अगर पति ही पत्नी का सम्मान ना करे तो दूसरा भला क्यों करने लगा....
शीला मिश्रा की कहानी-बीती ताहि बिसार दे Story by Sheela Mishra AudioStory हिन्दी कहानी Podcast #स्वरसीमासिंह शीला मिश्रा देश की एक जानी- मानी साहित्यकार हैं । पिछले पन्द्रह वर्षों से कहानी के साथ साथ उनके आलेख, समीक्षा ,व्यंग्य एवं कविताएँ विभिन्न पत्रिकाओं व अखबारों में तथा आकाशवाणी से निरन्तर प्रकाशित होती रही हैं । वे विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों से निरन्तर कहानी पाठ करती रहतीं हैं। वर्ष 2016 में प्रकाशित उनके कहानी संग्रह 'एक नया आसमान' ने साहित्य जगत में एक विशिष्ट पहचान बनाई है । इस कहानी -संग्रह के लिए उन्हें साहित्य अकादमी द्वारा प्रतिष्ठित " दुष्यंत कुमार पुरस्कार " से सम्मानित किया गया है। इस वर्ष जून माह में आपके दूसरे कहानी संग्रह "अंतर्ध्वनि" ने साहित्य जगत में ज़ोरदार दस्तक दी है। आपको अनेक सम्मान व पुरस्कारों से विभूषित किया गया है,जिनमें से प्रमुख है 1. साहित्य भूषण सम्मान, इलाहाबाद 2 सुन्दर सृजन सम्मान, अखिल भारतीय साहित्य परिषद, भोपाल 3 माधुरी शुक्ला कथा सम्मान, उ.प्र. साहित्य परिषद 4 श्रेष्ठ साधना सम्मान, अखिल भार- तीय भाषा सम्मेलन 5 . शिक्षा सम्मान, कादम्बिनी शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति, भोपाल। 6.माननीय राज्यपाल द्वारा साहित्य सेवा सम्मान , नागरिक कल्याण समिति ,भोपाल प्रसिद्ध पत्रिका ' अहा जिंदगी 'ने आपको श्रेष्ठ कहानी के लिए सम्मानित किया है। आपकी कुछ कहानियों पर भोपाल में ही नहीं अन्य शहरों में भी नाटक मंचित हुए हैं तथा कई कहानियाँ शोधपत्र में शामिल की गई हैं। उनका एक उपन्यास व बालगीत -संग्रह प्रकाशनाधीन है।

लंबे समय तक पड़ोस में रहते मैत्री निभाते दोनों परिवारों को नियति ने कैसे अलग-अलग कर दिया....

सुधा आदेश की कहानी-स्वीकृति |Sudha Adesh ki kahani | हिन्दी कहानी | Podcast

नाराज़ होकर मायके बैठी पत्नी को वापस बुलाने के लिए मित्र की युक्ति काम कर ही गयी।

बेटियों को समाज और परिवार में दोयम दर्जे का मानना क्या समाज के हित में था?

Mridula Garg's "Vo Dusri"|मृदुला गर्ग की कहानी "वो दूसरी" #kahani #socialissues #women #emotional

#डुबकी#गीताश्री की कहानी/एक खूबसूरत स्त्री के,जीवन की रपटीली पगडँडियों पर खो जाने की कहानी

स्त्री को अबला सबला कह कर महिमामंडित किया जाता रहा लेकिन पुरूष का शोषण करने वाला रूप देखा कभी....

शादी में मुझे नहीं बुलाया… पर बैंक में मुझे गारंटी बनाकर बैठा दिया – उन्हें नहीं पता था असली ताक़त कि

#पड़ाव#डॉ.अरुणा सीतेश/उसे अपना जीवन सुखी व पूर्ण लगता रहा,अन्य महिलाओं की तरह अशांत नहीं..फिर क्यों?

विजयदान देथा 'बिज्ज़ी' की कहानी-ठाकुर का रूठना | Vijaydan Detha Bijji ki kahani

जीवन का अवरोह तभी सुकून देता हैजब उसके आरोह का इतिहास सधा रहाहो,नहींतो ढलान पर अक्सर चाल बिगड़ जातीहै

मेरी लड़ाई उस पुरुष से है जो स्त्री को दोयम दर्जे का समझता है,अपनी पत्नी को कमतर आंकता है।

बच्ची के सामने नैतिक मूल्यों को छलनी करते सगे रिश्तों को तार-तार करता एक नग्न संसार खुल रहा था...

लोग प्रेम के पक्ष में कितनी दलीलें दें, पर मेरी नजर में प्रेम स्त्री देह पाने का जरिया भर है.... बस।

“एक सेट ने खोल दी रिश्तों की सच्चाई "

जाही विधि राखे राम ताही विधि रहिए।लेकिन बेटी को फिर भाग्य के विरुद्ध खड़ा करने केलिए वे कृतसंकल्प थे

#अँगूठी#प्रतिभाराय की लिखी कहानी AajSuniye#Angoothi#Pratibha Rayह्रदय को द्रवित कर देने वाली कहानी

एक साड़ी लेने पर क्या-क्या नहीं सुनाया भाई-भाभियों ने - नीरा जीजी | Simmi Saini

वो एक गलत रास्ता - अलका गुप्ता कहानी || Alka Gupta Kahaniyan || Hindi Kahaniyan #bedtimestories

