“साक्षी रहूँ, मुक्त रहूँ” | #vedantamusic #advaitavedanta #vedanta
“साक्षी रहूँ, मुक्त रहूँ” सा रे ग म प, म ग रे सा । ग म प ध नि, ध प म ग रे सा ॥ साक्षी रहूँ, मुक्त रहूँ, देह में रहकर देहातीत। आए जाएँ सुख-दुःख सारे, मन रहे शांत, अचल, प्रीत। ॥ देह साथ चले, छाया जैसे, छू न सके मेरा चित। माया पास हो, गुण भी आएँ, पर मैं रहूँ अलिप्त। इंद्रियाँ चलें, विषय मिलें, ना उठे भोक्ता-भाव। गुण गुणों में खेल रचें, मैं उभय-साक्षी ठहराव। साक्षी रहूँ, मुक्त रहूँ, देह में रहकर देहातीत। आए जाएँ सुख-दुःख सारे, मन रहे शांत, अचल, प्रीत। ॥ जहाँ काम जगे, लोभ ठहरे, अप्राप्ति में क्रोध बसे। निष्काम हुआ जो अंतर से, विकार स्वयं ही ढहें। मैं आत्माराम, विश्रामधाम, जग भी मुझमें विश्राम। जो ‘मैं करता’ छोड़ चला, पाया नित शांति-धाम। साक्षी रहूँ, मुक्त रहूँ, देह में रहकर देहातीत। आए जाएँ सुख-दुःख सारे, मन रहे शांत, अचल, प्रीत। ॥ विषयों में भी ब्रह्म दिखे, यही नित्य-मुक्ति का रंग। पाप–पुण्य की रेखाएँ, मुझसे रहें सदा भंग। चलता जीवन, ठहरा मैं, कर्ता-भाव न साथ। जो अकर्ता होकर जी ले, कट जाए भव का हाथ। साक्षी रहूँ, मुक्त रहूँ, देह में रहकर देहातीत। आए जाएँ सुख-दुःख सारे, मन रहे शांत, अचल, प्रीत। ॥ देह में हूँ, देह नहीं, यह बोध बना आधार। छाया आए, छाया जाए, मैं रहूँ चैतन्य-सार। बद्ध वही जो माने कर्ता, भ्रम में उलझा जाए। साक्षी बनकर जो जी ले, उसका मन खिल जाए। साक्षी रहूँ, मुक्त रहूँ, देह में रहकर देहातीत। आए जाएँ सुख-दुःख सारे, मन रहे शांत, अचल, प्रीत। ॥ नित्य मुक्ति का यही रहस्य, देखूँ, छुऊँ नहीं। विकार जहाँ न उठें भीतर, वहीं ब्रह्म की ध्वनि। शांत, अचल, उजास-भरा, मैं ही अपना पथ। साक्षी रहूँ, मुक्त रहूँ, यही भक्ति, यही रथ। साक्षी रहूँ, मुक्त रहूँ, देह में रहकर देहातीत। आए जाएँ सुख-दुःख सारे, मन रहे शांत, अचल, प्रीत। ॥ साक्षी रहूँ, मुक्त रहूँ, अकर्ता का बोध। जीवन गाए मौन राग, मिटे सभी विरोध। Note: This devotional content was created with the support of AI tools under human guidance. It is intended solely for spiritual and creative expression. Copyrights © 2025 Learn Advaita Vedanta.

“एक ही ज्योति, अनेक दीये” | #advaitavedanta #vedanta #krishnabhakti #krishna

भजन - तेरी रहमतें जो बरसती न होतीं #spiritualawareness1

Stoppt die Kriegstreiber in Europa: Köppels Brandrede für den Frieden

कबीर भजन | Re Man, Kahe Bhatake Bavare?

Joyful Mood | 1 Hour Peaceful Indian Instrumental Music for Relaxation & Sleep #music

“मैं शुद्ध, अनंत, आनंद स्वरूप” | #advaitavedanta #vedanta #bhakti #devotionalsong

Cortisol Too High This Morning? 🌱 | Raag Bhairavi inspired Bansuri to Lower Cortisol & Reset

प्रभु जिस हाल में तू रखे | Peaceful Devotional Surrender Bhajan | Lyrics: Bindu Gupta

क्या बेटे ही बुढ़ापे का सहारा होते हैं? | Osho Hindi pravachan #osho

जो है, वही हूँ, कुछ और नहीं हूँ | Self Acceptance| Advaita Realisation

अनहद की धुन | Soulful Nirgun Bhajan | Inner Peace Mantra | #Nirgun Bhajan

Let go of what is not mine | The beginning of detachment | Advaita Vedanta Motivational Hindi Song

प्रभु वाणी – मैं तेरे संग हूँ — A Divine Message to Every Soul

चिदाकाश की गूँज | Chidakash Ki Goonj | Inner Sky Meditation | Deep Meditation Music | Anhad Naad

“दो पक्षी, एक ही वृक्ष” | #advaitavedanta #vedanta #vedantamusic

“गुरु ही ब्रह्म — भय का अंत” | #guru #gurukripa #krishna #krishnabhakti

शून्य के पार है घर मेरा | Soulful Nirgun Bhajan for Inner Peace | Kabir Inspired Sufi Bhajan

Wake Up with Krishna 🌿 Peaceful Dawn Meditation Music

ज्ञानगीत: मैं शुद्ध हूँ... मैं बुद्ध हूँ...। आत्मस्वरूप गीत | ज्ञानमार्ग सेवा। सहज ज्ञान।

