भाग 2: जीण माता सीकर | Jeen Mata History Sikar | Rajasthan Ki Lok Deviyan Part 2

#RajasthanGK #JeenMata #LokDeviyanPart2 #SikarHistory #RewasaSikar #ChauhanKuldevi #HarshKiPahadi #RPSCExams #CET2026 #RajasthanPoliceSI #StudyNotes #ArtAndCulture #BhavronWaliDevi नमस्कार दोस्तों! "राजस्थान की लोक देवियां" हस्तलिखित नोट्स सीरीज के दूसरे भाग (भाग 2) में आप सभी का स्वागत है। आज की इस क्लास में हम शेखावाटी क्षेत्र की सबसे प्रसिद्ध और चमत्कारी लोकदेवी "जीण माता" के इतिहास, उनके भाई हर्ष की कथा और परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्यों का गहराई से अध्ययन करेंगे। इस वीडियो के मुख्य आकर्षण: जीण माता का परिचय: इनका जन्म चूरू जिले के घांघू गाँव में एक चौहान परिवार में हुआ था। इनके बचपन का नाम 'जयन्ता बाई' था। भाई-बहन का अटूट प्रेम: जीण माता और उनके भाई 'हर्ष' के बीच के अमर प्रेम और मान-मनौव्वल की कहानी अद्भुत है। इनका मंदिर पास ही 'हर्ष की पहाड़ी' पर स्थित है। सबसे लंबा लोकगीत: राजस्थान के संपूर्ण लोकसाहित्य में जीण माता का गीत सबसे लंबा (चिरजा) है, जिसे कनफटे जोगी डमरू और सारंगी के साथ गाते हैं। चौहानों और मीणों की आराध्य: ये सीकर के चौहान राजवंश की कुलदेवी और मीणा समाज की आराध्य देवी हैं। इन्हें 'भवरों वाली देवी' (मधुमक्खियों की देवी) भी कहा जाता है। औरंगज़ेब का घमंड चूर होना: जब मुगल बादशाह औरंगज़ेब ने मंदिर तोड़ने की कोशिश की, तो माता के भवरों (मधुमक्खियों) ने उसकी सेना पर हमला कर दिया था। हारकर औरंगज़ेब ने यहाँ अखंड ज्योत के लिए तेल भेजने का वादा किया और सोने का छत्र चढ़ाया। मेला: रेवासा (सीकर) में प्रतिवर्ष दोनों नवरात्रों (चैत्र और आश्विन) में इनका विशाल मेला भरता है। महत्वपूर्ण प्लेलिस्ट: 🔹 इस सीरीज का भाग 1 (करणी माता) और हमारे चैनल की "राजस्थान के लोक देवता" (28 भाग) की प्लेलिस्ट देखना न भूलें। अगर आपको मेरी यह मेहनत पसंद आती है, तो वीडियो को लाइक करें, शेयर करें व चैनल को सब्सक्राइब करें। धन्यवाद! जीण माता का इतिहास, संस्कृति और उनसे जुड़े प्रामाणिक तथ्य निम्नलिखित हैं: १. सामान्य परिचय एवं पारिवारिक पृष्ठभूमि मूल/बचपन का नाम: जीण माता का वास्तविक नाम जयन्ती बाई था। जन्म स्थान: इनका जन्म घांघू गाँव (चूरू जिला) में चौहान वंश के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। माता-पिता व भाई: इनके पिता का नाम धंधराय चौहान था। इनके एक बड़े भाई थे, जिनका नाम हर्ष (हर्षवर्धन) था। भाई-बहन का अमर प्रेम: लोक मान्यताओं के अनुसार, भाभी के साथ ताना-उलाहना मिलने के बाद जीण माता सांसारिक जीवन त्यागकर तपस्या करने चली गईं। भाई हर्ष उन्हें मनाने आए, लेकिन जब वे नहीं मानीं, तो हर्ष भी उनके पास ही तपस्या में लीन हो गए। २. धार्मिक एवं आध्यात्मिक तथ्य चौहान वंश की आराध्य देवी: जीण माता सीकर के चौहान वंश की कुलदेवी/आराध्य देवी हैं। इसके अतिरिक्त इन्हें मीणा जनजाति की भी आराध्य देवी माना जाता है। अष्टभुजी प्रतिमा: मंदिर के गर्भगृह में माता की अष्टभुजी (आठ हाथों वाली) महिषासुरमर्दिनी स्वरूप की दिव्य प्रतिमा स्थापित है। ढाई प्याला मदिरा: जीण माता को ढाई प्याला मदिरा (शराब) चढ़ाने की अनूठी परंपरा है। माता को मदिरा और बकरे की बलि (अब केवल प्रतीकात्मक/छाग बलि) दी जाती है। मधुमक्खियों की देवी: इन्हें "मधुमक्खियों की देवी" भी कहा जाता है। लोककथा के अनुसार, जब मुगल शासक औरंगज़ेब ने इस मंदिर को तोड़ने के लिए अपनी सेना भेजी, तब माता ने मधुमक्खियों का छर्रा (झुंड) छोड़ दिया था, जिसने मुगल सेना को खदेड़ दिया। हारकर औरंगज़ेब ने यहाँ अखंड ज्योत के लिए घी भेजने का वचन दिया, जो परंपरा आज भी (केंद्र सरकार/प्रशासन द्वारा) जारी मानी जाती है। ३. लोक साहित्य में स्थान (सर्वाधिक महत्वपूर्ण) सबसे लंबा लोकगीत: राजस्थान के सभी लोक देवी-देवताओं में जीण माता का लोकगीत सबसे लंबा (Longest Folk Song) है। चिरजा (चरजा): इनके गीतों को 'चिरजा' कहा जाता है, जिन्हें कनफटे जोगी (नाथ संप्रदाय) डमरू और सारंगी वाद्य यंत्रों के साथ गाते हैं। यह गीत करुण रस से ओत-प्रोत होता है। ४. मंदिर की स्थापत्य कला एवं अवस्थिति मुख्य मंदिर: इनका भव्य मंदिर रेवासा (हर्ष की पहाड़ियों की घाटी में, सीकर जिला) में स्थित है। निर्माण: इस मंदिर का निर्माण विक्रम संवत 1164 (1107 ई.) में चौहान शासक पृथ्वीराज प्रथम के शासनकाल में उनके सामंत राजा हट्टड़ (मोहिल) द्वारा करवाया गया था। हर्ष भैरव का मंदिर: जीण माता मंदिर के पास ही पहाड़ी की चोटी पर उनके भाई हर्षनाथ (भैरव) का मंदिर स्थित है, जिसका निर्माण अलट (गुहिल वंश) या चौहान काल में हुआ माना जाता है। ५. मेले और तिथियां मेला: करणी माता की तरह ही जीण माता का मेला भी प्रतिवर्ष वर्ष में दो बार (चैत्र और आश्विन मास के नवरात्रों में) रेवासा, सीकर में आयोजित होता है। यहाँ की 'सप्तमी' और 'अष्टमी' का मेला मुख्य होता है।

Part 3: Kaila Devi Karauli | Kaila Devi Karauli | Folk Goddesses of Rajasthan Part 3
▶︎

Part 3: Kaila Devi Karauli | Kaila Devi Karauli | Folk Goddesses of Rajasthan Part 3

राजस्थान के लोक देवता भाग 25 : वीर पनराज जी !
▶︎

राजस्थान के लोक देवता भाग 25 : वीर पनराज जी !

भाग 9: आवड़ माता जैसलमेर | Awan Mata Jaisalmer History | Rajasthan Ki Lok Deviyan Part 9
▶︎

भाग 9: आवड़ माता जैसलमेर | Awan Mata Jaisalmer History | Rajasthan Ki Lok Deviyan Part 9

Press conference by Alice Weidel and Tino Chrupalla! - AfD parliamentary group in the Bundestag
▶︎

Press conference by Alice Weidel and Tino Chrupalla! - AfD parliamentary group in the Bundestag

Bhagat Ne Bataya Kaise Chalte Hain Fake Darbar | The Real One
▶︎

Bhagat Ne Bataya Kaise Chalte Hain Fake Darbar | The Real One

Thousands at Demo: German Symbols Banned!💥
▶︎

Thousands at Demo: German Symbols Banned!💥

Mystery of Khatu Shyam | Why Is He Called the God of Kaliyug?
▶︎

Mystery of Khatu Shyam | Why Is He Called the God of Kaliyug?

ज्येष्ठ मास में हर घर में सुनी जाने वाली अधिक मास की चमत्कारी कथा Adhik maas Mahatmya adhyay day 24
▶︎

ज्येष्ठ मास में हर घर में सुनी जाने वाली अधिक मास की चमत्कारी कथा Adhik maas Mahatmya adhyay day 24

भाग 4: शीतला माता चाकसू | Sheetla Mata Chaksu Jaipur | Rajasthan Ki Lok Deviyan Part 4
▶︎

भाग 4: शीतला माता चाकसू | Sheetla Mata Chaksu Jaipur | Rajasthan Ki Lok Deviyan Part 4

Part 8: Swangiya Mata Jaisalmer | Swangiya Mata Jaisalmer | Folk Goddesses of Rajasthan Part 8
▶︎

Part 8: Swangiya Mata Jaisalmer | Swangiya Mata Jaisalmer | Folk Goddesses of Rajasthan Part 8

आंखें भर आयेंगी ये कहानी सुनकर,खाटूश्याम बाबा का चमत्कार,Shyam Ke Chamatkar, ChachakeFacts
▶︎

आंखें भर आयेंगी ये कहानी सुनकर,खाटूश्याम बाबा का चमत्कार,Shyam Ke Chamatkar, ChachakeFacts

जिस रानी ने पूरे भारत के मंदिरों को फिर से जीवित किया 😳 #ahilyabaiholkar #maratha #trending #viral
▶︎

जिस रानी ने पूरे भारत के मंदिरों को फिर से जीवित किया 😳 #ahilyabaiholkar #maratha #trending #viral

राजस्थान के लोक देवता भाग 23 :  क्षेत्रपाल / खेतरपाल जी !
▶︎

राजस्थान के लोक देवता भाग 23 : क्षेत्रपाल / खेतरपाल जी !

Class X | Hindi | Chapter 1 | Surdas ke pad | Full explanation |
▶︎

Class X | Hindi | Chapter 1 | Surdas ke pad | Full explanation |

खाटू श्याम जी मंदिर | श्याम बाबा के चमत्कार, इतिहास और दिव्य महिमा
▶︎

खाटू श्याम जी मंदिर | श्याम बाबा के चमत्कार, इतिहास और दिव्य महिमा

कन्नौज का इतिहास भाग - 2
▶︎

कन्नौज का इतिहास भाग - 2

जगन्नाथ रथ यात्रा की सम्पूर्ण कथा | रहस्य और इतिहास | 17 Hidden Secrets of Jagannath Rath Yatra
▶︎

जगन्नाथ रथ यात्रा की सम्पूर्ण कथा | रहस्य और इतिहास | 17 Hidden Secrets of Jagannath Rath Yatra

7 unique secrets of Tirupati Balaji Temple | Tirupati Balaji Temple Net Worth & Mysteries
▶︎

7 unique secrets of Tirupati Balaji Temple | Tirupati Balaji Temple Net Worth & Mysteries

भीख माँगने आया था भिखारी। घमंडी सास ने अपनी ही विधवा बहू को भीख में दे दिया। फिर भिखारी ने जो किया,
▶︎

भीख माँगने आया था भिखारी। घमंडी सास ने अपनी ही विधवा बहू को भीख में दे दिया। फिर भिखारी ने जो किया,

Navnath Adhyay 6 | मच्छिंद्रनाथ और माँ महाकालिका का दिव्य संघर्ष | Shabari Vidya Ki Maha Shakti
▶︎

Navnath Adhyay 6 | मच्छिंद्रनाथ और माँ महाकालिका का दिव्य संघर्ष | Shabari Vidya Ki Maha Shakti