मदन मोहन को मोहने वाली राधारानी का अद्भुत आकर्षण
रसमय उपदेश : जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की काव्य रचनाओं में जो रस सिक्त तत्त्वज्ञान भरा है, वह इस बात का द्योतक है कि उनका अपना व्यक्तित्व भक्ति के परमोज्ज्वल स्वरूप से ऊर्जस्वित, जीव कल्याण की करुणामयी भावना से द्रवित एवं श्रीराधा-कृष्ण के अलौकिक प्रेम रस से ओतप्रोत है। भक्तियोगरसावतार की उपाधि प्राप्त श्री कृपालु जी महाराज हमारे वर्तमान विश्व के पाँचवें मूल जगद्गुरु हैं। वेद-शास्त्रों के प्रमाणों पर आधारित उनके सारगर्भित प्रवचन तो वैदिक हिन्दू सनातन धर्म के वास्तविक सिद्धान्त को सरलता एवं स्पष्टता से समझने का प्रमुख आधार हैं ही, उनकी सरस संगीतमय संकीर्तन रचनाएँ भी सिद्धांत ज्ञान से परिपूरित हैं। श्री महाराज जी द्वारा रचित रसमय संगीतात्मक काव्य कृतियों में कितना गहन तत्त्व ज्ञान लबालब भरा है, इसका वास्तविक परिचय तब मिलता है जब वे स्वयं अपने स्वरचित संकीर्तनों की व्याख्या करते हैं। ये बहुत आकर्षक व्याख्याएँ हैं, जिनमें रस (भक्तियोगरसावतार) एवं उपदेश (जगद्गुरूत्तम) का कृपामय सामंजस्य है। यह वीडियो 'युगल शतक' नामक काव्य संग्रह के एक रसमय संकीर्तन— 'अस मनमोहिनि राधे, राधे राधे राधे।' पर आधारित है, जिसकी सुन्दर व्याख्या श्री महाराज जी ने दिनांक : 05.09.2000 को रँगीली महल, बरसाना धाम में की थी। इसमें श्रीमुख की माधुरी का पान करते-करते सहज ही परमोत्कृष्ट उपदेश साधक के अंतर्मन में उतर जाता है। इस वीडियो के कुछ अंश हैं— "समस्त विश्व के मन को मोहित करने वाला। समस्त मायिक जगत का मोहक एक व्यक्ति है, उसका नाम है मदन। कामदेव, मार, प्रद्युम्न अनेक नाम हैं उसके। जितने भी जीव विश्व में हैं, मायाबद्ध, सबको मोहित करने की सामर्थ्य एक कामदेव में है। वो देवता हो, मनुष्य हो, राक्षस हो, कोई भी हो। उस कामदेव को मोहित किया श्यामसुंदर ने। जिस कामदेव ने सारे विश्व को मोहित किया, उस कामदेव को मोहित किया, मदन मोहन श्यामसुंदर ने। उनको डिग्री मिल गई 'मदनमोहन', और किसी को नहीं मिली डिग्री। बड़े-बड़े आये नारदादिक। भगवान शंकर तक को कामदेव ने छका दिया और क्रोध से युक्त होकर के त्रिनेत्र खोलकर के कामदेव को भस्म कर दिया। इसका मतलब ये कि काम का प्रभाव पड़ा उनके ऊपर, तब तो गुस्सा आया। लेकिन श्रीकृष्ण महारास में कामदेव के साथ युद्ध कर रहे हैं, और कामदेव परास्त होकर चरणों पर गिरकर कहता है, महाराज मैं एक वर माँगता हूँ, मुझे गोपी बना दीजिये। उन श्यामसुंदर को भी एक दृष्टि से देखकर हमारी किशोरी जी ने मोहित कर लिया। कोई और कला नहीं दिखाया, कोई गुण नहीं दिखाया अपना, केवल तिरछी दृष्टि से देख लिया, बस। श्यामसुंदर धराशायी हो गये, मूर्छित हो गये। ऐसी हैं हमारी किशोरी जी।" —जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज --------------------------------- कलियुग में दान को ही कल्याण का एकमात्र माध्यम बताया गया है। 'दानमेकं कलौयुगे'। दान पात्र के अनुसार ही अपना फल देता है तथा भगवान एवं महापुरुष के निमित्त किया गया दान सर्वोत्कृष्ट फल प्रदान करता है। हम साधारण जीव यथार्थ में यह नहीं जान सकते कि वास्तविक महापुरुष के प्रति किया गया हमारा दान/समर्पण हमारे कल्याण का कैसा अद्भुत द्वार खोल देगा। अतएव, समर्पण हेतु आगे बढिये। आपकी यह दान राशी जीरकपुर (चंडीगढ़) स्थित राधा गोविंद मन्दिर के निर्माण कार्य में प्रयुक्त होगी। ऑनलाइन अनुदान भेजने के लिए कृपया निम्न लिंक पर जायें https://rzp.io/l/Lo4K8pf (केवल भारतीय नागरिकों के लिए) Donate using your ATM Card/Debit Card/Credit Card/Net Banking/UPI/QR code at https://rzp.io/l/Lo4K8pf (Only for Indian Citizens) Shyama Shyam Samiti Contact numbers : 8552066661, 9872396855, 9988998001 --------------------------------------------- Facebook : / shyamashyamsamiti Instagram : / akhileshwarididi Telegram : https://t.me/sss_zirakpur #Kripalu #RadheRadhe #जगद्गुरु_श्री_कृपालु_जी_महाराज #Jagadguru_Shri_Kripalu_Ji_Maharaj #Jagadguru_Kripalu #Radha #Krishna #Vrindavan #barsana #Prem_mandir #Bhakti #Hindu #Gita #Bhagawat #Ramayan #Ved #Philosophy #Spiritual #Bliss #God #Beauty #Guru #SpiritualMaster #Divine #BhagavatKatha #JagadguruShriKripalujiMaharaj #religion #Bhajan #bhajan_video #AkhileshwariDidi #who_are_you #know_yourself #who_am_i #soul #dispute #dualism #non_dualism #divine_Krishna #love #divine_love #ved

राधे नाम का पूरा लाभ न मिलने के दो कारण हैं

😢भावपूर्ण Radha Krishna Bhajan - Apanapan Rakhana Mere Ghanshyam | जगद्गुरु कृपालु जी

ऐसे लुट जाना सौभाग्य है (महाभागवत है ये...)

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