दैनिक वैदिक हवन-संध्या-स्वाध्याय

आइए आज फिर हम लोग हवन-संध्या-स्वाध्याय करते हैं। हवन से अंदर और बाहर की शुद्धि और संध्या से आत्मस्थ होने का एक पुनः प्रयास किया जाए। क्या आप तैयार हैं? यदि हां तो कृपया अपना नामोल्लेख भी करें।