भारत का सबसे बड़ा सस्ता- महुआ, सल्फी, ताड़ी, दारू और सांप जैसा मछली बाजार || Nangur Bajar Bastar
सबसे सस्ता दारू बाजार महुआ सेल्फी ताड़ी लदा आयुर्वेदिक नशीली पदार्थ का अनोखा बाजार भारत का सबसे सस्ता बाजार सब्जी भाजी राशन समान लेकर खाने पीने पहनने का कपड़ा अन्य क्षेत्रों के मुताबिक काफी सस्ता वैसे तो पूरे भारत देश में अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय बाजार लगता ही है और अपने अपने क्षेत्रों के अनुसार बोली भाषा से लेकर रहन-सहन खान-पान वेशभूषा से लेकर बहुत कुछ अलग देखने को मिलता है ठीक उसी प्रकार बस्तर में भी अलग देखने को मिलता है जो अन्य क्षेत्रों के मुताबिक काफी अलग है जहां कि रहन-सहन हो खानपान कला संस्कृति रीति रिवाज से लेकर वेशभूषा यहां तक की बोली भाषा भी अन्य क्षेत्र के मुताबिक अलग होता है बस्तर एक संभाग है जो छत्तीसगढ़ राज्य के अंतर्गत आता है और इस संभाग में 7 जिला है सातों जिला में हर एक 10 किलोमीटर के अंतर्गत आपको लोकल हॉट बाजार देखने को मिलेंगे जिसमें आसपास के गांव वाले खरीदारी के लिए आते हैं शांत क्षेत्र विशेषकर जंगलों के बीच में पेड़ पौधों की छांव में पन्नी को लगाए रहते हैं अन्य क्षेत्रों के मुताबिक यहां के बाजार सुबह से ही प्रारंभ हो जाता है और दोपहर के अंत मे बाजार के बारे में कम शब्द में प्रदर्शित करना मुश्किल चापड़ा चटनी बस्तर आदिवासी बहुमूल्य क्षेत्र में चापड़ा की चटनी की विशेष भूमिका देखने को मिलती है लाल रंग की चींटी जो विशेष रूप से पेड़ पौधों में देखने को मिलती है जैसे आम महुआ में विशेषकर यह घर बनाए होते हैं लाल रंग की चींटी होती है जिसे अलग-अलग क्षेत्रों में अलग अलग नाम से जाना जाता है बस्तर की स्थानीय बोली भाषा हल्बी में इसे चापड़ा चटनी का नाम दिया जाता है जिसे लोगों द्वारा पेड़ पौधों से निकालकर चींटी और उनके अंडे को भी साथ में लाया जाता है और घर में उपकरण के माध्यम से मिर्ची नमक ऐसे बहुत कुछ मिलाकर चटनी तैयार किया जाता है इस चींटी का चटनी सेवन करने से सामान्य बुखार मलेरिया तक भी ठीक हो जाता है ऐसे लोगों द्वारा मान्यता है चापड़ा की चटनी का स्वाद और बनती पद्धति को देखने के लिए लोग दूर-दूर से सफर करते हैं बस्तर का साग - सब्जी अधिकतर ऐसे क्षेत्रों में सब्जी का उपयोग तो बहुत कम ही किया जाता है क्योंकि यह पेड़ पौधों से प्राप्त इमली अचार महुआ के फल भाजी मछली का सुखा , बरी ऐसे बहुत चीजों को सुखाकर अन्य मौसम के लिए रखा जाता है जिसके कारण उसे सब्जी की बहुत कम खरीदारी करने को पड़ता है सब्जी यहां किलो के भाव में बहुत कम मिलता है चाहे आलू प्याज क्यों ना हो आपको कूड़े में ही मिलेगा जंगलों से प्राप्त अनेक प्रकार के सभी जो आप को आकर्षित कर सकते हैं मौसमी रूप से करील, मशरूम ,बोड़ा काफी महंगा सब्जी है अन्य क्षेत्रों के मुताबिक यहां हर एक सब्जी सस्ता मिलेगा लौदा ,सल्फी ,महुआ ,ताड़ी ,नशीली, शराब यह क्षेत्रों में अधिकतर लोगों को रोजगार के साधन पेड़ पौधों पर जंगलों पर निर्भर है जंगलों से प्राप्त फल फूल के माध्यम से ही इनका जीवन यापन चलता है सबसे ज्यादा आम इमली कोसा कोदो कुटकी रागी मसूर दाल रोजगार के साधन में लाया जाता है ठीक इसी प्रकार पेड़ पौधों से ही नशीली पदार्थ तैयार किया जाता है जैसे छिन जिसे खजूर का छोटा रूप बोल सकते हैं उस पेड़ से निकला हुआ सफेद रंग का तरल पदार्थ ताड़ी कहलाता है जो बेहद नशा करता है और काफी सस्ता इस बाजार में देखने को मिलता है लौंदा जिसे चावल को सड़ा कर तैयार किया जाता है जो सबसे सस्ता होता है और यहां स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक बताया जाता है जिसके कारण इन्हें महिला पुरुष छोटे बच्चे भी सेवन करते हैं महुआ जो सबसे ज्यादा मात्रा में यहां देखने को मिलता है पुरुष वर्ग में काफी पसंद किया जाता है बाजार में इनकी बिक्री काफी देखने को मिलती है महुआ का सेवन के बाद मुर्गा लड़ाई मनोरंजन मैं लोगों की अहम भूमिका रहती है सल्फी सल्फी बहुत कम क्षेत्रों में देखने को मिलता है लेकिन बस्तर अंचल में यह बहुत ही आम बात है , सल्फी का पेड़ बहुत ही लंबा होता है जिसे देख लोग हैरान हो जाते हैं इतने बड़े-बड़े पेड़ से सल्फी को निकालना बहुत मुश्किल होता है लेकिन यहां के लोगों के लिए बहुत ही आसान काम है यह लंबे लंबे पेड़ में यहां के स्थानीय लोग आसानी से चढ़ जाते हैं और ऊपर में ही बर्तन या फिर मिट्टी के मटकी को रखे रहते हैं जिसमें से सल्फी पेड़ के ढंगाल को काटने के बाद धीरे-धीरे रिज रिज कर सल्फी मटके में भर जाता है जिसका खुशबू बेहद ही अलग होता है और लोगों की काफी पसंद होता है क्योंकि यह अन्य क्षेत्रों में देखने को ही नहीं मिलता इसलिए इस के शौकीन भी बहुत लोग होते हैं जो दूर-दूर से खास सल्फी का सेवन करने के लिए बस्तर दौरे में रहते हैं पहले से ही यहां पर ऐसे नशीली पदार्थ को खुलेआम बाजार में बेचने की अनुमति है जो कि अन्य क्षेत्रों में नहीं . thank s for waching Bastar Tribal market Bastar Village Tribal Drinking Market Chhattisgarh

23 June 2026 CG News Today | CG Fatafat News | Chhattisgarh Breaking News | CM Vishnu Deo Sai

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