#षडक्षर #राममन्त्रराज_का_अद्भुत_प्रभाव_ और_लाभ, #rammantr ka adbhut prabhav aur labh

षडक्षर राममन्त्र के जप की महिमा और लाभ साधक को सर्वप्रथम योग्य गुरु से मन्त्रराज की दीक्षा लेकर विधि विधान सीखकर जप में तत्पर होना चाहिए । माहात्म्य--षडक्षर राम मन्त्र मन्त्रराज कहा जाता है । गाणपत्य, शाक्त, सौर और शैवमन्त्रों से यह करोड़ों गुना अधिक फल देने वाला है । वैष्णव मन्त्रों में भी राम मन्त्र सर्वाधिक फलप्रद है । षडक्षर मन्त्र को सर्वपापनाशक, सर्वोत्तम मन्त्र एवं मन्त्रराज कहा गया है-- "षडक्षरोSयं मन्त्रस्तु सर्वाघौघविनाशन:। मन्त्रराज इति प्रोक्त: सर्वेषामुत्तमोत्तम: ।। इस राममन्त्रराज के समान मन्त्र ब्रह्माण्ड में , प्रतिदिन होने वाले, पक्ष, मास, ऋतु और वर्षों तक किये गये पापों का प्रक्षालक राम मन्त्र है । चाहे मदिरापान हो या मातातुल्य दारागमन या अभक्ष्य मांसादि का भक्षण, माता पिता आदि का वध ।‍‍ इन सबसे समुत्पन्न दुरित का दलन श्रीराम मन्त्रराज करता है । अधिक क्या! तीर्थराज प्रयाग आदि में भी जो पाप प्रायश्चित करने पर नष्ट नहीं होते हैं । उन सभी पापों का समूल विध्वंस यह मन्त्रराज करता है । कृच्छ्र चांद्रायण आदि विविध व्रतों से भी जो पाप नष्ट नहीं होते हैं । उनका भी विनाश राममन्त्रराज के जप से शीघ्रातिशीघ्र हो जाता है । मन्त्रराज के जप के प्रभाव से भूत, प्रेत, पिशाच, कूष्माण्ड, पूतना आदि दुष्ट ग्रह और भयंकर ब्रह्मराक्षस आदि दूर से ही भाग जाते हैं भूतप्रेतपिशाचाद्या: कूष्माण्डग्रहराक्षसा: ।। दूरादेव पलायन्ते मन्त्रराजप्रभावत: । इस मन्त्रराज के समान ब्रह्माण्ड में कोई दूसरा मन्त्र नहीं है । यह सकाम भाव वालों को भोग पदार्थ तथा निष्काम भक्ति वालों को मुक्ति प्रदान करता है ।--- " मन्त्रराजसमो मन्त्रो जगत्स्वपि न विद्यते। सकामानां भुक्तिदोSयं निष्कामाणां च मुक्तिद:।। जो मानव भोग और मोक्ष दोनों के आभिलाषी हैं । उन्हें यह मन्त्रराज भोग और मोक्ष दोनों प्रदान करता है ।--- " नृणामुभयकामानां मुक्तिमुक्तिप्रदायक: ।" ---सारसङ्ग्रह, श्रीविद्यार्णवतन्त्र, भाग-2, 28श्वास, षडक्षर राम मन्त्र जिसे मन्त्रराज कहते हैं । वह कामना भेद से 6 प्रकार का है । 1-मोक्ष की कामना वाले "रां रामाय नमः" इस मन्त्र का जप करते हैं । 2-काम पदार्थ के इच्छुकों को क्लीं बीज लगाकर " क्लीं रामाय नमः" का जप करना चाहिए । 3--शक्ति प्राप्ति के लिए " ह्रीं रामाय नमः" । 4- वाक् शक्ति बढ़ाने के लिए या वाणी सिद्ध करने के लिए " ऐं रामाय नमः' का जप । 5--रूपये धन, लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए " श्रीं रामाय नम:" का जप । 6--"ॐ रामाय नम:" का जप । मन्त्रराज का यह विशेष भेद केवल इसलिए है कि जो साधक भौतिक पदार्थ चाहते हैं । उन्हें इन विशेष बीजों के संयोजन से वे फल पहले मिलेंगे । बाद में मोक्ष की प्राप्ति होगी । जो रां या ॐ बीज युक्त मन्त्रराज का जप करेंगे। उनके जीवन में भी धर्म अर्थ, काम एवं मोक्ष रूपी फल होगा । पर मोक्ष के अविरुद्ध भोगादि की प्राप्ति होगी । हनुमानजी जी महाराज ने कहा है कि षडक्षर मन्त्रराज का प्रयोग ऐहिक फल के लिए न करें। यह शीघ्र मोक्षप्रदियक है । ऐहिक फल की इच्छा हो तो मुझे रामसेवक का स्मरण करे; क्योंकि रामभक्तों के कार्य को सिद्ध करने की मैंने दीक्षा=व्रत ले रखा है । भगवान् राम के वाचक रा और म इन दोनों अक्षरों का प्रवेश अष्टाक्षर नारायण मन्त्र एवं पञ्चाक्षर शिव मन्त्र में है । जिसके कारण वे मुक्तिप्रद माने जाते हैं। यदि अष्टाक्षर मंत्र से "रा" और पञ्चाक्षर से "म" निकाल दें तो ये दोनों मन्त्र इस प्रकार हो जायेंगे -- " ॐ नमो नारायणाय = "ॐ नमो नाय नाय" इस मन्त्र से रा निकाल देने पर " णाय" का अवयव जो ण था । उसकी निवृत्ति हो गयी ; क्योंकि र को ही निमित्त मानकर ही "अयन" ( नार: अयनं यस्य स नारायण: ,नार+अयन= नारायण, चतुर्थी में नारायणाय ) के न को णत्व हुआ था । पञ्चाक्षर "नम: शिवाय" से म निकाल दें तो "न शिवाय" बचेगा । ऐसी स्थिति में ये दोनो मन्त्र मुक्तिप्रद नहीं होंगे । नाय नाय यदृतेSष्टाक्षरं पञ्चाक्षरं न शिवाय यद्विना । मुक्तिदं द्वयं भवति यद्वशात् तद्वयं राम नामोपास्महे ।। जिन नारायण और शिवमन्त्र की मुक्तिदायकता रा और म इन वर्णों के अधीन है । उस राम नाम के माहात्म्य के विषय में क्या कहना !! रामतापनीयोपनिषद् में महर्षि याज्ञवल्क्य और महर्षि भरद्वाज का संवाद है । भरद्वाज ने पूछा तारक ब्रह्म क्या है? याज्ञवल्क्य ने " रां रामाय नम:" इस मन्त्र को तारक ब्रह्म बतलाते हुए कहा कि गर्भ,जरा, मरण और संसार के सभी महान् भयों से जो तार दे । उसे तारक ब्रह्म कहते हैं। जो इस मन्त्र का प्रतिदिन जप करता है।वह ब्रह्महत्या,भ्रूणहत्या आदि सभी पापों से तर जाता है। संसार सागर से पार जाकर मोक्ष प्राप्त कर लेता है । अन्त में महर्षि याज्ञवल्क्य ने उद्घोष किया कि जो प्राणी भगवान् राम के इस षडक्षर मन्त्रराज का नित्य जप करता है । वह इतिहास पुराण और शिवमन्त्रों का लाखों वार जप कर लिया है । उससे गायत्री का लाखों जप अर्थात् पुरश्चरण सम्पन्न हो जाता है । ओंकार का 100 अरब जप हो जाता है । इतना ही नहीं। वह अपनी पूर्व की 10 पीढ़ियों और बाद की 10 पीढ़ियों को पवित्र कर देता है । वह पंक्तिपावन ब्राह्मण हो जाता है । और अन्त में मोक्ष प्राप्त कर लेता है -- "सोSमृतत्वं च गच्छति।" विनियोग--ॐ अस्य षडक्षर श्रीराममन्त्रस्य श्रीजानकी ऋषि: गायत्री छन्द: श्रीरामो देवता रां बीजं नमः शक्ति: रामाय कीलकं श्रीसीतारामप्रीत्यर्थे जपे विनियोग: । बोलकर दायें हाथ का जल भूमि या किसी पात्र में डाल दें। तत्पश्चात् ऋष्यादिन्यास अंगन्यास और करन्यास करें । जय श्रीराम --#आचार्यसियारामदासनैयायिक

रां बीज की महिमा Ram Beej Ki Mahima Vaishnav Matabj Bhaskar
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पौराणिक सन्ध्योपासनम्॥ समझने और करने के दोनों भाग इसीमें हैं॥ अपने प्रश्नों को comment karen॥
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श्री राम जै राम जय जय राम मंत्र का रचइता कौन है? यह मंत्र कब किसको दिया गया? Shri Ram Jai Ram Jay..
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श्रीराम विष्णु नहीं, बल्कि महाविष्णु हैं ||रामानंद संप्रदाय स्वतंत्र है| जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य
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षडक्षर #राममन्त्रराज_के_चमत्कारी_प्रयोग,part-1, #kshadakshar_ram_mantr_ke_chamatkari_prayog
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'ज्ञ'  का सही उच्चारण क्या होना चाहिये ?
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#श्रीराम जय राम जय जय राम #मन्त्रराज का पुरश्चरण,#shriram jay ram jay jay ram_mantrraj_ka_पुरश्चरण
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राम नाम का बाण । राम नाम मंत्र  । राम नाम जप।  राम जप। भव से पार लगा देता हैं।भाग 1/Part 1
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रग रग से कैसे निकले ईष्ट का नाम ? ।। नाम जप की गुप्त विधि ।। श्रीमज्जगद्गुरु पुरीशंकराचार्य महाभाग
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रां,क्लीं,श्रीं,ऐं,गं,क्ष्रौं प्रभृति बीज मन्त्रों का शुद्ध उच्चारण
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श्री राम तारक मंत्र साधारण नहीं ; साक्षात् भगवान् ही हैं | श्री राम तारक मंत्रराज परम्परा |
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रामरक्षा स्तोत्रम्, शत्रु-ग्रह-रोग-प्रयोगों का समूल नाशक,पाठ की विधि, एवं लाभ
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रामरक्षा स्तोत्रम्, शत्रु-ग्रह-रोग-प्रयोगों का समूल नाशक,पाठ की विधि, एवं लाभ

राम नाम की महिमा कृष्ण द्वारा Ram naam ki mahima krishna dwara
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राम नाम की महिमा कृष्ण द्वारा Ram naam ki mahima krishna dwara

पार्ट 2तत्वदर्शी राम नाम का गूढ़ रहस्य जानने वाले मानस की चौपाइयों का सही व्याख्याकोई नहीं कर सका
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पार्ट 2तत्वदर्शी राम नाम का गूढ़ रहस्य जानने वाले मानस की चौपाइयों का सही व्याख्याकोई नहीं कर सका

मैं सब देख लेता हूं- Jagadguru Rambhadracharya | Ram Mandir | Rambhadracharya Speech | Aaj Tak
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कौन है चार राम //आवागमन से कौन से राम बचायेंगे //राम नाम की महिमा भारी //ram amritwani/ भाग 2
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कौन है चार राम //आवागमन से कौन से राम बचायेंगे //राम नाम की महिमा भारी //ram amritwani/ भाग 2