श्याम ! अब तुमहिं मान लो हार (With English Subtitle) - Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj

प्रेम रस मदिरा, सिद्धांत माधुरी, पद क्र -99 की व्याख्या l श्याम ! अब तुमहिं मान लो हार l यह मन मूढ़ अनादि काल ते, ठाने हठहिं गमार l तुम कह कृपा करहुँ मैं जब मन, प्रणत होय इक बार l मन कह प्रथम कृपा करु तब हौं, अइहौं शरण तिहार l अति महान तुम पिता हमारे, पुत्र खात नित मार l माया दासिहिं बरजि 'कृपालुहिं', देहु प्रेम सरकार l भावार्थ :- हे श्यामसुन्दर ! अब तुम ही अपनी हर मान लो l यह मूर्ख मन तो सदा से दुराग्रह किये है तुम कहते मैं कृपा तब करुँगा जब मन एक बार मेरी शरण में आ जाय l मन कहता है कि पहले कृपा कर दो तब मैं शरण में आऊँगा l तुम सरीखे महान पिता को पाकर भी इस झगड़े में तुम्हारा पुत्र जीव कष्ट पा रहा है l ' श्री कृपालु जी' कहते हैं - अतएव कृपा करके अपनी माया दासी को रोक लो एवं मुझे प्रेम-दान कर दो l अवश्य लाभ लेवें। *** जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज कौन है ? जगदगुरू श्री कृपालु जी महाराज इस युग के सम्पूर्ण विश्व के जगद्गुरुत्तम ( प्रत्येक जीव के गुरु ) है। काशी विद्वत परिषत् (भारत के लगभग 500 शीर्षस्थ शास्त्रज्ञ, वेदज्ञ विद्वानों की सभा) ने श्री कृपालु जी के कठिन संस्कृत में दिए गए विलक्षण प्रवचन को सुनकर एवं भक्ति रस से ओतप्रोतअलौकिक व्यक्तित्व को देखकर मंत्रमुग्ध होकर 14 जनवरी सन 1957 को एकमत होकर आपको मात्र 34 वर्ष की आयु में "जगद्गुरुत्तम" की उपाधि से विभूषित किया। उन्होंने स्वीकार किया कि श्री कृपालुजी जगद्गुरुओं में भी सर्वोत्तम हैं। आपके बारे में कहा कि " काशी के पंडित आसानी से किसी को समस्त शास्त्रों का विद्वान् नहीं स्वीकार करते l हम लोग तो पहले शास्त्रार्थ करने के लिए ललकारते हैं l हम उसे हर प्रकार से कसौटी पर कसते हैं और तब हम उसे शास्त्रज्ञ स्वीकार करते हैं l हम आज इस मंच से इस विशाल विद्वन्मंडल को यह बताना चाहते हैं कि हमने संताग्रगण्य श्री कृपालुजी महाराज एवं उनकी भगवद्दत्त प्रतिभा को पहचाना है और हम आपको सलाह देना चाहते हैं कि आप भी इनको पहचानें और इनसे लाभ उठायें l जगदगुरू श्री कृपालुजी महाराज विश्व के पांचवे मूल जगतगुरु हैं। उनके पूर्व केवल 4 महापुरुषों को ही जगद्गुरु की मूल उपाधि प्रदान की गई थी- जगद्गुरु श्री शंकराचार्य, जगद्गुरु श्री निंबार्काचार्य, जगतगुरु श्री रामानुजाचार्य, जगतगुरु श्री माधवाचार्य। पूर्ववर्ती आचार्यों के दार्शनिक सिद्धांतों को सत्य सिद्ध करते हुए अपना समन्वयवादी दार्शनिक सिद्धांत प्रस्तुत करने वाले जगदगुरू श्री कृपालुजी महाराज को काशी विद्वत परिषद ने 'निखिल दर्शन समन्वय आचार्य 'की उपाधि से विभूषित किया तथा उन्हें भक्तियोग रसावतार' की उपाधि दी। श्री महाराजजी का दिव्य प्रवचन निम्नलिखित टीवी चैनलों में से किसी को भी नियमित रूप से सुनने से अद्भुतआध्यात्मिक लाभ होंगे l चैनल दिन समय news 18 India प्रतिदिन प्रातः 5:30 से 6:00 बजे तक news24 सोम से शुक्र प्रातः 6:25 से 6 :50 बजे तक भारत समाचार प्रतिदिन प्रातः 6:50 से 7:15 बजे तक साधना भक्ति प्रतिदिन प्रातः 8:15 बजे से 8: 40 बजे तक आस्था प्रतिदिन सायं 6:20 बजे से 6 :45 बजे तक संस्कार सोम से शनि सायं 8:35 से 9:00 बजे तक जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज की जय !!! सद्गुरु सरकार की जय !!! connect with us at facebook:   / rgss108   Whatsapp Channel: "Kripalu Radhe" : 08770799212 Instagram:   / sushree_dhameshwari_devi   twitter: https://twitter.com/DhameshwariDevi?s=08

ऊधो ! कहियो हरि समुझाय | Udho! Kahiyo Hari Samujhaya - Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj (Lecture)
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अपने हाथों से सब बर्बाद किया हमने -जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज
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अरी ओ घूंघट वारी नारि (पद व्याख्या) | Ari O Ghunghat Vaari Naari (Keertan & Explanation)
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Ek Kaam ki baat suno man (1984) Jagadguru Shree Kripalu ji Maharaj (Old Memories)
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कामरी वारे पै, का मरी जात - पद व्याख्या | Kaamri ware pai ka mari jaat - pad vyakhya
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अरे मन उभय रूप जग जान (पद व्याख्या - भाग १) | Ubhaya Roop Jaga Jaan (Lecture 1)
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भगवान् से प्रेम कैसे हो (प्रवचन) | How Can We Attain God's Love?
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Jagadguru Kripaluji Maharaj’s Historic Lecture in Krishna’s City Dwarka [Subtitled]
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कृपालु ने बोलती बन्द कर दी उद्धव परमहंस की
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'जयराम योगी!' 'जयराम माय!' | Jairam Yogi jairam maay
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दुःख सदा को समाप्त कैसे होंगे - Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj Pravachan || Pravachan in hindi ||
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जबरदस्त व्याख्या! 100X हो जाएगा श्री कृष्ण से प्यार || Jagadguru Kripalu Ji Pravachan
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Mo Pai Jaadu Daar Gayo Hari Part 1
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मो सम् पतित बड़ो भयो को | Bhayo Ko Mo Sama Patit Bado || Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj |
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नवनि हित झगरत दोउ सुखधाम | navni hit jhagrat dou sukhdham
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भगवन्नाम की शक्ति | The Power of God's Name
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प्रेम रस बरसत कुंज मझार (पद व्याख्या) | Prem Ras Barasat Kunj Majhar (Explanation)
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Mind को Control करने वाली साधना दिनचर्या | Jagadguru Kripalu Ji Maharaj Pravachan
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ये समझ लीजिये!  फिर कभी Tension नहीं होगा | एक काम की बात सुनो मन-8/9 | Jagadguru Kripalu Ji Maharaj
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ये समझ लीजिये! फिर कभी Tension नहीं होगा | एक काम की बात सुनो मन-8/9 | Jagadguru Kripalu Ji Maharaj

आजु ठगाय गई, दई! हौं - पद व्याख्या | Aaju thagaya gayi, dai haun- Pad Vyakhya
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आजु ठगाय गई, दई! हौं - पद व्याख्या | Aaju thagaya gayi, dai haun- Pad Vyakhya