जब सब कुछ एक ही परमात्मा में स्थित है | भगवद्गीता अध्याय 13 श्लोक 31

भगवान श्रीकृष्ण इस श्लोक में दिव्य दृष्टि का वर्णन करते हैं। सामान्य व्यक्ति संसार में भेद देखता है—जाति, धर्म, रूप, धन और पद का भेद। लेकिन ज्ञानी पुरुष समझता है कि सभी जीव एक ही परमात्मा के अंश हैं और सम्पूर्ण सृष्टि उसी परम सत्य से प्रकट हुई है। जब हमारी दृष्टि में एकता आ जाती है, तब द्वेष, अहंकार और ईर्ष्या समाप्त हो जाते हैं। यही ब्रह्मज्ञान है और यही मुक्ति का मार्ग है। जो व्यक्ति प्रत्येक जीव में भगवान की उपस्थिति को देखता है, वह आध्यात्मिक पूर्णता की ओर बढ़ता है। 🙏 हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे 🙏 ... 📸 Instagram: @Sumits.04 https://www.instagram.com/sumits.04?i... ... 📘 Facebook:   / ⁠�   .. #BhagavadGita #GitaChapter13 #Shlok31 #LordKrishna #KrishnaBhakti #SanatanDharma #Spirituality #GitaGyan #Bhakti #Vedanta #SelfRealization #HareKrishna #Motivation #KrishnaConsciousness #TheSumitSharmaStoryteller