"Sadhak Ki Vishwa Ko Chunauti | Mere Jeevan Ko Mat Tolo | Yugal Ji Powerful Kavita

रचयिता - बाबू ‘युगल’ जी, कोटा स्वर - तन्मय भवल्कर संगीत - अन्वय जैन, उज्जैन आचार्य कुन्द कुन्द फाउंडेशन , कोटा 595437 यह कविता केवल शब्द नहीं — एक साधक की आत्मा की पुकार है। “साधक की विश्व को चुनौती – मेरे जीवन को मत तोलो” बाबू युगल किशोर जी ‘युगल’ की एक अत्यंत प्रभावशाली रचना है, जिसमें एक साधक अपने जीवन, अपने संघर्ष और अपनी साधना को दुनिया की सीमाओं से परे रखकर देखता है। ✨ इस कविता में आपको मिलेगा: • आत्मसम्मान और आत्मबोध की गूंज • संसार की मान्यताओं को चुनौती • साधना की गहराई और वैराग्य का तेज • एक साधक की निर्भीक चेतना This poem reflects inner strength, spiritual rebellion, and the journey beyond worldly judgment. यदि यह कविता आपके अंतर्मन को स्पर्श करे, तो इसे साझा करें और इस चेतना को आगे बढ़ाएँ। #YugalJi #HindiKavita #SpiritualPoetry #MotivationalPoem #JainDharma #InnerStrength #Kavya #Sadhak

चिर संचित अरमानों का | रचियता - बाबू 'युगल' जैन | Chir Sanchit Aarmano Ka | Babu 'Yugal' Ji Kota
▶︎

चिर संचित अरमानों का | रचियता - बाबू 'युगल' जैन | Chir Sanchit Aarmano Ka | Babu 'Yugal' Ji Kota

परिणामों की संभाल करना सीखो, संयोग और शरीर की नहीं ||  Shri B.B. Ravindra Ji 'Aatman' Pravachan
▶︎

परिणामों की संभाल करना सीखो, संयोग और शरीर की नहीं || Shri B.B. Ravindra Ji 'Aatman' Pravachan

आर्य राष्ट्र Iran के खूनी संर्घष में America होगा बर्बाद और PM Modi होंगे शादाब ! Swami Yo
▶︎

आर्य राष्ट्र Iran के खूनी संर्घष में America होगा बर्बाद और PM Modi होंगे शादाब ! Swami Yo

भगवान महावीर के प्रति |Bhagwan Mahavir Ke Prati | तुम्हें जानकर जग तुमसे अनजान रह गया -Babu Yugal Ji
▶︎

भगवान महावीर के प्रति |Bhagwan Mahavir Ke Prati | तुम्हें जानकर जग तुमसे अनजान रह गया -Babu Yugal Ji

मुझे है स्वामी, उस बल की दरकरार | पं. नाथुरामजी | Mujhe Hai Swami Us Bal Ki Darkaar | Jain Bhajan
▶︎

मुझे है स्वामी, उस बल की दरकरार | पं. नाथुरामजी | Mujhe Hai Swami Us Bal Ki Darkaar | Jain Bhajan

बहु पुण्य पुंज प्रसंग से | BAHU PUNYA PUNJ PRASANG SE | AMULYA TATTVA VICHAR | "SHRIMAD RAJCHANDRA"
▶︎

बहु पुण्य पुंज प्रसंग से | BAHU PUNYA PUNJ PRASANG SE | AMULYA TATTVA VICHAR | "SHRIMAD RAJCHANDRA"

Listen and Feel the Peace | Tibetan Healing Sounds for Deep Meditation, Inner Peace & Soul Healing
▶︎

Listen and Feel the Peace | Tibetan Healing Sounds for Deep Meditation, Inner Peace & Soul Healing

समाधि का सार || डॉ.हुकमचंद भारिल्ल || स्वर - डॉ.गौरव जैन सौगानी एवं श्रीमती दीपशिखा जैन सौगानी #ptst
▶︎

समाधि का सार || डॉ.हुकमचंद भारिल्ल || स्वर - डॉ.गौरव जैन सौगानी एवं श्रीमती दीपशिखा जैन सौगानी #ptst

माता पुत्र तुम्हारा, नाथ हमारा जन्मकल्याणक भक्ति | ब्र. रवीन्द्रजी | Mata Putra Tumhara Nath Hamara
▶︎

माता पुत्र तुम्हारा, नाथ हमारा जन्मकल्याणक भक्ति | ब्र. रवीन्द्रजी | Mata Putra Tumhara Nath Hamara

मृत्यु ! | Mrityu! | Death! | रचियता - बाबू ‘युगल’ जी जैन, कोटा | Babu Yugal Ji Jain, Kota
▶︎

मृत्यु ! | Mrityu! | Death! | रचियता - बाबू ‘युगल’ जी जैन, कोटा | Babu Yugal Ji Jain, Kota

प्रभु महावीर ने सुनाई वासना की भयानक घटना 🤯 | Updeshmala Granth : Ep 25
▶︎

प्रभु महावीर ने सुनाई वासना की भयानक घटना 🤯 | Updeshmala Granth : Ep 25

माता पुत्र तुम्हारा, नाथ हमारा जन्मकल्याणक भक्ति | ब्र. रवीन्द्रजी | Mata Putra Tumhara Nath Hamara
▶︎

माता पुत्र तुम्हारा, नाथ हमारा जन्मकल्याणक भक्ति | ब्र. रवीन्द्रजी | Mata Putra Tumhara Nath Hamara

Abhishapo Me Vardano k | अभिशापों में | बाबू 'युगल' जी | Babu 'Yugal' Ji Kota | Chaitanya Vatika |
▶︎

Abhishapo Me Vardano k | अभिशापों में | बाबू 'युगल' जी | Babu 'Yugal' Ji Kota | Chaitanya Vatika |

भरत का अन्तर्द्वन्द्व - पहला अध्याय || डॉ. हुकमचंद भारिल्ल || #drbharill #ptst
▶︎

भरत का अन्तर्द्वन्द्व - पहला अध्याय || डॉ. हुकमचंद भारिल्ल || #drbharill #ptst

अब हम सहज भये न रुलेंगे | - बा. ब्र. पं. सुमतप्रकाश जी | Ab Hum Sahaj Bhaye Na Rulenge
▶︎

अब हम सहज भये न रुलेंगे | - बा. ब्र. पं. सुमतप्रकाश जी | Ab Hum Sahaj Bhaye Na Rulenge

स्वयमेव इस जगत का सब काम हो रहा है//अंतर्ध्वनि चतुर्थ पुष्प//रचना एवं स्वर - पं. संजीव जैन उस्मानपुर
▶︎

स्वयमेव इस जगत का सब काम हो रहा है//अंतर्ध्वनि चतुर्थ पुष्प//रचना एवं स्वर - पं. संजीव जैन उस्मानपुर

हरे रामा, हरे कृष्णा || डॉ अवधूत शिवानंद
▶︎

हरे रामा, हरे कृष्णा || डॉ अवधूत शिवानंद

अपने में सावधान | आध्यात्मिक भजन | ब्र. श्री रवींद्रजी 'आत्मन्' | सहजपाठ संग्रह | Apne Me Savdhan
▶︎

अपने में सावधान | आध्यात्मिक भजन | ब्र. श्री रवींद्रजी 'आत्मन्' | सहजपाठ संग्रह | Apne Me Savdhan

JO JO DEKHI VEETRAG NE SO SO जो जो देखी वीतराग ने सो सो
▶︎

JO JO DEKHI VEETRAG NE SO SO जो जो देखी वीतराग ने सो सो