writ petition कौन फाइल कर सकता है ,किसके खिलाफ, क्या मांग की जा सकती है। who can file, against whom.

in this video writ petition who can file against whom the writ petition can be filed. the person who have locus standi person aggrieved can file writ petition against the respondents. इस वीडियो में यह बताया जा रहा है कि रिट याचिका कौन प्रस्तुत कर सकता है, किसके खिलाफ प्रस्तुत की जासकती है, इसके द्वारा तकलीफ कैसे दूर हो सकती है। सबसे पहले पेटीशनर को रिट याचिका में लॉकॉस स्टैडी अर्थात खड़े होने का अधिकार होना चाहिए। व्यक्ति जैसे कानूनी परेशानी हुई है या थिसपहुंची है अर्थात कानूनी रूप से उसके साथ कुछ अन्य। य हुआ है, वह रिट याचिका प्रस्तुत कर सकता है। रिट पीटेशन माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत तथा राज्य के माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष अनुच्छेद 226 के अंतर्गत प्रस्तुत की जा सकती है। उदाहरण के तौर पर रिट ऑफ हेवियस कॉरपस, रिट ऑफ़ mandamus,राइट का सरसियो राय, रिट of quawarrento,prohibition सामान्य रूप से तीन तरह के व्यक्तियों द्वारा रिट याचिका प्रस्तुत की जाती है जिसमें पर्सन एग्रीड अर्थात व्यथित व्यक्ति, स्ट्रेंजर अनजान व्यक्ति का इंटरमीडिएट अर्थात बीच में कुछ ना कुछ अर्थात बिजी बडी फालतू आदमी के द्वारा प्रस्तुत की जातीहै, आखरी की रिट न्यायालय द्वारा उसे व्यक्ति का रिट से कोई संबंध नहीं होने के कारण तत्काल खारिज करदी जाती है। कई बार उसे व्यक्ति पर भारी कॉस्ट भी लगाया जाता है। कई बार टर्मिनल के द्वारा पारित किए गए किसी आदेश के विरुद्ध या कानूनी तौर पर जिस व्यक्ति को ठेस पहुंची है या पब्लिकली जनता की भलाई के लिए किसी व्यक्ति के द्वारा अन्य व्यक्तियों के हितों को देखते हुए जनता के भले के लिए यह किसी ऑर्गेनाइजेशन सोशल ग्रुप ए एनजीओ ग्रुप या समितिके द्वारा प्रस्तुतहो सकती है। इसमें महत्वपूर्ण बात यह है कि हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट ऐसी याचिका में किसी प्रकार के नियमों या प्रक्रिया या टेक्निकल से बात नहीं होतेहैं। उनका फ्लैक्सिबल जूरिडिक्शन होता है। इसी प्रकार की याचिका माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष बंधुआ मजदूर मुक्ति मोर्चा एमसी मेहता जैसे मामलों में प्रस्तुत हुई थी जीने पत्र के माध्यम से न्यायालय द्वारा जेनुइन इंटरेस्ट मानते हुए स्वीकार कियागया था। कई बार पल सेल्फिश इंटरेस्ट मानते हुए कोस्टके साथ हाई कोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज भी कर दी जाती है। कई बार रिप्रेजेंटेटिव पिटीशन के रूप में भी न्यायालय ग्रुप का प्रसेंस के द्वारा प्रस्तुत होने पर स्वीकार करली जाती है। कभी कभी खुद होकर भी उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय द्वारा सुओ मोटो शक्तियों का प्रयोग करते हुए किसी पत्र टेलीग्राम न्यूज़पेपर के आधार पर पिटीशन स्वीकार कर ली जाती है और इसमें एमिकस क्यूरी न्यायालय की सहायता करने के लिए वकील को नियुक्त कियाजाता है। एक पिटीशन में रेस्पोंडेंट राज्य के खिलाफ राज्य और केंद्र हो सकते हैं म्युनिसिपल कॉरपोरेशन हो सकती है राज्य के द्वारा चलाई जाने वाली संस्थाएं होसकती हैं। किसी विवाह के सेक्रेटरी हो सकते हैं पब्लिक ऑफिसर अथॉरिटी हो सकती हैं संस्था हो सकती है जिन्हें गवर्नमेंट से फाइनेंशियल एडमिलती है। मुख्य रूप से रेट किन परिस्थितियों और उद्देश्य को लेकर प्रस्तुत की गई जिसमें मूलभूत अधिकारों का संरक्षण तथा अन्य अधिकार जो मूलभूत अधिकार से मिलते जुलते अधिकार होते हैं। #parameteroflaw

रीट पिटीशन कौन कर सकता है? किसके खिलाफ? क्या मांग सकता है? | Writ Petition-Who? Against whom? What?
▶︎

रीट पिटीशन कौन कर सकता है? किसके खिलाफ? क्या मांग सकता है? | Writ Petition-Who? Against whom? What?

How to Draft a Writ Petition
▶︎

How to Draft a Writ Petition

कैसे बनती है कोर्ट केस - जानिए प्रक्रिया | How Court Case is Made -  Know the Process
▶︎

कैसे बनती है कोर्ट केस - जानिए प्रक्रिया | How Court Case is Made - Know the Process

रिट पिटिशन किन स्थितियों में ख़ारिज हो सकती है | In what circumstances Writ Petition can be dismissed
▶︎

रिट पिटिशन किन स्थितियों में ख़ारिज हो सकती है | In what circumstances Writ Petition can be dismissed

2024 New Rules For Writ Petition In High Court | SC Latest Judgment | Smart & Legal Guidance
▶︎

2024 New Rules For Writ Petition In High Court | SC Latest Judgment | Smart & Legal Guidance

Supreme Court's big decision: No criminal case against loan defaulters in 2026; tension over BNS ...
▶︎

Supreme Court's big decision: No criminal case against loan defaulters in 2026; tension over BNS ...

498A एवं 12 DV दोनों एक झटके में ख़त्म || #Supreme #Court #Judgment #family
▶︎

498A एवं 12 DV दोनों एक झटके में ख़त्म || #Supreme #Court #Judgment #family

क्या FIR क्वाशिंग, आर्टिकल 226 में रिट पिटीशन में हो सकता है? | FIR quashing done in writ petition
▶︎

क्या FIR क्वाशिंग, आर्टिकल 226 में रिट पिटीशन में हो सकता है? | FIR quashing done in writ petition

How much does a writ petition cost?
▶︎

How much does a writ petition cost?

What Is SLP? Why Special Leave Petition Filed In Supreme Court?
▶︎

What Is SLP? Why Special Leave Petition Filed In Supreme Court?

The day when we drafted a counter affidavit for High Court #lawyervlogs #indianlawyer
▶︎

The day when we drafted a counter affidavit for High Court #lawyervlogs #indianlawyer

Protest Petition/What is Protest Petition/When is Protest Petition filed
▶︎

Protest Petition/What is Protest Petition/When is Protest Petition filed

Dismissal of a Writ Petition! Can another Writ Petition be filed ?
▶︎

Dismissal of a Writ Petition! Can another Writ Petition be filed ?

झूठी FIR को CrPC की धारा 482 से कैसे खत्म करायें, जानें Supreme Court का जजमेंट | 2025 Judgement |
▶︎

झूठी FIR को CrPC की धारा 482 से कैसे खत्म करायें, जानें Supreme Court का जजमेंट | 2025 Judgement |

Urgent Listing of a Case: Automatic Listing & Mentioning Process Explained [Hindi-English Mix]
▶︎

Urgent Listing of a Case: Automatic Listing & Mentioning Process Explained [Hindi-English Mix]

What is Writ Petition, Types of Writs, When Can be Filed (245)
▶︎

What is Writ Petition, Types of Writs, When Can be Filed (245)

FAKE R@PE case filed by girlfriendEvery man must watch | Brilliant Judgement.
▶︎

FAKE R@PE case filed by girlfriendEvery man must watch | Brilliant Judgement.

जनहित याचिका कैसे दाखिल करें | PIL | Public Interest Litigation | PIL Explained In Hindi | By SPP !!
▶︎

जनहित याचिका कैसे दाखिल करें | PIL | Public Interest Litigation | PIL Explained In Hindi | By SPP !!

हायकोर्ट केस की स्टेजेस  - एक्सप्लेनर विडियो | Stages of High Court Case - Explainer Video in Hindi
▶︎

हायकोर्ट केस की स्टेजेस - एक्सप्लेनर विडियो | Stages of High Court Case - Explainer Video in Hindi

Can CO stop Mutation? | Raiyati land and title dispute | Jharkhand High Court case
▶︎

Can CO stop Mutation? | Raiyati land and title dispute | Jharkhand High Court case