SHREE JIN-SAHASRANAMA STROTRAM
मूल स्तोत्र रचयिता - परमपूज्य श्री जिनसेन आचार्य • प्रभू के समवशरण में केवलज्ञान लक्ष्मी का वैभव देखकर, सौधर्म इंद्र ने अतिशय भक्तिभाव से १००८ नामोंसे वीतराग जिनेन्द्र भगवान की स्तुति की थी। • उसी भावना को जिनसेन आचार्य जी ने सहस्रनाम स्तोत्र की रचना में व्यक्त किया है. • इस स्तोत्र में कुल ३४ ( प्रस्तावना) + ११९ (१००८ नाम ) +१३ (समापना) = १६६ श्लोक है। प्रस्तुति आर्यिकारत्न श्री १०५ पूर्णमति माताजी

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Tattvarth Sutra उमास्वामी विरचित

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बुधवार भक्ति भजन : ॐ गं गणपतये नमो नमः, सुखकर्ता दुखहर्ता, गणेश अमृतवाणी, श्री गणेश चालीसा व आरती

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Bhaktamar Strot / भक्तामर स्त्रोत आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी के स्वर में भक्तामर स्त्रोत

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Non-stop 3 hours Shri Sahajanand Namavali Path .. nityapath, mukhpath

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BHAKTAMAR STROTRA आर्यिकारत्न 105 PURANMATI MATAJI

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Best Of Iskcon Kirtan | Hare Krishna, Hare Ram | Peaceful Mahamantra for Peace & Devotion

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सहस्रनाम पाठ आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी के स्वर में

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महामंगलकारी नवकार महामंत्र..1 hour peaceful chanting #NavkarMantra#Jainism #Jainstavan #JainDharma

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बारह भावना बड़ी || कहा गये चक्री.. || Barah Bhavna Badi || Lyrics || Kaha Gaye Chakri.. ||

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1008 नाम मंत्र : जिसके घर में इन मंत्रों की ध्वनि गूंजती है वहां मंगल ही मंगल होता है

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Bhaktamar Stotra / भक्तामर स्त्रोत आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी के स्वर में भक्तामर स्त्रोत

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तत्त्वार्थ सूत्र | Tatvarth Sutra | मोक्षशास्त्र | MokshaShastra | आर्यिका १०५ श्री पूर्णमति माताजी

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LIVE बुधवार स्पेशल : गणेश मंत्र - Ganesh Mantra ॐ गं गणपतये नमो नमः Om Gan Ganpataye Namo Namah

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Shree Bhaktambar sutra

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अथ वृहत शांतिधारा Vrahat Shantidhara

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स्वयंभू स्तोत्र संस्कृत || Swayambhu stotra sanskrit || आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज के श्रीमुख से

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प्रभु भक्ति शतक।Prabhu Bhakti Shatak| ✍🏻आर्यिका १०५ श्री पूर्णमति माताजी।स्वर- आदरणीय ब्र. ऋतु दीदी

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108 बार महा शक्तिशाली श्री वर्धमान मंत्र : धन्य, धान्य, समृद्धि आपके द्वार #powerful #मंत्र

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तत्त्वार्थ सूत्र उमास्वामी विरचित || Tattvarth Sutra with lyrics || Moksha Shastra || मोक्ष शास्त्र

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