, लखनऊ) कहानी संग्रह- सेल्फी और इन्द्रधनुष (लिटिल वर्ड प्रकाशन) कहानी संग्रह-रंग बदलती जिन्दगी (लिटिलबर्ड प्रकाशन दिल्ली) उपन्यास- गुनाह एक किश्तें हजार (आधार शिला प्रकाशन देहरादून) उपन्यास- मेरी यात्रा-सैन्यधर्म के कुछ दस्तावेज़ (पिजन प्रकाशन दिल्ली से) उपन्यास-वक्त की शाख पर टँगे लम्हे (अद्विक प्रकाशन, दिल्ली) दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर आदि समाचार पत्रों , साहित्यिक पत्रिकाओं एवं ईपत्रिकाओं मे लेख ,कहानियाँ ,संस्मरण ,समीक्षाएँ आदि प्रकाशित।

#डॉप्रतिभासक्सेना का उपन्यास- घर मेरा है! || Novel by Dr Pratibha Saxena || AudioBook
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#डॉप्रतिभासक्सेना का उपन्यास- घर मेरा है! || Novel by Dr Pratibha Saxena || AudioBook

डॉ शैलजा सक्सेना की कहानी-अदर मदर
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डॉ शैलजा सक्सेना की कहानी-अदर मदर

सुषमा मुनीन्द्र की कहानी-दर्द ही जिसकी दास्ताँ रही | #SushmaMunindrakikahani
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सुषमा मुनीन्द्र की कहानी-दर्द ही जिसकी दास्ताँ रही | #SushmaMunindrakikahani

लंबे समय तक पड़ोस में रहते मैत्री निभाते दोनों परिवारों को नियति ने कैसे अलग-अलग कर दिया....
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लंबे समय तक पड़ोस में रहते मैत्री निभाते दोनों परिवारों को नियति ने कैसे अलग-अलग कर दिया....

#होने वाली पत्नी#डॉ॰ नरेन्द्र कोहली की कहानी#स्वर सीमा सिंह
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#होने वाली पत्नी#डॉ॰ नरेन्द्र कोहली की कहानी#स्वर सीमा सिंह

Mridula Garg's "Vo Dusri"|मृदुला गर्ग की कहानी "वो दूसरी" #kahani #socialissues #women #emotional
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Mridula Garg's "Vo Dusri"|मृदुला गर्ग की कहानी "वो दूसरी" #kahani #socialissues #women #emotional

मोह के वशीभूत विदेश में बच्चों के साथ सुख संपन्नता में जीवन जीते हुए भी क्यों उदास थी..
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मोह के वशीभूत विदेश में बच्चों के साथ सुख संपन्नता में जीवन जीते हुए भी क्यों उदास थी..

इन्कार | रिश्तों, समाज और आत्मसम्मान की सच्ची कहानी | Simmi Saini
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इन्कार | रिश्तों, समाज और आत्मसम्मान की सच्ची कहानी | Simmi Saini

क्यों जो मिला है उसे ना भोग के,जीवन में जो ना मिला हो उस एक कमी पर ही मन क्यों अटका और उदास रहता है?
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क्यों जो मिला है उसे ना भोग के,जीवन में जो ना मिला हो उस एक कमी पर ही मन क्यों अटका और उदास रहता है?

My daughter-in-law kicked me out after my husband's funeral… but the house deed was in my name
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My daughter-in-law kicked me out after my husband's funeral… but the house deed was in my name

#अँगूठी#प्रतिभाराय की लिखी कहानी AajSuniye#Angoothi#Pratibha Rayह्रदय को द्रवित कर देने वाली कहानी
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#अँगूठी#प्रतिभाराय की लिखी कहानी AajSuniye#Angoothi#Pratibha Rayह्रदय को द्रवित कर देने वाली कहानी

जीवन का अवरोह तभी सुकून देता हैजब उसके आरोह का इतिहास सधा रहाहो,नहींतो ढलान पर अक्सर चाल बिगड़ जातीहै
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जीवन का अवरोह तभी सुकून देता हैजब उसके आरोह का इतिहास सधा रहाहो,नहींतो ढलान पर अक्सर चाल बिगड़ जातीहै

अगर डायन सच है तो ओझा भी सच।इससे पहले कि हमको डायन बनाता लोग,हम ओझा का रुप धर लिए।करलो,जो करना हो।
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अगर डायन सच है तो ओझा भी सच।इससे पहले कि हमको डायन बनाता लोग,हम ओझा का रुप धर लिए।करलो,जो करना हो।

#रजनी गुप्त की कहानी-कतरनें || Story by Rajni Gupt || Audio Story || हिन्दी कहानी
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#रजनी गुप्त की कहानी-कतरनें || Story by Rajni Gupt || Audio Story || हिन्दी कहानी

सुषमा मुनीन्द्र की कहानी-मुझे कुछ कहना है | Story by Sushma Munindra | Audio Story | कहानी
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सुषमा मुनीन्द्र की कहानी-मुझे कुछ कहना है | Story by Sushma Munindra | Audio Story | कहानी

एक फूल वसंत/अकेली ज़माने से जूझती जब मंजिल तक पहुँच ही गयी तब क्यों उसने विवाह से इंकार कर दिया?...
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एक फूल वसंत/अकेली ज़माने से जूझती जब मंजिल तक पहुँच ही गयी तब क्यों उसने विवाह से इंकार कर दिया?...

विरासत-हमें अपने बच्चों को वही विरासत सौंपनी है जो हमारे पुरखे हमें देकर गए....आशा पाण्डेय  की कहानी
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विरासत-हमें अपने बच्चों को वही विरासत सौंपनी है जो हमारे पुरखे हमें देकर गए....आशा पाण्डेय की कहानी

'अमीरी का अहंकार और एक मध्यमवर्गीय स्त्री का स्वाभिमान '
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'अमीरी का अहंकार और एक मध्यमवर्गीय स्त्री का स्वाभिमान '

"16 साल की बेटी… और एक सच्चाई जिसने सब बदल दिया "
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"16 साल की बेटी… और एक सच्चाई जिसने सब बदल दिया "

बहू समझती थी कि ससुर अंधा है, कैश और जेवर अपने मायके भिजवाती थी पर ससुर ने अपनी आंखे खोली तो. #कहानी
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बहू समझती थी कि ससुर अंधा है, कैश और जेवर अपने मायके भिजवाती थी पर ससुर ने अपनी आंखे खोली तो. #कहानी